तबादले से खफा चकबंदी अधिकारी ने IAS का गला दबाकर जमकर पीटा
डीजीपी जावीद अहमद ने हमलावरों पर सख्त कार्रवाई का आदेश दिए। एसएसपी मंजिल सैनी ने हजरतगंज पुलिस व सर्विलांस सेल की संयुक्त टीम गठित करके हमलावरों की तलाश कराई।
लखनऊ. राजधानी के हजरतगंज स्थित इंदिराभवन में चकबंदी अधिकारी ने तबादला निरस्त न करने पर आयुक्त आईएएस डॉ. हरिओम को कार्यालय में चकबंदी अधिकारी, उसके बेटे व गुर्गो ने कार्यालय में जमकर उत्पात मचाया और जानलेवा हमला करते हुए आयुक्त को जमकर पीटा। पीटने पीटने के बाद हमलावर भाग गए। इतना ही नहीं कर्मचारियों के रोकने पर दबंगों ने उन पर असलहे तान दिए।
डीजीपी जावीद अहमद ने हमलावरों पर सख्त कार्रवाई का आदेश दिए। एसएसपी मंजिल सैनी ने हजरतगंज पुलिस व सर्विलांस सेल की संयुक्त टीम गठित करके हमलावरों की तलाश कराई। इस बीच आरोपी चकबंदी अधिकारी महानगर के एक निजी अस्पताल के आईसीयू में खुद जाकर भर्ती हो गया। सूचना पाकर मौके पर पहुंची पुलिस ने आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। यह था पूरा मामला चकबंदी आयुक्त डॉ. हरिओम ने के मुताबिक, अमेठी के चकबंदी अधिकारी राकेश पांडेय अपने बलिया हुए ट्रांसफर को रुकवाने के लिए अपने बेटे दिनेश पांडेय व कुछ साथियों को लेकर इंदिरा भवन के सातवें तल पर स्थित उनके दफ्तर पहुंचा। वह तबादला रुकवाने के लिए उसने भिड़ गया और गाली-गलौज करने लगा विरोध करने पर दबंगों ने आयुक्त का गला दबाया। उसके बेटे ने मेज पर रखी फाइलें फेंक दी और ग्लास तोड़कर वार करने शुरू कर दिए। इसी दौरान उनके साथी भी आ गए और तोड़फोड़ शुरू कर दी। शोर चुनकर चंदन सिंह, चतुर्थश्रेणी कर्मचारी राजकुमार व रामकिशुन ने उन्हें हमलावरों के चंगुल से छुड़ाया। चकबंदी आयुक्त पर हमले की खबर आग की तरह फैली जिसके बाद कर्मचारियों का तांता लगने लगा।
जान से मारने की धमकी तब चकबंदी अधिकारी व उसके साथी असलहे लहराते हुए जान से मारने की धमकी देते हुए भाग निकले। आयुक्त पर कातिलाना हमले से दफ्तर में हड़कंप मच गया। डॉ. हरिओम ने शासन व पुलिस के आला अफसरों को हमले की जानकारी दी। चपरासी राजकुमार की तहरीर पर हजरतगंज पुलिस ने रिपोर्ट दर्ज कर आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। आरोपी की पत्नी ने आयुक्त पर लगाया प्रताड़ित करने का आरोप हमले के बाद आरोपी राकेश पांडेय की पत्नी ममता ने चकबंदी आयुक्त पर प्रताड़ना का आरोप लगाया। मिडलैंड अस्पताल की आईसीयू में भर्ती आरोपी की पत्नी ममता ने कहा हृदयरोगी पति ने तबादला रोकने की कई अर्जी दी थी। इससे चिढ़े आयुक्त ने बुधवार को उन्हें अपने ऑफिस में तलब किया। अस्वस्थ होने पर वे बेटे को साथ लेकर गए थे। वहां आयुक्त ने बेटे के सामने बुरी तरह फटकार लगाई।
इससे राकेश की हालत बिगड़ गई और बेटे ने उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया। अस्पताल में भर्ती होने की सूचना मिलने पर इंस्पेक्टर हजरतगंज विजयमल यादव अस्पताल पहुंचे और दोनों बेटों को हिरासत में लिया। पूछताछ में खुलासा हुआ कि मोहित ने खुद को दिनेश पांडेय बताकर पर्ची भेजी थी। राकेश पर निगरानी के लिए पुलिस की ड्यूटी लगाई है। अस्पताल प्रबंधक ओपी सिंह ने के मुताबिक आरोपी का डॉ. राजीव रंजन इलाज कर रहे हैं। फिलहाल पुलिस मामले की जांच कर रही है।