
UP Politics: 'दलित कार्ड' से PDA का चक्रव्यूह तोड़ेगी BJP। फोटो सोर्स- पत्रिका न्यूज
UP Politics: उत्तर प्रदेश में अगले साल 2027 में विधानसभा चुनाव होने हैं। चुनाव से पहले प्रदेश में जातीय राजनीति की जमीन गरमाती हुई नजर आ रही है। ब्राह्मण राजनीति और UGC को लेकर 'उपेक्षा, आक्रोश और उबाल' के बाद BJP ने चुनावी लहरों के बीच सोशल इंजीनियरिंग की नई नाव उतारी है।
2024 लोकसभा चुनाव में समाजवादी पार्टी के PDA और संविधान बदलने के नैरेटिव से झटका खाने के बाद BJP ने दलितों को साधने के लिए टॉप गियर लगा दिया है। पार्टी ने बहुजन समाज पार्टी के संस्थापक कांशीराम समेत 15 दलित महापुरुषों से जुड़ी 26 तिथियों को लेकर एक कैलेंडर तैयार किया है। 23 फरवरी को पार्टी अमरावती के दलित संत गाडगे की जयंती पर विशेष कार्यक्रम कर चुनावी जमीन को और मजबूत करेगी।
PM नरेन्द्र मोदी ने 25 दिसंबर को लखनऊ में राष्ट्र प्रेरणा पार्क में संबोधन करते हुए राजा बिजली पासी, बिरसा मुंडा, डॉक्टर भीमराव आंबेडकर समेत कई दलित महापुरुषों को विशेष सम्मान दिया था। उन्होंने 1 फरवरी को वाराणसी के गोवर्धनपुर में संत रविदास स्मारक एवं प्रतिमा का अनावरण कर इसे करोड़ों अनुयायियों का तीर्थ बताया था। इसी रणनीति को आगे बढ़ाते हुए प्रदेश अध्यक्ष पंकज चौधरी ने 15 जनवरी को जाटव समाज से आने वाले पूर्व राष्ट्रीय महासचिव दिवाकर सेठ के घर पहुंचकर खिचड़ी खाई।
सभी जिलों में पार्टी के प्रदेश महामंत्री संगठन धर्मपाल सिंह अनुसूचित मोर्चे के साथ बैठकें कर चुके हैं। जिससे ये साफ है BJP पिछले लोकसभा चुनाव में हुई भूलों को बिल्कुल दोहराना नहीं चाहती है। BJP जाटव, पासी, कोरी, धोबी, वाल्मीकि, सोनकर और धानुक समेत सभी 7 उपजातियों में पकड़ बढ़ाते हुए PDA का चक्रव्यूह तोड़ने और प्रदेश की 403 में से सुरक्षित 86 विधानसभा सीटों में 70 से ज्यादा पर जीत दर्ज करने का लक्ष्य लेकर बढ़ रही है। साल 2017 में उसे 71 आरक्षित सीटों में से 71 मिली थीं, जो 2022 में घटकर 60 रह गईं थी।
सिर्फ अपनी सरकार की कल्याणकारी योजनाओं के बारे में ही पार्टी नहीं बताएगी बल्कि दलित महापुरुषों का सम्मान कर इस समाज के बीच भावनात्मक धरातल भी बनाएगी। अनुसूचित मोर्चा के प्रदेश अध्यक्ष रामचंद्र कनौजिया की माने तो, कैलेंडर की शुरूआत 3 और 13 जनवरी को सावित्री बाई फुले की जयंती और तिलका मांझी के बलिदान दिवस से हुई। उन्होंने कहा कि 1 फरवरी को संत रविदास, 7 को रमाबाई आंबेडकर, 11 को तिलका मांझी और 23 फरवरी को संत गाडगे जयंती मनाई जाएगी।
