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मंदिर के बाद मस्जिद में महिलाओं के प्रवेश को लेकर बवाल 

भारत में भी मुस्लिम महिलाओं को मस्जिदो में जाकर नमाज़ पढ़ने की इज़ाज़त देनी चाहिए

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Anil Ankur

Apr 23, 2016

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लखनऊ। मुस्लिम समाज को आगे बढ़ने की दिशा में व पुरुषो के तरह मस्जिदो में महिलाओं के नमाज़ पढ़ने के अधिकारों को लेकर मुस्लिम महिलाएं आगे आ रही है. जिसको लेकर मुस्लिम महिला नेताओं ने जारी किये गए इस्लाम विरोधी फरमानों के खिलाफ आवाज़ बुलंद करते हुए विरोध प्रदर्शन तेज कर दिया है.

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मुस्लिम महिला नेता शाइस्ता अम्बर ने मांग की है जिस तरह काबा में मुस्लिम महिलाओं को पुरुषों के साथ नमाज़ पढ़ने की इज़ाज़त है ठीक उसी तरह भारत में भी मुस्लिम महिलाओं को मस्जिदो में जाकर नमाज़ पढ़ने की इज़ाज़त देनी चाहिए।जिससे मुस्लिम महिलाएं भी पुरुषों के साथ कंधे से कन्धा मिला लैर चल सके और मुस्लिम समज को आगे की दिशा में और बेहतर बन सके। एम्बर ने कहा की कुरान में ऐसी किसी भी बात का जिक्र नहीं है जिसमे मुस्लिम महिलाओं को नमाज़ अदा करने से रोका जा सके.



काबा में मुस्लिम महिलाओं पर किसी तरह का कोई रोक या कोई फरमान नहीं सुनाया गया है की वो मस्जिदो में जाकर नमाज़ न अदा कर सके.जब की भारत में मुस्लिम महिलाओ को मस्जिदो में पुरुषों के साथ बैठ कर नमाज़ अदा करने की मनाही है और मस्जिदो में महिलाओं द्वारा अल्लाह की इबादत करने की पूरी तरह से मुस्लिम धर्म गुरुओ ने रोक लगा राखी है.मुस्लिम महिलाओं द्वारा अपने कौम के प्रति आस्था को लेकर व पुरुषों के संग नमाज़ व मस्जिदो में अल्लाह की इबादत करने की मांग आये दिन की जा रही है
हम याद दिला दें की पिछले दिनों महाराष्ट्र के शनि शिगनापुर मंदिर के बाद भूमाता ब्रिगेड की तृप्ति देसाई ने एलन किया था की हाजी अली दरगाह में महिलाओं के प्रवेश के लिए आंदोलन करेंगी.तृप्ति देसाई का कहना है कि हाजी अली दरगाह में 2011 तक महिलाओं का मजार तक प्रवेश था. उसके बाद दरगाह ट्रस्ट ने उनके अंदर जाने पर रोक लगा दी. उन्होंने कहा कि 28 अप्रैल से इसके लिए अांदोलन शुरू किया जाएगा. हाजी अली में महिलाओं के प्रवेश पर रोक के ख़िलाफ़ बॉम्बे हाई कोर्ट में जनहित याचिका भी दायर की जा चुकी है.तृप्ति देसाई ने बताया कि वे इस मसले पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से भी मिलेंगी। उनका कहना है कि यदि केंद्र सरकार क़ानून बना दे कि भारत में सभी धर्म और जाति के धर्मस्थलों में महिलाओं को प्रवेश मिलना चाहिए तो महिलाओं के हक़ में यह बड़ा फ़ैसला होगा.

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बाबा हाजी अली शाह बुखारी की दरगाह का निर्माण 1631 में हुआ था और यह आस्था के केंद्र के तौर पर दुनिया भर में मशहूर है.तृप्ति देसाई अगले महीने सबरीमला मंदिर भी जाने वाली हैं. इससे पहले शनि शीगना के दर्शन पर महिलाओं के प्रवेश पर रोक लगी थी जिसे हाल में हटाया गया. अब यूपी में मुस्लिम महिलाओ ने मस्जिद अदा करने की मांग ने जोर पकड़ लिया है। लखनऊ में आज आल इंडिया शिया परसनल ला बोर्ड के अध्यक्ष मौलाना याकूब अब्बास कहते है की मशीलओ का मस्जिद में प्रवेश खुल है. मुस्लिम धर्म में इसकी इजाजत हे की महिलाएं मस्जिद में नमाज अदा करें. अल्लाह के पैगमो को जन जन तक पहुंचाए।