1 जनवरी 2026,

गुरुवार

Patrika LogoSwitch to English
home_icon

मेरी खबर

icon

प्लस

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

यूपी चुनाव से पहले ‘भूतों’ से निपटना योगी के लिए बड़ी चुनौती

यूपी की सियासत में फूलन देवी एक बार फिर जिंदा हो गई हैं, मंडल कमीशन की 'आवाजें' भी गूंज रही हैं

2 min read
Google source verification

लखनऊ

image

Hariom Dwivedi

Aug 10, 2021

CM Yogi challenges before up vidhan sabha chunav 2022

यूपी डायरी
महेंद्र प्रताप सिंह
'जस्टिस डिलेड इज जस्टिस डिनाइड' आम वाक्य है। 'जिंदा को न्याय में देरी' भी अब कोई नयी बात नहीं। यूपी में मरे हुए व्यक्ति के खिलाफ भी मुकदमा चलता रहता है। बैंडिट क्वीन फूलन देवी इसकी उदाहरण हैं। 41 साल बाद कोर्ट में फूलन का मुकदमा खत्म हो गया। 20 साल पहले नयी दिल्ली में गोलियां बरसाकर फूलन की आवाज को हमेशा के लिए बंद करा दिया गया। लेकिन, एक बार फिर अब उनकी 'आवाज' का असर यूपी की राजनीति में दिख रहा है। फूलन मल्लाहों की गैंग लीडर थीं। अब 'जलवंशियों' के अपने-अपने लीडर हैं। इन पार्टियों से भाजपा परेशान है। सीएम योगी आदित्यनाथ को यूपी-बिहार से चुनौती मिल रही है। वीआइपी बिहार में राजग की सहयोगी है, तो निषाद पार्टी यूपी में कभी योगी सरकार के साथ गलबहियां करती दिखती है, तो कभी आंखें तरेरती है।

सियासी हलचल के बीच वीआइपी के मुकेश सहनी यूपी के 18 प्रमंडलों में फूलन देवी की प्रतिमा लगाने को लेकर योगी सरकार से टकराव मोल ले चुके हैं। अब वे फूलन की तस्वीर बनी लॉकेट भी घर-घर बंटवाने जा रहे हैं। इधर, निषाद पार्टी के संजय निषाद भी फूलन के नाम पर मल्लाहों को एकजुट कर रहे हैं। भाजपा दोनों को साध रही है। क्योंकि, चुनाव पूर्व वह निषाद समुदाय की नाराजगी नहीं चाहती।

यह भी पढ़ें : अब यूपी बनाएगा अपनी ओबीसी लिस्ट, प्रदेश की कई सवर्ण जातियां पिछड़ा बनने को लालायित

उधर, नीतीश कुमार के सुर में बीएसपी प्रमुख मायावती ने भी सुर मिला दिया है। मायावती ओबीसी समुदाय की अलग जनगणना को लेकर सरकार पर दबाव बना रही हैं। धुर विरोधी नीतीश कुमार और तेजस्वी यादव यूपी में बसपा के साथ खड़े दिख रहे हैं। जनगणना के बहाने मायावती बीजेपी के साथ सियासी जुगलबंदी कर यूपी में पस्त पड़ चुके हाथी को फिर से खड़ा करने की कोशिश में हैं। 31 साल बाद एक बार फिर मंडल कमीशन की 'आवाजें' गूंज रही हैं। सामाजिक न्याय से जुड़े 'भूतों' की इन आवाजों से निपटना योगी के लिए बड़ी चुनौती होगी।

फूलन देवी की जयंती आज
कभी बीहड़ों में आतंक का पर्याय रहीं फूलन देवी की आज जयंती है। तमाम राजनीतिक दलों ने उन्हें श्रद्धासुमन अर्पित किये हैं।

यह भी पढ़ें : ...जब मुलायम के मंच से फूलन देवी ने दिया था जोरदार भाषण, दस्यु सुंदरी से सांसद बनने तक की पूरी कहानी