अपनी बात को आगे बढ़ाते हुए उन्होंने कहा कि 10 मार्च को सावित्री बाई फुले स्मृति दिवस एवं 15 को कांशीराम जयंती शामिल है। 11 अप्रैल को ज्योतिबा फुले और 14 अप्रैल को डॉक्टर भीमराव आंबेडकर जयंती का कार्यक्रम भी तय है। 1 मई को बुद्ध पूर्णिमा, 6 मई को स्वामी अछूतानंद जयंती एवं 27 मई को रमाबाई आंबेडकर स्मृति दिवस है। BJP के कैलेंडर में 2 से 3 सितंबर तक अलवर के रहने वाले दुर्बलनाथ खटीक का सम्मान दिवस मनाया जाएगा।
इसके अलावा 20 सितंबर को संत नारायण गुरु स्मृति दिवस, 9 अक्टूबर को कांशीराम परिनिर्वाण दिवस, साथ ही 26 अक्टूबर को वाल्मीकि जयंती शामिल किया गया है। 14 नवंबर को ज्योतिबा फुले, 15 नवंबर को बिरसा मुंडा और 22 नवंबर को झलकारी बाई जयंती और 28 नवंबर को ज्योतिबा फुले स्मृति दिवस है। 6 दिसंबर को बाबा साहब डॉक्टर. भीमराव आंबेडकर और 20 दिसंबर को संत गोडगे परिनिर्वाण दिवस मनाया जाएगा।
चुनावी दंगल में उतरने जा रही BJP नए सिरे से संगठन को रिचार्ज करने में जुट गई है। लंबे समय तक चिंतन, मंथन और असमंजस के दौर से गुजरी BJP ने कुर्मी चेहरा पंकज चौधरी को प्रदेश अध्यक्ष बनाया। वहीं, अब संगठन में बदलाव की प्रक्रिया तेजी से बढ़ेगी। 25 फरवरी तक जिलाध्यक्ष, क्षेत्रीय अध्यक्ष, आयोग और निगम से लेकर प्रदेश इकाई तक घोषित करने की चर्चा चल रही है। 2 दिन पहले दिल्ली में प्रदेश अध्यक्ष पंकज चौधरी और संगठन महामंत्री धर्मपाल सिंह ने बैठकर लिस्ट को अंतिम स्वरूप दे दिया है।
पिछले साल 26 नवंबर को BJP ने 14 जिलाध्यक्षों की घोषणा की थी, जिसमें 5 चेहरों को दोबारा मौका दिया गया। अब भी 14 जिलों के अध्यक्ष घोषित होने हैं। लखनऊ और दिल्ली में बैठकों के बाद अब 6 से 10 फरवरी के बीच जिलाध्यक्षों की घोषणा करने की पार्टी की योजना है। 10 से 17 फरवरी के बीच जिलों की नई टीम और सभी 6 क्षेत्रों के क्षेत्रीय अध्यक्ष भी बनाए जाने हैं, जिसमें बड़े पैमाने पर बदलाव होने की उम्मीद है।
चर्चा है कि 20 से 25 फरवरी के बीच प्रदेश के महासचिव, उपाध्यक्ष और मंत्री घोषित हो सकते हैं। जिसमें क्षेत्रीय और जातीय संतुलन पर ज्यादा जोर पार्टी देगी। बता दें कि अवध क्षेत्र में अयोध्या जिला व महानगर, अंबेडकरनगर, लखीमपुर, गौडा, पश्चिम क्षेत्र में शामली, सहारनपुर जिला व अमरोहा, ब्रज क्षेत्र में पीलीभीत, काशी क्षेत्र में वाराणसी जिला, चंदौली, मीरजापुर और गोरखपुर क्षेत्र में सिद्धार्थनगर और देवरिया में जिलाध्यक्ष घोषित किए जाने हैं। वहीं सियासी गलियारों में इस बात को लेकर भी चर्चा है कि पार्टी मंत्रीमंडल विस्तार भी जल्द ही कर सकती है।
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Updated on:
06 Feb 2026 12:57 pm
Published on:
06 Feb 2026 12:56 pm
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