
सीएम योगी ने एनकाउंटर को लेकर दिया करारा जवाब! Image - X/@myogiadityanath
Police Encounters in Uttar Pradesh:उत्तर प्रदेश में पुलिस मुठभेड़ों को लेकर बढ़ती न्यायिक चिंता के बीच मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने पुलिस की कार्रवाई का खुलकर बचाव किया है।
इलाहाबाद हाईकोर्ट द्वारा हाल के दिनों में संदिग्धों को गोली मारने की बढ़ती घटनाओं पर सवाल उठाए जाने के बाद सीएम योगी ने कहा कि अगर अपराधी को गोली चलाने की आज़ादी है, तो पुलिस को भी जवाब देने का अधिकार होना चाहिए। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में पूछा, “अगर पुलिस गोली न चलाए, तो क्या वह खुद गोली खाए?”
लखनऊ में आयोजित ‘उत्तर प्रदेश फार्मा कॉन्क्लेव 1.0’ के उद्घाटन अवसर पर मुख्यमंत्री ने कहा कि अक्सर लोग सवाल करते हैं कि पुलिस ने गोली क्यों चलाई, लेकिन यह भी समझना होगा कि अपराधी जब खुलेआम फायरिंग करता है, तब पुलिस का कर्तव्य बनता है कि वह स्थिति को नियंत्रित करे। उन्होंने कहा कि पुलिस को इसी उद्देश्य से प्रशिक्षण और हथियार दिए जाते हैं, ताकि वे कानून व्यवस्था बनाए रख सकें और अपराधियों को उसी भाषा में जवाब दें, जिसे वे समझते हैं।
सीएम योगी ने बीते नौ वर्षों का हवाला देते हुए कहा कि राज्य में शांति व्यवस्था मजबूत हुई है। उन्होंने दावा किया कि इस अवधि में न तो बड़े दंगे हुए, न ही संगठित अपराधियों की खुली गुंडागर्दी देखने को मिली। उनके अनुसार, सख्त पुलिस कार्रवाई और प्रशासनिक निगरानी के कारण आम नागरिकों में सुरक्षा का भरोसा बढ़ा है और अपराधियों में कानून का डर कायम हुआ है।
मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि सरकार हमेशा कानून के ढांचे के भीतर रहकर काम करती है, लेकिन कई बार परिस्थितियां ऐसी बन जाती हैं, जब अपराधी कानून से डरने को तैयार नहीं होते। ऐसे में उन्हें कानून की भाषा समझाने के लिए तत्काल कदम उठाने पड़ते हैं। उन्होंने इसे सार्वजनिक सुरक्षा से जोड़ते हुए कहा कि पुलिस का पहला कर्तव्य नागरिकों की जान और संपत्ति की रक्षा करना है।
गौरतलब है कि पिछले सप्ताह इलाहाबाद हाईकोर्ट ने पुलिस मुठभेड़ों पर कड़ी टिप्पणी करते हुए कहा था कि संदिग्धों को पैर में गोली मारने की घटनाएं अब “रूटीन फीचर” बनती जा रही हैं। न्यायमूर्ति अरुण कुमार सिंह देशवाल की पीठ ने कहा था कि पुलिस को सजा देने का अधिकार नहीं है, यह केवल अदालतों के क्षेत्राधिकार में आता है। अदालत ने यहां तक कहा कि मामूली मामलों में भी गोली चलाने की प्रवृत्ति चिंताजनक है और यह पूरी तरह अस्वीकार्य है।
इसी कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने निवेशकों को भी आश्वस्त किया कि उत्तर प्रदेश सरकार उद्योगों के साथ मजबूती से खड़ी है। उन्होंने कहा कि राज्य में पारदर्शी नीतियां, शून्य राजनीतिक हस्तक्षेप और समयबद्ध प्रोत्साहन वितरण सुनिश्चित किया गया है।
Published on:
04 Feb 2026 09:56 pm
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