
File Photo of Former IPS and Minsiter of Yogi Adityanath Cabinet
Yogi New Cabinet दलित और जाटव समाज से आने वाले पूर्व आईपीएस असीम अरुण को इस बार योगी सरकार में मंत्री बनाया गया है। वो पुलिस की नौकरी छोड़कर, वीआरएस लेकर राजनीति में उतर रहे हैं। बीजेपी में उनकी एंट्री इसलिए भी खास थी कि पार्टी को एक पूर्व पुलिस अफसर के रूप में बड़ा दलित चेहरा मिल रहा था। असीम अरुण दलित हैं और जाटव समाज से आते हैं। असीम अरुण के पिता श्रीराम अरुण बहुत ही धार्मिक स्वभाव के थे और वो भी आईपीएस थे। उनके सरल स्वभाव से लोग उनके पास आते थे और डकैत डरकर जिला छोडना पसंद करते थे।
बीजेपी की सधी हुई रणनीति का हिस्सा हैं असीम अरुण, पिता डीजीपी रहे
बीजेपी ने उन्हें बहुत ही सोची समझी रणनीति के तहत पहले पार्टी में शामिल करवाया, फिर चुनाव लड़वाया और अब मंत्री बना दिया। जाटव समाज जो कि मायावती को कोर वोट बैंक माना जाता है, उसमें बीजेपी ने सेंध लगाई और आगे भी ये वोटर पार्टी के साथ और बड़ी संख्या में जुड़े, जाहिर है यही पार्टी की मंशा है और असीम अरुण को मंत्री बनाकर संदेश भी यही दिया गया है। आपको बता दें कि 1994 बैच के IPS असीम अरुण मूलरूप से कन्नौज के रहने वाले हैं। असीम अरुण के पिता स्वर्गीय श्री राम अरुण यूपी के तेज तर्रार आईपीएस थे। श्रीराम अरुण यूपी के डीजीपी भी रह चुके हैं।
असीम अरुण की माँ लेखिका
असीम अरुण की मां स्वर्गीय शशि अरुण लेखिका रही हैं। असीम अरुण का जन्म 03 अक्टूबर 1970 को बदायूं में हुआ था। असीम अरुण की प्रारंभिक शिक्षा लखनऊ के सेंट फ्रांसिस कॉलेज में हुई थी। इसके बाद बीएससी की पढ़ाई के लिए दिल्ली चले गए। इंडियन पुलिस सर्विस में आने के बाद यूपी के कई जिलों में तैनात रहे हैं।
लखनऊ में किया था आतंकवादी का एनकाउंटर
असीम अरुण की गिनती तेजतर्रार पुलिस अफसरों में होती थी। वो एटीएस के आईजी रहे। लखनऊ में आतंकी सैफुल्लाह के एनकाउंटर में उनकी अहम भूमिका रही। कई आतंकी साजिशों का उन्होंने खुलासा किया। एडीजी पद पर प्रमोट होने के बाद कानपुर के पुलिस कमिश्नर बनाए गए थे।
Updated on:
25 Mar 2022 10:42 pm
Published on:
25 Mar 2022 10:30 pm
बड़ी खबरें
View Allलखनऊ
उत्तर प्रदेश
ट्रेंडिंग
