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अगर पुलिस गोली न चलाए तो क्या खुद गोली खाए? सीएम योगी ने एनकाउंटर को लेकर दिया करारा जवाब!

CM Yogi Adityanath: इलाहाबाद हाईकोर्ट की सख्त टिप्पणी के बीच मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने पुलिस मुठभेड़ों का बचाव करते हुए कानून व्यवस्था और अपराध नियंत्रण पर सरकार के रुख को स्पष्ट किया।

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लखनऊ

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Mohd Danish

Feb 04, 2026

cm yogi police encounters high court row

सीएम योगी ने एनकाउंटर को लेकर दिया करारा जवाब! Image - X/@myogiadityanath

Police Encounters in Uttar Pradesh:उत्तर प्रदेश में पुलिस मुठभेड़ों को लेकर बढ़ती न्यायिक चिंता के बीच मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने पुलिस की कार्रवाई का खुलकर बचाव किया है।

इलाहाबाद हाईकोर्ट द्वारा हाल के दिनों में संदिग्धों को गोली मारने की बढ़ती घटनाओं पर सवाल उठाए जाने के बाद सीएम योगी ने कहा कि अगर अपराधी को गोली चलाने की आज़ादी है, तो पुलिस को भी जवाब देने का अधिकार होना चाहिए। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में पूछा, “अगर पुलिस गोली न चलाए, तो क्या वह खुद गोली खाए?”

फार्मा कॉन्क्लेव मंच से सख्त बयान

लखनऊ में आयोजित ‘उत्तर प्रदेश फार्मा कॉन्क्लेव 1.0’ के उद्घाटन अवसर पर मुख्यमंत्री ने कहा कि अक्सर लोग सवाल करते हैं कि पुलिस ने गोली क्यों चलाई, लेकिन यह भी समझना होगा कि अपराधी जब खुलेआम फायरिंग करता है, तब पुलिस का कर्तव्य बनता है कि वह स्थिति को नियंत्रित करे। उन्होंने कहा कि पुलिस को इसी उद्देश्य से प्रशिक्षण और हथियार दिए जाते हैं, ताकि वे कानून व्यवस्था बनाए रख सकें और अपराधियों को उसी भाषा में जवाब दें, जिसे वे समझते हैं।

राज्य में शांति व्यवस्था मजबूत

सीएम योगी ने बीते नौ वर्षों का हवाला देते हुए कहा कि राज्य में शांति व्यवस्था मजबूत हुई है। उन्होंने दावा किया कि इस अवधि में न तो बड़े दंगे हुए, न ही संगठित अपराधियों की खुली गुंडागर्दी देखने को मिली। उनके अनुसार, सख्त पुलिस कार्रवाई और प्रशासनिक निगरानी के कारण आम नागरिकों में सुरक्षा का भरोसा बढ़ा है और अपराधियों में कानून का डर कायम हुआ है।

कानून के दायरे में कार्रवाई की बात

मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि सरकार हमेशा कानून के ढांचे के भीतर रहकर काम करती है, लेकिन कई बार परिस्थितियां ऐसी बन जाती हैं, जब अपराधी कानून से डरने को तैयार नहीं होते। ऐसे में उन्हें कानून की भाषा समझाने के लिए तत्काल कदम उठाने पड़ते हैं। उन्होंने इसे सार्वजनिक सुरक्षा से जोड़ते हुए कहा कि पुलिस का पहला कर्तव्य नागरिकों की जान और संपत्ति की रक्षा करना है।

हाईकोर्ट की सख्त टिप्पणी

गौरतलब है कि पिछले सप्ताह इलाहाबाद हाईकोर्ट ने पुलिस मुठभेड़ों पर कड़ी टिप्पणी करते हुए कहा था कि संदिग्धों को पैर में गोली मारने की घटनाएं अब “रूटीन फीचर” बनती जा रही हैं। न्यायमूर्ति अरुण कुमार सिंह देशवाल की पीठ ने कहा था कि पुलिस को सजा देने का अधिकार नहीं है, यह केवल अदालतों के क्षेत्राधिकार में आता है। अदालत ने यहां तक कहा कि मामूली मामलों में भी गोली चलाने की प्रवृत्ति चिंताजनक है और यह पूरी तरह अस्वीकार्य है।

निवेशकों को भरोसे का संदेश

इसी कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने निवेशकों को भी आश्वस्त किया कि उत्तर प्रदेश सरकार उद्योगों के साथ मजबूती से खड़ी है। उन्होंने कहा कि राज्य में पारदर्शी नीतियां, शून्य राजनीतिक हस्तक्षेप और समयबद्ध प्रोत्साहन वितरण सुनिश्चित किया गया है।