
लखनऊ. रोडवेज बसों में माननीय के लिए आरक्षित रहने वाली सीटें इन दिनों गायब हैं। उत्तर प्रदेश परिवहन निगम की बसों में विधायक, सांसद व स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों के लिए सीटें आरक्षित रहती थीं। धीरे-धीरे इस कैटेगरी के यात्रियों ने बस से यात्रा कम कर दी तो बसों में इनके नाम से आरक्षित सीटें भी गायब होने लगीं। अब एक बार फिर से इन विशेष लोगों के लिए बसों में आरक्षण सुविधा बहाल की जाये। इसके साथ ही पूर्व विधायकों और सांसदों को भी सुविधा देने की मांग उठी है।
पूर्व विधायक ने लिखी चिट्ठी
पूर्व विधायक विंध्यवासिनी कुमार ने इस सम्बन्ध में प्रदेश के परिवहन मंत्री स्वतंत्र देव सिंह को पत्र लिखा है। उन्होंने मांग की है कि सभी तरह की रोडवेज बसों में पूर्व की तरह विशिष्ट लोगों के लिए सीटों के आरक्षण की व्यवस्था बहाल की जाये। उन्होंने कहा कि शताब्दी और स्कैनिया बसों में भी यह सुविधा उपलब्ध कराई जाये। विंध्यवासिनी कहते हैं कि सीटें रिजर्व न होने के कारण कई बार सफर में मुश्किल का सामना करना पड़ता है।
सीटें रिजर्व करने की उठाई मांग
रोडवेज बसों से भले ही माननीयों की कुर्सी गायब हो गई हो लेकिन इस मामले में रोडवेज विभाग के अफसर कहते हैं कि सभी माननीय को मिलने वाली सुविधा पूर्व की तरह जारी है। अधिकारी कहते हैं कि कहीं किसी कारण से संशय की स्थिति पैदा हो गई होगी लेकिन माननीयों को मिलने वाली सुविधाएं पहले की तरह प्रदान की जा रही हैं। हालाँकि सरकारी दावों से इतर हकीकत यह है माननीयों की कुर्सी रोडवेज बसों से गायब है और वे कुर्सी रिजर्व करने की मांग उठा रहे हैं।
Published on:
05 Jan 2018 06:37 pm
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