
उत्तर प्रदेश की पहली और अनूठी काऊ मिल्क प्रोडक्शन यूनिट का दिवाली पर होगा शुभारंभ
लखनऊ. मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ बहुत जल्द ही एक तीर से दो निशाना साधने की तैयारी में हैं। वह दीपावली के पहले बाबा रामदेव के दुग्ध व्यवसाय को चुनौती देने के लिए सूबे में अनूठी योजना लाने जा रहे हैं। इसके तहत वह पूर्व सीएम अखिलेश यादव पर भी निशाना साधेंगे। मुख्यमंत्री कनौज में स्थापित काऊ मिल्क प्लांट का दीपावली तक उद्घाटन करेंगे। यह उप्र की पहली और देश की अनूठी डेयरी होगी जहां प्रतिदिन एक लाख लीटर सिर्फ गाय का ही दूध उत्पादित होगा। इसके अलावा गोवंश को बढ़ावा देने के लिए योगी सरकार गाय के दूध पर किसानों को प्रति लीटर कम से कम 10 रुपए की सब्सिडी देने की भी योजना बना रही है।
2015 में उप्र के तत्कालीन मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने अपनी पत्नी और सांसद डिंपल यादव के संसदीय क्षेत्र कनौज में उप्र के पहले काऊ मिल्क प्रोडक्शन सेंटर की आधारशिला रखी थी। अपने आप में अनूठी इस दुग्धशाला के निर्माण और प्रबंधन की जिम्मेदारी तब उप्र सरकार के उपक्रम पराग डेयरी के सौंपी गयी थी। इस डेयरी की स्थापना का उदेश्य गोवंश का संरक्षण और अच्छी नस्लों की गायों को बढ़ावा देना था ताकि प्रदेश में गाय के दूध का उत्पादन बढ़ सके।
किसानों की आय बढ़ाना लक्ष्य
डेयरी विकास के मुख्य सचिव सुधीर एम बोबड़े का कहना है कि कनौज में काऊ मिल्क प्रोडक्शन सेंटर अब लगभग बन कर तैयार है। इसका उद्घाटन दीवाली के आसपास प्रस्तावित है। इसकी उत्पादन क्षमता प्रतिदिन एक लाख लीटर गाय के दूध की होगी। बोबड़े के मुताबिक प्लांट के लिए गाय का दूध आसपास के किसानों से खरीदा जाएगा। उसे प्रोसेस किया जाएगा। इसके बाद यह बिक्री के लिए उपलब्ध होगा। गाय के दूध को बढ़ावा देने के लिए सरकार किसानों को अतिरिक्त सब्सिडी देने की योजना बना रही है। सरकार का मानना है कि स्वास्थ्य जागरूरता के चलते लोग अब भैस के ज्यादा फैट वाले दूध से तौबा कर रहे हैं। इससे सूबे में गाय के दूध की बिक्री और खपत की अधिक संभावनाएं हैं।
पतंजलि और मदर डेयरी से होगा मुकाबला
उप्र में सरकारी उपक्रम काऊ मिल्क प्रोडक्शन यूनिट लगने के बाद उप्र में पतंजलि और मदर डेयरी से मुकाबला होगा। इन दोनों कंपनियों को अखिलेश सरकार के कार्यकाल में ही काऊ मिल्क प्रोडक्शन यूनिट लगाने की अनुमति दी गयी थी।
गाय के दूध का हब बनेगा हर जिला
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ गौ पालन को समृद्ध करने के लिए गाय के दूध की अलग से खरीद की व्यवस्था की योजना पर काम कर रहे हैं। इसके तहत गाय पालकों को प्रोत्साहन देने के लिए दो से पांच रुपये लीटर तक गाय के दूध पर सब्सिडी भी देने की योजना है। इसके अलावा हर जिले में गौ पालन को समृद्ध करने के लिए हर जिले में बल्क मिल्क कूलर्स की स्थापना की जाएगी। इसमें दुग्ध उत्पादन सहकारी समितियों की मदद ली जाएगी। गौरतलब है कि गाय का दूध भैंस के दूध से औसतन 10 रुपये प्रति लीटर सस्ता बिकता है। ऐसे में गाय पालक गाय के दूध के बोतलबंद पानी से भी कम होने की शिकायतें कर रहे थे। अच्छा मूल्य न मिलने से कई कामधेनु यूनिट बंद हो गईं।
मंदिरों में मिलेगा गाय के दूध की मिठाइयों का प्रसाद
राज्य सरकार की योजना है इस नवरात्रि पर प्रदेश के धार्मिक स्थलों पर गाय के दूध से बनी मिठाइयों का प्रसाद मिलेगा। राज्य के डेयरी विकास मंत्री लक्ष्मी नारायण चौधरी का कहना है कि गाय के दुग्ध को लोकप्रिय बनाने के लिए प्रदेश सरकार गाय के दूध से बनी मिठाइयां मथुरा, अयोध्या, विंध्याचल और काशी जैसे धार्मिक स्थलों पर प्रसाद के रूप में उपलब्ध कराएगी।
Updated on:
20 Sep 2018, 3:23 PM IST
Published on:
20 Sep 2018, 2:02 PM IST
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