
LDA farmers
लखनऊ. जमीन लिए जाने के बाद उचित प्रतिकर न दिये जाने के विरोध में बुधवार को हजारों किसान लाठी डंडे लेकर एलडीए कार्यालय पहुंचे। यहां उन्होंने भाकियू अवध शाखा के बैनर तले धरना प्रदर्शन किया। कानपुर रोड योजना में भूमि अधिग्रहण किये जाने से जुड़े इन किसानों ने पूर्व में निर्धारित प्रतिकर के अनुसार धनराशि दिये जाने की मांग की। इस प्रदर्शन में बड़ी सं या में महिलाएं भी शामिल थीं। इस दौरान आक्रोशित किसानों ने एलडीए अधिकारियों के रवैये पर नाराजगी भी जताई।
भारतीय किसान यूनियन अवध के बैनर तले हजारों की सं या में किसानों ने गोमती नगर स्थित लखनऊ विकास प्राधिकरण कार्यालय के बाहर धरना दिया। उन्होंने बताया कि उनकी कानपुर रोड नगर प्रसार योजना भाग एक, दो, तीन व चार में भूमि अधिग्रहण की गई। उन्होंने वहां पर एक व्यक्ति को १४ रुपए वर्गफुट की दर से दिए गए प्रतिकर को आधार मानकर सभी किसानों को इसी अनुसार प्रतिकर दिये जाने की मांग की। बताया कि एलडी की बोर्ड बैठक १६० दिनांक २६ दिसंबर २०१६ में इस प्रकरण को रखा गया। बोर्ड ने परीक्षण कर पुर्ननिर्धारण के लिए कमेटी गठित करने के निर्देश दिए। कमेटी ने बिना किसानों से बात किए मांग को सही नहीं ठहराया। किसानों के अनुसार, उपरोक्त भागों में न्यायालय की ओर से बढ़ायी गई दरों से किसानों को अपनी भूमि का उचित प्रतिकर लेने का हक है। किसानों को उचित प्रतिकर देना अर्जन निकाय तथा अपर जिला जिलाधिकारी, भूमि अर्जन का कर्तव्य और जि मेदारी है।
इस संबंध में अपर जिलाधिकारी, भूमि अर्जन ने सचिव, एलडीए को पत्र लिखकर किसानों की मांग पर सहानुभूतिपूर्वक विचार करने को कहा था। बावजूद इसके समय मांगने पर भी एलडीए वीसी व सचिव ने समस्या की ओर ध्यान नहीं दिया। किसानों ने बताया कि कमेटी ने उनसे बातकर न्यायालय द्वारा बढ़ायी गई दर से प्रतिकर तथा पेड़ों व परिस पत्तियों को बकाया प्रतिकर मिलाकर १०.५० प्रति वर्गफुट की दर से देने पर सहमति ली थी। आय-व्यय की गणना भी की गई थी। पर, अब इस पर ध्यान नहीं दिया जा रहा है। लिहाजा किसानों में आक्रोश हैं। उन्होंने कहा कि अपनी मांगों को लेकर वह कई बार धरना दे चुके हैं लेकिन फिर भी एलडीए के अधिकारी हमारी मांगों की अनदेखी कर रहे हैं। ऐसे में अब उनकी मांगों पर ध्यान नहीं दिया गया तो वे इसके बाद प्रधिकरण के चल रहे निर्माण कार्यों को बंद करा देंगे। प्रदर्शन के दौरान तमाम किसानों को एलडीए के विरुद्ध नारेबाजी की। इस मौके पर हजारों की तादात में किसान मौजूद रहे जिसमें बड़ी सं या में महिलाएं भी शामिल थीं।
ये भी हैं मांगें
किसानों के लिए चबूतरे का निर्माण, सामुदायिक केन्द्रों का निर्माण, पेड़ों व परिस पत्तियों के बकाया प्रतिकर का कार्य, अर्जन से प्रभावित गांव में नाली, सीवर लाइन, सीसी रोड जैसे विकास कार्य, भूमि अधिग्रहण किसानों के परिवार के एक सदस्य को नौकरी।
Published on:
21 Dec 2017 01:17 pm
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