रायबरेली और लखनऊ में हुआ प्रदर्शन
लखनऊ। भाजपा सरकार द्वारा आयोजित विधानसभा के विशेष सत्र में शामिल होने वाली कांग्रेस की विधायक अदिति सिंह को पार्टी ने कारण बताओ नोटिस जारी कर दिया है। इससे पहले रायबरेली और लखनऊ में कांग्रेस कार्यालय पर कार्यकर्ताओं ने अदिति को पार्टी से निकाले जाने की मांग को लेकर प्रदर्शन भी किया।
विधान सभा के विशेष सत्र में शामिल होने वाली कांग्रेसी नेता आदिति सिंह को पार्टी ने कारण बताओं नोटिस जारी कर दिया है। कांग्रेस के अजय लल्लू ने शुकवार को सत्र में अदिति की उपस्थिति को अनुशासनहीनता बताते हुए उनसे जवाब मांगा है। इस नोटिस के बाद से अदिति समर्थक निराश दिखने लगे हैं।
विधायक अदिति सिंह को जारी कारण बताओं नोटिस में ये भी कहा गया है कि दो दिन की समयसीमा में अगर जवाब नहीं आया तो पार्टी उनके खिलाफ कार्रवाई करेंगी। कांग्रेस विधायक दल के नेता अजय कुमार लल्लू ने रायबरेली से सदर विधायक सुश्री अदिति सिंह को कारण बताओ नोटिस जारी करके दो दिन के भीतर जबाब देने को कहा है।
विधायक दल के नेता अजय कुमार लल्लू व विधायक दल की उप नेता श्रीमती आराधना मिश्रा ने आज जारी प्रेस विज्ञप्ति में कहा कि 2 अक्टूबर को व्हिप जारी करके सदन का बहिष्कार करने का निर्देश जारी हुआ था। परंतु रायबरेली की सदर विधायक सुश्री अदिति सिंह ने सदन की कार्यवाही में हिस्सा लिया और सदन को सम्बोधित भी किया। यह पार्टी के विरुद्ध अनुशासनहीनता है। सुश्री अदिति सिंह को कारण बताओ नोटिस जारी कर दो दिन के भीतर उनसे जवाब मांगा गया है।
विधान मंडल दल के नेता अजय कुमार लल्लू व उपनेता श्रीमती आराधना मिश्रा ने कहा कि रायबरेली की विधायक सुश्री अदिति सिंह उसूलों, नैतिकता और विचारों की बात करती हैं तो पार्टी से इस्तीफा देकर चुनाव लड़ें, न कि पार्टी में रह कर अनुशासनहीनता करें। पार्टी की लाइन और उसूल नहीं मानने वाले विधायक को उसूल और सिद्धांत पर बात करने का क्या अधिकार है? उनमें यदि जरा सी भी नैतिकता है तो पहले पार्टी की सदस्यता से इस्तीफा दें और फिर भाजपा की गोद में बैठकर नैतिकता की लफ्फाजी करें।
वहीं रायबरेली में कांग्रेस विधायक अदिति सिंह के घर के बाहर कांग्रेसी कार्यकर्ताओं ने घेराव कर हंगामा शुरू कर दिया। वे अदिति सिंह से इस्तीफे की मांग कर रहे हैं।
उल्लेखनीय है कि रायबरेली सदर से कांग्रेस विधायक अदिति सिंह ने बुधवार को पार्टी के आदेश के विपरीत और कांग्रेस पार्टी के सदन के बहिष्कार के फैसले की अवहेलना करते हुए वह न केवल विशेष सत्र में हिस्सा लेने पहुंची वरन अपने विचार भी रखे थे। अभी दूसरे दलों के नेताओं को भी नाटिसें जारी होने की संभावना है। इसमें सपा के बागी नितिन अग्रवाल और बसपा के बागी अनिल सिंह ने भी अपनी पिछली सरकारों को कटघरे में खड़ा किया था।