
राजधानी के इस गांव में अनजान बीमारी से तड़प-तड़प कर जा रही है जान, एक सप्ताह में हो चुकी है पांच मौत
लखनऊ. राजधानी लखनऊ के नगराम में एक सप्ताह के भीतर पांच बच्चों की रहस्यमय बीमारी से हुई मौत के बाद स्वास्थ्य महकमे की पोल खुल गई है। संक्रामक और गंभीर बीमारियों से निपटने का दावा करने वाला स्वास्थ्य महकमा इस गांव में लगतार हुई मौतों का कारण अभी तक पता नहीं लगा सका है। रविवार को केजीएमयू के डॉक्टरों का एक जांच दल मौत के कारणों की पड़ताल करने गांव पहुंचा। इससे पहले शनिवार को लखनऊ के सीएमओ ने भी गांव का दौरा करते हुए मृतकों के परिवारों से मुलाक़ात की थी। बीमारी की भयावहता से डरे स्वास्थ्य विभाग ने गांव में अस्थाई अस्पताल शुरू कराया है और एक एम्बुलेंस की गांव में तैनाती की है।
अचानक हो जा रही है मौत
नगराम के अमवा मुर्तजापुर और खरगी का पुरवा में पिछले एक सप्ताह में 3 साल के दीपांशु, 3 माह की सोनी, 2 साल की रेशमा, 14 साल के सुजान और 30 साल के इसरार की मौत हो चुकी है। बताया जा रहा है कि दीपांशु 12 जून को अचानक खेलते हुए जोर-जोर से चिल्लाने लगा और उसके मुंह से झाग निकलने लगा। शरीर में बुरी तरह पसीना आने लगा और शरीर जलने लगा। इसके कुछ ही देर में वह बेहोश होकर गिर पड़ा। उसे इलाज के लिए देशी दवा के लिए ले जाने लगे। इस दौरान उसके नाक से खून निकलने लगा और दस्त होने लगा। कुछ ही देर में आँखें पलट गई, नाखून व हथेली काला पड़ा गया और मौत हो गई।
मरीजों का किया जा रहा परीक्षण
इससे पहले 31 मई को तीन माह की सोनी को अचानक बुखार आया और उलटी-दस्त की चपेट में आकर बीस मिनट के भीतर ही उसकी मौत हो गई। इसी तरह 13 साल के सुजान को 5 जून को अचानक तेज गर्मी लगने की शिकायत हुई और उसकी जान चली गई। सुजान के शरीर में भी दीपांशु की ही तरह लक्षण पाए गए थे। अमवा मुर्तजापुर के 30 वर्षीय इसरार को 13 जून को अचानक दो उल्टियां आईं और उसकी जान चली गई। लगातार हुई मौतों के बाद स्वास्थ्य विभाग की टीम ने गांव में कैम्प लगाया और लोगों का परीक्षण किया। साथ ही कई लोगों के खून का सैम्पल भी लिया गया।
केजीएमयू ने शुरू की जाँच
मामले से सहमे स्वास्थ्य विभाग ने केजीएमयू की मदद मांगी। रविवार को केजीएमयू के मुख्य चिकित्सा अधीक्षक डॉ एस एन संखवार के साथ डाक्टरों की टीम गांव पहुंची। केजीएमयू की टीम ने ग्राम अमवा मुर्तजापुर का दौरा किया। टीम ने 7 मरीजों से रक्त के नमूने एकत्र किए और 6 मरीजों के कंठ फाहा तथा मृत बच्चों के चार भाइयों के मूत्र नमूने परीक्षण के लिए लिए। गांव में अस्थाई चिकित्सालय में कुल 102 मरीज देखे गए जोकि सभी सामान्य प्रकृति के थे जिसमें से 10 मरीज बुखार के थे जिनका रक्त परीक्षण किया गया। दो बिस्तर वाला चिकित्सालय अस्थाई रूप से ग्राम अमवा मुर्तजापुर के प्राथमिक विद्यालय में खोला गया है। इसके अतिरिक्त मुख्य चिकित्सा अधिकारी ने राउंड द क्लॉक अपर मुख्य चिकित्सा अधिकारियों की ड्यूटी भी यहां पर लगा दी है।
Published on:
17 Jun 2018 07:12 pm

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