लखनऊ

सीएम योगी आदित्यनाथ का एनएसजी कमांडो गिरफ्तार, पुलिस ने इस आरोप में पकड़ा

सीएम योगी आदित्यनाथ की सुरक्षा में तैनात एनएसजी कंमांडो (CM Yogi Adityanath NSG Commando) को बुलंदशहर पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया। कमांडो पर पहले मास्क नहीं लगाने और सोशल डिस्टेंसिंग का पालन नही करने का आरोप लगा था।

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Jun 21, 2020
सीएम योगी आदित्यनाथ का एनएसजी कमांडो गिरफ्तार, पुलिस ने इस आरोप में पकड़ा

लखनऊ. सीएम योगी आदित्यनाथ की सुरक्षा में तैनात एनएसजी कंमांडो को बुलंदशहर पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया। कमांडो पर पहले मास्क नहीं लगाने और सोशल डिस्टेंसिंग का पालन नही करने का आरोप लगा था। बुलंदशहर पुलिस के मुताबिक वह शराब के नशे में भी था। उसे आबकारी अधिनियम की धारा 34 के अंतर्गत गिरफ्तार किया और कोतवाली से जमानत देकर छोड़ दिया गया है। दरअसल बुलेट बाइक पर सवार युवक रोहित तेवतिया को बुलंदशहर पुलिस ने गिरफ्तार किया। आरोप था कि वह रात 9 बसे के बाद बिना मास्क के घूम रहा था। पुलिस के रोकने पर उसने अभद्रता की। हालांकि कमांडो ने अपने ऊपर लगे आरोपों को गलत बताया। बाद में पुलिस को पता चला कि रोहित तेवतिया एनएसजी कमांडो है और इस समय वह सीएम योगी की सुरक्षा में तैनात भी है।

यूपी में कोरोना मरीज 17 हजार के पार

उत्तर प्रदेश में शनिवार को संक्रमित मरीजों की संख्या 17 हजार 194 तक पहुंच गई है। शनिवार को 592 मरीज संक्रमित मिले हैं। इसमें सबसे ज्यादा हापुड़ के 65 केस मिले हैं। शनिवार को 22 मौत हुई हैं। इस तरह अब तक कुल 529 मौतें हो चुकी हैं। वहीं डिस्चार्ज होने वाले मरीजों की संख्या 10369 तक पहुंच गई है। यानी 60 फीसद मरीज अभी तक स्वस्थ हो चुके हैं। जिसके बाद प्रदेश में एक्टिव केसों की संख्या 6825 हो गई है। वहीं दूसरी तरफ अब हल्के लक्षण या बिना लक्षण वाले कोरोना संक्रमित मरीज 10 दिन के बाद ही बिना सैंपल टेस्टिंग के घर जा सकेंगे। इंडियन काउंसिल आफ मेडिकल रिसर्च (आइसीएमआर) ने ऐसे मरीजों के डिस्चार्ज प्रोसेस को लेकर नई गाइडलाइन जारी की है।

हल्के लक्षण वाले मरीजों के लिए नई गाइडलाइन

अब हल्के लक्षण या बिना लक्षण वाले कोरोना संक्रमित मरीज 10 दिन के बाद ही बिना सैंपल टेस्टिंग के घर जा सकेंगे। हालांकि उन्हें सात दिन तक होम क्वारंटाइन में रहना होगा। अभी तक इस तरह के मरीजों को भी 14 दिनों तक अस्पताल के आइसोलेशन वार्ड में ही रहना पड़ता था। इंडियन काउंसिल आफ मेडिकल रिसर्च (आइसीएमआर) ने ऐसे मरीजों के डिस्चार्ज प्रोसेस को लेकर नई गाइडलाइन जारी की है। गाइडलाइन में कहा गया है कि हल्के लक्षण के संक्रमित मरीजों से संक्रमण का कोई खतरा नहीं होता है। इसलिए इन्हें 10 दिन के बाद बिना सैंपल टेस्टिंग के घर भेजा जा सकता है। अपर मुख्य सचिव चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अमित मोहन प्रसाद के मुताबिक सभी कोरोना अस्पतालों को निर्देश दिए गए हैं कि वह नई पालिसी के अनुसार मरीजों को अस्पताल से छुट्टी दें। अभी तक कोरोना के संदिग्ध मरीजों को अस्पताल से 21 दिन बाद ही छुट्टी दी जाती थी। अब उन्हें जल्द छुट्टी मिलेगी और वह घर पर क्वारंटाइन रहेंगे। वहीं ऐसे मरीज जिनमें कोरोना के लक्षण पाए जाने के बाद उन्हें अस्पताल में भर्ती किया गया है, उनकी कोरोना रिपोर्ट निगेटिव आने के बाद ही उन्हें अस्पताल से छुट्टी दी जाएगी।

यूपी में दिल्ली से सस्ता हुआ कोरोना का इलाज

एक तरफ प्रदेश में कोरोना वायरस का कहर बढ़ रहा है, तो दूसरी करफ योगी सरकार संक्रमित मरीजों की मदद के लिए हर संभव कोशिश कर रही है। इसी क्रम में सरकार ने अब मान्यता प्राप्त निजी कोरोना अस्पतालों में आयुष्मान भारत योजना के तहत कोरोना मरीजों के इलाज का रेट तय कर दिया है। सरकार ने यह आदेश जारी किया है। जिसके बाद यूपी में कोरोना इलाज का चार्ज दिल्ली से काफी कम हो गया है। सरकार के नए आदेशों के मुताबिक जनरल वॉर्ड के लिए मरीजों को 1800 रुपये देने होंगे। वहीं हाई डिपेंडेंसी यूनिट के लिए 2700 रुपये प्रतिदिन चार्ज देना होगा। बिना वेंटीलेटर के ICU के लिए 3600 रुपये लगेंगे। जबकि वेंटिलेटर युक्त ICU के लिए 4500 रोजाना की प्रतिपूर्ति करनी होगी। वहीं आयुष्मान भारत प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना और मुख्यमंत्री जन आरोग्य अभियान के लाभार्थियों के इलाज पर आने वाले खर्च की प्रतिपूर्ति पहले की तरह ही की जाएगी।

Published on:
21 Jun 2020 03:35 pm
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