
सीएम योगी आदित्यनाथ ने सालार मसूद को बताया माफिया, PC- Patrika
लखनऊ : मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने रविवार को राजधानी लखनऊ में ऐतिहासिक और राजनीतिक संदर्भों को जोड़ते हुए एक बड़ा बयान दिया। भारतेंदु नाट्य अकादमी (BNA) के 50 वर्ष पूरे होने पर आयोजित स्वर्ण जयंती समारोह में सीएम ने विदेशी आक्रांता सालार मसूद (गाजी मियां) की तुलना आधुनिक दौर के माफियाओं से की।
मुख्यमंत्री ने महाराजा सुहेलदेव के शौर्य का बखान करते हुए कहा कि एक हजार साल पहले उन्होंने सोमनाथ मंदिर को नुकसान पहुंचाने वाले आक्रांता सालार मसूद को न केवल रोका, बल्कि उसे ऐसी निर्मम मौत दी कि दोबारा किसी ने भारत की ओर आंख उठाकर नहीं देखा। योगी ने कहा, 'महाराज सुहेलदेव ने मसूद को गर्म लोहे के तवे पर बांधकर जला दिया था। इस्लाम में ऐसी मौत जहन्नुम की गारंटी मानी जाती है। महाराज ने उसे जहन्नुम भेजने का पूरा इंतजाम किया था।'
योगी आदित्यनाथ ने बिना नाम लिए पिछली सरकारों पर 'तुष्टिकरण' का आरोप लगाया। उन्होंने कहा जिस स्थान पर सुहेलदेव ने मसूद को मारा था, वहां सालों तक मसूद के नाम पर मेला लगता रहा और रक्षक सुहेलदेव को भुला दिया गया। एक समय था जब पेशेवर गुंडों और माफियाओं को 'नायक' बनाकर पेश किया जाता था। समाज के असली हीरो को किनारे कर दिया गया था। सीएम ने बताया कि अब समय बदल गया है। आज लोग सालार मसूद के मेले में झांकने भी नहीं जाते, बल्कि महाराजा सुहेलदेव के स्मारक पर गौरव के साथ मत्था टेकते हैं।
सिनेमा और कला के क्षेत्र पर बात करते हुए सीएम ने कहा कि दुनिया का सबसे लोकप्रिय सीरियल 'रामायण' है, क्योंकि भारतीय समाज अपनी जड़ों से जुड़ा है। उन्होंने नाट्य अकादमी को निर्देश दिया कि महाराजा सुहेलदेव, वीरांगना अवंतीबाई, उदादेवी और बिजली पासी जैसे नायकों पर लघु नाटक तैयार किए जाएं। नई पीढ़ी को यह बताया जाए कि हमारे असली आदर्श कौन हैं। भारत की संस्कृति को रौंदने वालों को कभी सम्मान नहीं मिलना चाहिए।
बहराइच की चित्तौरा झील के किनारे अब महाराजा सुहेलदेव का भव्य स्मारक बन चुका है, जहां 40 फीट ऊंची कांस्य प्रतिमा स्थापित है। पीएम मोदी द्वारा शिलान्यास किए गए इस स्मारक ने सुहेलदेव के गौरव को जन-जन तक पहुंचाने का काम किया है।
Published on:
05 Apr 2026 03:20 pm
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