LokSabha Election-2024: मल्लिकार्जुन खरगे की दावेदारी दलित वोटर्स को कांग्रेस के पक्ष में लामबंद करेगी। इससे कांग्रेस के साथ-साथ गठबंधन की सहयोगी सपा को भी फायदा होगा।
कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे को यूपी से चुनाव लड़ाने की तैयारी चल रह है। इसके पीछे की रणनीति दलित वोटर्स को कांग्रेस के पक्ष में करने का है। यूपी में दलित वोटर्स बसपा से दूर हो गए हैं। 2022 के विधानसभा चुनाव में बसपा मात्र एक सीट पाई थी। बलिया की रसड़ा विधानसभा सीट से बसपा के उमाशंकर सिंह विधायक बने।
मायावती ने साफ कर दिया कि वह न तो I.N.D.I.A के साथ और न NDA के साथ जाएंगी। अब यूपी में दलित वोटर्स पर सभी की नजर है। कांग्रेस दलित वोटर्स साधने के लिए मल्लिकार्जुन खरगे को यूपी से चुनाव लड़ाने की रणनीति बना रही है। टाइम्म इंडिया को कांग्रेस के पदाधिकारियों ने बताया कि कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे उत्तर प्रदेश की किसी आरक्षित सीट से लोकसभा चुनाव लड़ सकते हैं। इससे दलित वोटों पर पकड़ बनाने में मदद मिल सकेगी।
इटावा और बाराबंकी से चुनाव लड़ने की उम्मीद
मल्लिकार्जुन खरगे को कांग्रेस इटावा या फिर बाराबंकी से चुनाव लड़ा सकती है। इसके आपपास के सीटों पर सपा को फायदा हो सकता है, क्योंकि कांग्रेस और सपा गठबंधन के तहत चुनाव लड़ रहे हैं। खरगे अपनी परंपरागत सीट समेत दो सीटों से चुनाव लड़ सकते हैं।
अमेठी से चुनाव लड़ेंगे राहुल गांधी
कांग्रेस के एक नेता ने दावा किया कि खरगे के अलावा वायनाड से सांसद राहुल गांधी भी अमेठी से चुनाव लड़ेंगे। इसके अलावा प्रियंका गांधी को प्रयागराज, फूलपुर या फिर वाराणसी से चुनावी मैदान में उतारा जा सकता है। स्वास्थ्य कारणों से अगर सोनिया गांधी रायबरेली से चुनाव लड़ने से इनकार करती हैं तो प्रियंका अपनी मां की जगह लेने के लिए सबसे बेहतर विकल्प होंगी।