
केंद्रींय गृहमंत्री अमित शाह से मिले दारा सिंह चौहान
UP Politics: मऊ के घोसी सीट से सपा विधायक दारा सिंह चौहान ने अपनी विधानसभा सदस्यता से इस्तीफा दे दिया है। शनिवार को उन्होंने अपना इस्तीफा मेल के द्वारा विधानसभा स्पीकर को भेज दिया है। वहीं शाम को ट्विटर पर गृहमंत्री अमित शाह से मुलाकात की एक फोटो सामने आई है। इसके बाद से सियासी बयान बाजी शुरू हो गई है। सपा ने दारा सिंह चौहान पर विश्वासघात का आरोप लगाया है।
2022 के विधानसभा चुनाव से पहले दारा सिंह चौहान ने बीजेपी का साथ छोड़कर सपा में शामिल हो गए थे। अब ऐसी चर्चा है कि एक बार फिर वे अपने पुराने घर वापसी कर सकते हैं। मिली जानकारी के अनुसार दारा सिंह चौहान इस्तीफा देने से पहले ही केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह से दिल्ली मुलाकात की थी। ऐसे में अगर दारा सिंह चौहान बीजेपी में शामिल होते हैं तो लोकसभा चुनाव तैयारियों के लिए समाजवादी पार्टी की झटका माना जा रहा है। बसपा से राजनीतिक सफर शुरू करने दारा सिंह चौहान सपा में अधिक समय तक नहीं टिक पाए।
योगी सरकार में बने मंत्री
साल 2017 के विधानसभा चुनाव में बीजेपी ने उन्हें मधुबन विधानसभा सीट से उम्मीदवार बनाया। उन्होंने चुनाव लड़ा और जीत दर्ज की। इसके बाद वह योगी सरकार के पहले कार्यकाल में वन, पर्यावरण एवं प्राणी उद्यान मंत्री बने। हालांकि, 2022 विधानसभा चुनाव से पहले ही उन्होंने बीजेपी का साथ छोड़कर सपा में शामिल हो गए। सपा ने उन्हें घोसी सीट से उम्मीदवार बनाया और एक बार फिर जीत दर्ज की।
घोसी सीट से लड़ सकते हैं लोकसभा चुनाव
सपा से इस्तीफा देने के बाद से चर्चा है कि दारा सिंह चौहान एक बार फिर घोसी लोकसभा सीट से चुनावी मैदान में उतर सकते हैं। घोसी से वे पहले सांसद भी रह चुके हैं। ओबीसी समाज के एक बड़े नेता के तौर पर उनकी पहचान होती है। लोकसभा चुनाव 2014 में घोसी लोकसभा सीट बीजेपी के पाले में आई थी। 2019 में सपा- बसपा गठबंधन हो गया। बसपा उम्मीदवार अतुल कुमार सिंह 1,22,568 वोटों से बीजेपी के उम्मीदवार को हराकर सांसद बने। इससे यह सीट बसपा के पाले में चली गई।
दारा सिंह चौहान ने विश्वासघात किया है: सपा
सपा प्रवक्ता राजेंद्र चौधरी ने कहा कि दारा सिंह चौहान ने पार्टी के लिए कोई त्यागपत्र नहीं भेजा है और विधानसभा से इस्तीफा भेजने के बाद इसका कोई औचित्य भी नहीं रह गया है। दारा सिंह चौहान ने विश्वासघात किया है। भाजपा के पास लोकसभा प्रत्याशी बनाने लायक कोई नेता नहीं है, इसलिए दारा सिंह को अपने साथ ले रही है। दारा सिंह चौहान और भाजपा के लिए राजनीति के नैतिक मूल्यों के कोई मायने नहीं हैं। सपा ने उन्हें विधायक बनाकर पूरा सम्मान दिया। सरकार होने की स्थिति में ही इससे ज्यादा कुछ दिया जा सकता था।
Updated on:
15 Jul 2023 09:26 pm
Published on:
15 Jul 2023 09:23 pm
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