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Ekana Stadium Accident Case : घायल सरताज के भाई ने दर्ज किया केस, जानिए कौन सी लगी धारा

Ekana stadium accident case: मृतकों के परिजनों को 10 लाख रुपए देने के निर्देश दिए,हादसे में घायलों को 5 लाख रुपए

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लखनऊ

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Ritesh Singh

Jun 06, 2023

 मरम्मत न होने की वजह से गिरी थी होडिंग

मरम्मत न होने की वजह से गिरी थी होडिंग

Ekana stadium accident case: घायल सरताज के भाई की शिकायत पर केस दर्ज 304ए और 338 की धारा में दर्ज हुई रिपोर्ट, सुशांत गोल्फ सिटी थाना में दर्ज हुई FIR। सुशांत गोल्फ सिटी के पास सोमवार को हल्की आंधी के बीच इकाना स्टेडियम के परिसर में किनारे लगी होर्डिंग बाहर एक स्कॉर्पियो के ऊपर गिर गई। जिसमें स्कॉर्पियो सवार मां-बेटी समेत तीनों लोग मलबे में दब गए। मौके पर अफरा तफरी के बीच पुलिस को सूचना दी गई।

इकाना प्रशासन ने दिया नोटिस

इकाना प्रशासन ने होर्डिंग लगाने वाली कंपनी को नोटिस दिया,मृतकों के परिजनों को 10 लाख रुपए देने के निर्देश दिए,हादसे में घायलों को 5 लाख रुपए देने को कहा,ओरियन कंपनी ने लगाई थी स्टेडियम के बाहर होर्डिंग।


लोहिया अस्पताल में ड्राइवर भर्ती , मां-बेटी को मृत घोषित

दमकलकर्मी और SDRF के जवानों ने पुलिस की मदद से रेस्क्यू कर सभी को बाहर निकाला और अस्पताल पहुंचाया। जहां डॉक्टरों ने मां-बेटी को मृत घोषित कर दिया। वहीं स्कॉर्पियो ड्राइवर को गंभीर चोटें आई हैं। लोहिया अस्पताल में उसका इलाज जारी है। जहां उसकी हालत गंभीर बताई गई है। हादसे के बाद फोरेंसिक टीम ने घटनास्थल पर पहुंचकर छानबीन की।


मरम्मत न होने की वजह से गिरी थी होडिंग

प्रशासन के अफसर भी मौजूद रहे। बताया जा रहा है कि काफी समय से मरम्मत ना होने की वजह से होर्डिंग में जंक आ गई थी और यह कमजोर होने लगा था। सोमवार शाम जब आंधी आई तो यह भरभराकर गिर गया।

राहगीरों ने दी पुलिस को सूचना

इंदिरानगर सी ब्लॉक निवासी प्रीति जग्गी (38) सोमवार शाम को अपनी बेटी एंजेल (15) को लेकर स्कॉर्पियो से घूमने निकली थीं। एसयूवी खुर्रमनगर निवासी सरताज खान चला रहे थे। घूमते फिरते वह इकाना स्टेडियम के पास से गुजर रहे थे। तभी स्टेडियम परिसर के भीतर गेट नंबर एक और दो के बीच में लगी होर्डिंग स्कॉर्पियो पर गिर गई। तीनों लोग मलबे में दब गए। हादसा देख राहगीरों ने पुलिस को सूचना दी। कुछ ही देर में पुलिस, दमकल की टीम और फिर एसडीआरएफ के जवान मौके पर पहुंचे।

लापरवाही की जांच में पता चलेगा घटना की वजह

करीब ढाई घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद एक एक कर तीनों को बाहर निकाला। पुलिस ने तीनों को लोहिया अस्पताल पहुंचाया। जहां डॉक्टरों ने बताया कि प्रीति व एंजेल की पहले ही मौत हो चुकी है। सरताज के सिर व शरीर में तीन चार जगह गहरी चोटें आई हैं। होर्डिंग (यूनिपोल) बहुत बड़ी थी। लोहे के बड़े बड़े एंगल पर वह टिकी थी। जिस वक्त हादसा हुआ उस दौरान हल्की हवाएं चल रही थीं। इसलिए पुलिस प्रशासन के अफसर भी हैरान है कि न तेज आंधी तूफान आया न कोई ऐसा कार्य वहां चल रहा था, जिससे होर्डिंग गिर जाए। बड़ी लापरवाही की आशंका है। जब जांच होगी तब सभी तथ्य सामने आ सकेंगे।

सोमवार का करती थी व्रत

प्रीति और उसके पति दीपक का आठ साल पहले तलाक हो चुका है। तब से वह अपने मायके में मां और भाई के साथ ही रहती थीं। प्रीति के पिता का निधन हो चुका है। वह सॉफ्टवेयर डेवलपर थीं। बेटी एंजेल गुरुकुल एकेडमी में 8वीं कक्षा में पढ़ती थी। प्रीति के भाई मोहित जग्गी ने बताया कि बहन का आज सोमवार का व्रत था। वह जूस पीने के लिए निकली थीं। उन्होंने इसी बहाने बेटी को बाहर घुमाने की बात कही थी लेकिन क्या पता था कि अब वह कभी वापस घर नहीं आएंगी।


नगर - निगम और एलडीए की टीम ने शुरू की जांच

इधर एलडीए और नगर टीम के अफसरों ने अपने अपने स्तर से जांच पड़ताल शुरू की है कि आखिर हादसे के पीछे की वजह क्या है। इन विभागों की टीमें भी मौके पर पहुंची। सूचना पर गोमतीनगर विस्तार, सुशांत गोल्फ सिटी पुलिस समेत कई अधिकारी और गोमतीनगर फायर स्टेशन की टीम पहुंच गई।

सूचना मिलते ही पहुंची पुलिस

ज्वाइंट पुलिस कमिश्नर कानून-व्यवस्था उपेंद्र अग्रवाल के मुताबिक सूचना पर तत्काल पुलिस, दमकल और एसडीआरएफ की टीमें पहुंचीं। बहुत कम समय में रेस्क्यू पूरा किया गया। हादसे में दो की मौत हुई है। आगे की कार्रवाई जारी है।


लखनऊ की कमिश्नर ने दो दिन पहले ही दिए थे आदेश

दो दिन पहले ही कमिश्नर डॉ.रोशन जैकब ने नगर निगम, एलडीए, पीडब्लूडी, बिजली विभाग के अधिकारियों को पत्र जारी किया था। तीन जून को जारी पत्र में कमिश्नर ने सभी विभागों से आंधी, पानी और तेज हवाओं के चलने की आशंका को देखते हुए सड़कों के किनारे लगे, पुराने जर्जर र्होडिंग्स, बिजली के पोल हटाने के निर्देश दिए थे। उसके बावजूद कोई कार्रवाई नहीं हुई और जिसका नतीजा ये हुआ की दो लोगो की मौत हो गई।