
नागरिकता संशोधन कानून की आग तेज, कई कॉलेज में छुट्टियां घोषित, परीक्षाएं भी हुई निरस्त
लखनऊ. असम और बंगाल से शुरू हुए नागरिकता संशोधन कानून (सीएए) के विरोध की आग पूरे उत्तर भारत में फैल चुकी है। हालातों को देखते हुए सीएम योगी (CM Yogi Adityanath) ने शांति और सौहार्द कायम रखने की अपील की। साथ ही पूरे यूपी में धारा 144 लागू कर दी गई। किसी भी प्रकार की अप्रिय घटना को रोकने के लिए अलीगढ़, सहारनपुर और मेरठ मे इंटरनेट सेवाएं (Internet Services) भी बाधित कर दी गई हैं। इसी बीच छात्रों के बढ़ते विरोध प्रदर्शन को देखते हुए कई कॉलेज भी बंद कर दिए गए।
दिल्ली से उठी आग अलीगढ़ और फिर लखनऊ समेत कई शहरों में पहुंची। दिल्ली के जामिया मिलिया इस्लामिया और अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय समेत उत्तर प्रदेश के विभिन्न जिलों में एक्ट को लेकर बड़ी मात्रा में हिंसात्मक विरोध की आवाज उठी। कई जगह विरोध का असर इतना खतरनाक रहा कि पुलिस और छात्रों के बीच पत्थरबाजी हुई। छात्रों को काबू करने के लिए पुलिस ने लाठीचार्ज भी किया। एएमयू के बाद सोमवार को बनारस और लखनऊ में भी विरोध हुआ। राजधानी लखनऊ के नदवा कॉलेज में छात्रों ने प्रदर्शन किया। इस बीच एएमयू में छात्रों और पुलिस के बीच हुए संघर्ष के बाद 21 लोगों को गिरफ्तार कर लिया गया। वहीं 56 लोगों को नामजद भी किया गया। इसी तरह देवबंद में भी दारुल उलूम कैंपस के छात्रों ने नारेबाजी की।
बंद हुए कॉलेज
लखनऊ के नदवा कॉलेज के साथ ही इंटिग्रेल यूनिवर्सिटी में भी नाराज छात्रों ने प्रदर्शन किया। हालात के मद्देनजर नदवा में पांच और इंटिग्रल में 18 जनवरी तक छुट्टी घोषित कर दी गई। यूपी डीजीपी ओपी सिंह ने बताया कि नदवा कॉलेज के छात्रों के एक गुट ने विरोध कर बाहर आने का प्रयास किया लेकिन उन्हें परिसर के बाहर नहीं आने दिया गया। इस पर छात्रों ने परिसर के अंदर से ही पत्थर फेंके लेकिन कोई घायल नहीं हुआ। विरोध की आग को देखते हुए हॉस्टल खाली कराए गए। विरोध के नाम की हिंसा मऊ और इलाहाबाद विश्वविद्यालय में भी फैली। इलाहाबाद विवि में सोमवार को आयोजित होने वाली परीक्षाएं अब 10 जनवरी को होंगी। मामले में सख्ती दिखाते हुए सीएम योगी ने आजमगढ़ के डीआईजी मनोज तिवारी को हटा दिया। उनकी जगह रविन्द्र गौड़ को नया डीआईजी बनाया गया है। बता दें कि मऊ आजमगढ़ रेंज में आता है।
रुकनी चाहिए हिंसा
नागरिकता संशोधन कानून के लाए जाने से नाराज दिल्ली में कुछ प्रदर्शनकारियों ने सरकारी बसों में आग लगा दी। सुप्रीम कोर्ट ने नागरिकता संशोधन कानून के विरोध के दौरान हिंसा और सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान पहुंचाने को गंभीरता से लिया है। शीर्ष कोर्ट ने मामले पर संज्ञान लेते हुए कहा कि हिंसा किसी भी तरह रुकनी चाहिए। सुनवाई पर कोर्ट ने कहा कि अधिकार सुनिश्चित किए जाएंगे लेकिन इस माहौल में सुनवाई संभव नहीं।
Published on:
17 Dec 2019 01:25 pm
बड़ी खबरें
View Allलखनऊ
उत्तर प्रदेश
ट्रेंडिंग
