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CDRI RESEARCH: अब Fat Burn करने के लिए Gym में नहीं बहाना पड़ेगा पसीना

अपने मोटे पेट और कमर पर बढ़ती चर्बी (FAT) से परेशान हैं तो आपके लिए बड़ी खबर है

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Santoshi Das

Jul 06, 2017

CSIR Obesity Drug Research MOU

CSIR Obesity Drug Research MOU

लखनऊ.
अपने मोटे पेट और कमर पर बढ़ती चर्बी (FAT) से परेशान हैं तो आपके लिए बड़ी खबर है। दुनिया में आज मोटापा एक बड़ी समस्या बन गई है। यह समस्या अब भारत में भी विकराल रूप ले रहा है। इससे बचने के लिए राजधानी स्थित सीएसआईआर- सीडीआरआई प्रभावी औषधि (Drug) का निर्माण करने वाला है। दवा के शोध कार्य के लिए सीडीआरआई ने गुरुवार को हैदराबाद स्थित डीआरएल और डीआरआईएलएस के साथ अनुबंध किया।


शोध कार्य के लिए बजट विज्ञान एवं प्रोद्योगिकी विभाग, भारत सरकार एवं डॉ रेड्डीज लैब से मिल रहा है। इस शोध कार्य का नाम नॉवेल स्माल मोलिक्यूल्स एज़ सिलेक्टिव एंड पॉज़िटिव एलोस्टीरिक मोड़ुलेटर्स (पीएएम) ऑफ 5-HT2C रिसेप्टर: डिस्कवरी एंड डेवलपमेंट ऑफ पोटेंशियल एंटी-ओबेसिटी एजेंट्स' है जिस पर संयुक्त अनुसंधान के लिए एमओयू हस्ताक्षर किया गया है।

इतना मिला है बजट

इस प्रोजेक्ट के लिए डीएसटी के ड्रग एंड फार्मास्युटिकल रिसर्च प्रोग्राम के तहत 100 लाख रुपये एवं इंडस्ट्री पार्टनर के तौर पर डीआरएल से 45 लाख रुपए प्राप्त हुए हैं। कुल मिलाकर यह यह राशि 1 करोड़ 45 लाख है जिसमें से निधि सामान रूप से सीडीआरआई एवं डीआरआईएलएस को दी जाएगी।

अनुबंध पर हस्ताक्षर करने के लिए डीएसटी से डॉ शोभना भास्करन, डीआरआईएलएस के निदेशक डॉ ए वेंकटेश्वर, डीआरएल के वरिष्ठ उपाध्यक्ष (वित्त) एमवी नरसिम्हम, सीएसआईआर-सीडीआरआई से नसीम अहमद सिद्दीकी के साथ डीआरआईएलएस के डॉ उदय सक्सेना (प्रोफेसर, ट्रांसलेशनल रिसर्च), प्रो परिमल मिश्रा (डीन, अकेदेमिक अफेयर्स-बायोलॉजी) तथा प्रोफ़ मनोजीत पाल (डीन, अकेदेमिक अफेयर्स-केमिस्ट्री) भी मौजूद थे।

मोटापे के लिए दवा क्यों?

यह प्रोजेक्ट स्थूलता (मोटापा) रोधी औषधियों के अनुसंधान एवं विकास पर केन्द्रित है जिसकी वजह है कि आज मोटापा एक वैश्विक स्वास्थ्य समस्या बन चुका है। सम्पूर्ण विश्व में 2.1 बिलयन लोगो का वजन उनके आदर्श भार से अधिक हैं। इस से उत्पन्न बीमारियों का प्रतिशत भारत में बहुत ज्यादा है लगभग 30त्न जनसंख्या स्थूलकाय की श्रेणी में आती है। यह एक महंगी बीमारी है, अमेरिका में सालाना 190 बिलियन डालर का मेडिकल खर्च इस पर आता है। वर्ष 2012-2022 के दशक में स्थूलता-रोधी औषधियों के वैश्विक बाजार में लगभग 30त्न की तीव्र वृद्धि का आंकलन किया गया है।

FAT Burn करने की दवा ऐसे करेगी काम

यह अनुसंधान सहभागिता मोटापे के लिए अपूरित चिकित्सकीय आवश्यकताओं को कैसे पूरा करेगी?

विभिन्न अध्ययनों से संकेत मिले हैं की 5-HT2C रिसेप्टर एक्टिवेशन, संतृप्ति को बढ़ाकर भूख एवं भोजन के उपभोग को नियमित कर देता है। अभी तक सिर्फ एक 5-HT2C टार्गेटेड थेरेप्युटिक एजेंट एफ़डीए द्वारा अनुमोदित किया गया है जो मात्र 5-10% तक ही वजन को कम कर पाता है। सह-रुग्णता में भी मध्यम सुधार ही ला पाया है। इस प्रकार 15-25% वजन घटाने और सह-रुग्णता जोखिम कारकों में सुधार की आवश्यकता के साथ ही शीघ्र वजन घटाने के फलस्वरूप होने वाली जटिलताओं के निदान की भी अवश्यकता है।


बाज़ार में आएगी सुरक्षित दवा

सीडीआरआई की निदेशक मधु दीक्षित ने कहा इस परियोजना का लक्ष्य बाजार में वर्तमान में उपलब्ध औषधि की तुलना में बेहतर प्रभावोत्पादकता और सुरक्षा के साथ मोटापे के उपचार करना है। इस नवीन दृष्टिकोण के मध्यम से मोटापे संबंधी अपूरित चिकित्सकीय आवश्यकताओं को पूरा करने का एक अवसर प्राप्त हुआ है।

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