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उपमुख्यमंत्री डॉ. दिनेश शर्मा ने ‘शक्ति अवार्ड्स’ देकर बढ़ाया महिलाओं का मान

- नारी का सम्मान भारत की संस्कृति का अंग, केंद्र व राज्य सरकार के लिए नारी सम्मान सर्वोपरि- सेवा धाम संस्था द्वारा 'शक्ति अवार्ड्स' देकर किया गया महिलाओं का सम्मान

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लखनऊ

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Neeraj Patel

Mar 08, 2021

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पत्रिका न्यूज नेटवर्क
लखनऊ. यूपी की राजधानी लखनऊ के विभूति खंड, गोमतीनगर स्थित इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान में सोमवार को अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस के मौके पर 'शक्ति अवार्ड्स' का आयोजन किया गया। यह कार्यक्रम सेवा धाम संस्था द्वारा आयोजित किया गया। इसमें विभिन्न क्षेत्रों में उत्कृष्ट कार्य करने वाली महिलाओं को सम्मानित किया गया। इस खास मौके पर मुख्य अतिथि के रूप में प्रदेश के उपमुख्यमंत्री डॉ. दिनेश शर्मा मौजूद रहे। दिनेश शर्मा ने कार्यक्रम की शुरुआत दीप प्रज्ज्वलन के साथ किया। जिसके बाद उन्होंने सैनिट्री नैपकिन वेंडिंग मशीन का उद्घाटन किया। इस मौके पर संस्था की अध्यक्ष अमृता ऋषि, सचिव अरविंद शर्मा, कोषाध्यक्ष पीके मिश्रा ने उपमुख्यमंत्री डॉ. दिनेश शर्मा को स्मृति चिन्ह प्रदान करके सम्मानित किया।

इस मौके पर उपमुख्यमंत्री डॉ. दिनेश शर्मा ने अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस की बधाई देते हुए सभी सम्मानित महिलाओं को शुभकामनाएं दीं। दिनेश शर्मा ने कहा कि 1910 में अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस को दर्जा मिलने के बाद भारत में इसे अनवरत मनाया जा रहा है। हमारे यहां नारियों का सम्मान कई युगों पहले से होता चला आ रहा है। उपमुख्यमंत्री ने बताया कि हमारे यहां महिलाओं का नाम पुरुषों से पहले लिया जाता है। उन्होंने उदाहरण के रूप में सीताराम, लक्ष्मीनारायण, उमाशंकर, गौरीशंकर और राधेकृष्ण जैसे नामों को गिनाया।

आत्मनिर्भर होकर परिवार भी चला रही महिलाएं

इसके साथ ही उन्होंने कहा कि भारतीय संस्कृति व सभ्यता में महिलाओं का सम्मान पिछले युग से होता चला रहा है। यहां द्रौपदी का अपमान होने पर महाभारत हो गई, तो सीता का अपमान होने पर रामायण हो गई। नारी का सम्मान भारत की संस्कृति का अभिन्न अंग है। केंद्र व राज्य सरकार के लिए भी नारी का सम्मान सर्वोपरि है। उन्होंने कहा कि आज महिलाएं हर क्षेत्र में आगे आकर सहयोग कर रही हैं। महिला अब असहाय नहीं हैं, वो अगर ठान लें, तो कुछ भी कर सकती हैं। ये गर्व का विषय है कि वे आत्मनिर्भर होकर परिवार भी चला रही हैं।

परिवार को संवारने में एक महिला की भूमिका अहम

डॉ. शर्मा का कहना था कि परिवार को संवारने में एक महिला की भूमिका सबसे अधिक है। एक अच्छे परिवार के लिए महिला का शिक्षित एवं संस्कारी होना बहुत आवश्यक है, इसीलिए सरकार बालिका शिक्षा पर विशेष जोर दे रही है। उन्होंने कहा कि भारत की पहचान हमेशा से ही महिलाओं को सम्मान देने के लिए होती रही हैंम डिप्टी सीएम ने कहा कि सरकार महिलाओं के खिलाफ अपराध रोकने के लिए संकल्पित होकर कार्य कर रही है। प्रदेश सरकार ने इसके लिए मिशन शक्ति के नाम से अभियान चलाया है। जो महिलाओं के सम्मान, सुरक्षा व सशक्तिकरण के लिए समर्पित है। दिनेश शर्मा ने यहां पर प्रदेश सरकार द्वारा महिलाओं के सशक्तिकरण के लिए चलाई जा रही योजनाओं के बारे में भी बताया। उन्होंने मिशन शक्ति, सुमंगला कन्या योजना और एन्टी रोमियो स्क्वाड का ज़िक्र किया।

महिलाओं को जागरूक करने का काम कर रही अमृता ऋषि

'सेवा धाम संस्था' साल 2008 से मासिक धर्म के बारे में महिलाओं को जागरूक करने का काम कर रही है। इसकी अध्यक्ष अमृता ऋषि लोगों के बीच जाकर मासिक धर्म के बारे में महिलाओं को शिक्षित करने व जागरूकता फैलाने का कार्य सालों से करती चली आ रही हैं। अमृता ऋषि का मानना है कि महिलाओं को स्वास्थ्य एवं स्वच्छता का ख़्याल रखना चाहिए, जिससे वह सशक्त बन सकें। सेवा धाम संस्था की ओर से महिलाओं के सशक्तिकरण का काम वर्षों से चल रहा है और इस संस्था द्वारा महिलाओं को मुफ्त में सैनिट्री पैड देने का कार्य चल रहा है। इस कार्यक्रम में उपमुख्यमंत्री डॉ. दिनेश शर्मा ने डॉ. मधु पाठक, ऊषा विश्वकर्मा, आरती राणा, शैस्ता अंबर, सरोज प्रसाद, डॉ. पूनम मिश्रा, कंचन सिंह, डॉ. शिप्रा कुंवर, सरोज त्रिपाठी, वंदना सिंह, प्रभा चतुर्वेदी, कुमारी लक्ष्मी, सुमन रावत, डॉ. जया तिवारी, वर्षा श्रीवास्तव, प्रिया सिन्हा, विजय लक्ष्मी मिश्रा, डॉ. आंचल केसरी और भारती गुप्ता को 'शक्ति अवार्ड' से सम्मानित किया।

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