
Digital Attendance: शिक्षकों और कर्मचारियों की डिजिटल अटेंडेंस परिषदीय विद्यालयों में सोमवार से शुरु होनी है। अब डिजिटल अटेंडेंस लगाने की व्यवस्था का व्यापक स्तर पर विरोध शुरू हो गया है। रविवार को कई शिक्षक संगठनों ने इस पर नाराजगी भी जताई।
प्रदेश के परिषदीय विद्यालयों में शिक्षकों और कर्मचारियों की डिजिटल अटेंडेंस (Digital Attendance) यानी टैबलेट पर चेहरा दिखाकर उपस्थिति की व्यवस्था का बड़े स्तर पर विरोध शुरू हो गया है। रविवार को कई शिक्षक संगठनों ने इसका विरोध किया। सभी शिक्षक सोमवार से काली पट्टी बांधकर काम करने और 15 जुलाई को जिला मुख्यालय पर प्रदर्शन करने का निर्णय लिया है।
विशिष्ट बीटीसी शिक्षक वेलफेयर एसोसिएशन की बैठक में डिजिटाइजेशन को काले कानून की संज्ञा दे दी गई। इसके साथ ही 8 से 14 जुलाई तक इसके खिलाफ शिक्षकों का काली पट्टी बांधकर काम करने और 15 जुलाई को जिला मुख्यालय पर धरना देने का निर्णय किया गया है।
महानिदेशक स्कूल शिक्षा कंचन वर्मा की ओर से संबंधित अधिकारियों को सूचित किया गया है कि डिजिटल उपस्थिति (Digital Attendance) पंजिका पर शिक्षक उपस्थिति अंकित करने के लिए 30 मिनट का अतिरिक्त समय यानी 8:30 बजे तक ( कारण सहित उल्लिखित करते हुए ) कर दिया गया है। हालांकि शिक्षक इस फैसले से संतुष्ट नहीं हैं।
डिजिटल अटेंडेंस (Digital Attendance) के खिलाफ शिक्षकों ने रविवार को सोशल मीडिया प्लेटफार्म एक्स पर अभियान चलाया है। लगभग साढ़े तीन से चार लाख से अधिक शिक्षकों ने इसे रिट्विट कर दिया। अभी तक विभाग अपने फैसले से पीछे हटने को तैयार नहीं दिखाई दे रहा है।
Updated on:
07 Jul 2024 10:13 pm
Published on:
07 Jul 2024 10:10 pm
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