
फोटो सोर्स-IANS
UP News: उत्तर प्रदेश में अब चाइनीज मांझे का इस्तेमाल और बिक्री करना जान पर भारी पड़ सकता है। प्रदेश में पतंगबाजी के इस जानलेवा शौक के कारण लगातार हो रही मौतों पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बेहद कड़ा रुख अपनाया है। सीएम योगी ने स्पष्ट कर दिया है कि चाइनीज मांझे से होने वाली मौत को अब 'हत्या' की श्रेणी में रखा जाएगा और दोषियों के खिलाफ मर्डर का केस दर्ज होगा। दरअसल यूपी में एक साल में ही चाइनीज मांझे से होने वाली दुर्घटना के 8 मामले सामने आए हैं। इस वजह से योगी सरकार ने चाइनीज मांझे के खिलाफ ये एक्शन लिया है।
हाल ही में हुई एक उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक में मुख्यमंत्री ने अधिकारियों की क्लास लगाई। उन्होंने सख्त लहजे में पूछा कि जब चाइनीज मांझा प्रतिबंधित है, तो यह बाजारों में कैसे बिक रहा है? सीएम ने इसे बड़ी लापरवाही मानते हुए प्रदेशभर के पुलिस प्रमुखों को निर्देश दिए हैं कि वे अपने जिलों में तत्काल छापेमारी शुरू करें। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि अवैध मांझे की सप्लाई करने वालों की पहचान करने के साथ ही भंडारण करने वालों और इसे बेचने वालों के खिलाफ ऐसी कार्रवाई की जाए जो मिसाल बने।
सरकार की इस सख्ती के पीछे 4 फरवरी को लखनऊ में हुई एक दिल दहला देने वाली घटना है। यहां बाइक से जा रहे एक मेडिकल रिप्रेजेंटेटिव (MR) की गर्दन चाइनीज मांझे की चपेट में आने से कट गई थी। मांझा गले में फंसते ही वह लहूलुहान होकर सड़क पर गिर पड़े और करीब 10 मिनट तक तड़पते रहे। अस्पताल ले जाने के बाद इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई। मृतक का नाम मोहम्मद शोएब बताया जा रहा है। इस घटना ने प्रशासन और सरकार को हिलाकर रख दिया है।
सीएम योगी ने पुलिस को निर्देश दिया है कि तत्काल छापेमारी की जाए और जनता के बीच जागरूकता अभियान भी चलाया जाए। लोगों को यह समझाया जाए कि यह मांझा कितना खतरनाक है। सरकार ने साफ कर दिया है कि चाइनीज मांझे की सप्लाई और इस्तेमाल के मामले में अब कोई भी लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। अगर किसी की लापरवाही से जान जाती है तो उसे गंभीर अपराध मानकर सीधे हत्या की धाराओं में शामिल किया जाएगा।
लखनऊ में एमआर की मौत के साथ पूरे यूपी में सिर्फ एक साल के अंदर 8 दर्दनाक मामले देखने को मिल चुके हैं।
Updated on:
05 Feb 2026 01:39 pm
Published on:
05 Feb 2026 01:39 pm
