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किसानों ने विधानसभा के सामने जलाई गन्ने की होली, मूल्य बढ़ोत्तरी को बताया भीख

किसानों ने भारतीय किसान यूनियन के बैनर तले राजधानी लखनऊ में विधान सभा के सामने गन्ने की होली जलाई।
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लखनऊ

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Laxmi Narayan

•

Oct 28, 2017

farmers protest

लखनऊ. उत्तर प्रदेश की योगी आदित्यनाथ सरकार ने भले ही गन्ने का समर्थन मूल्य 10 रुपए प्रति क्विंतल बढ़ा दिया हो लेकिन किसान इस फैसले से नाखुश हैं। शनिवार को किसानों ने भारतीय किसान यूनियन के बैनर तले राजधानी लखनऊ में विधान सभा के सामने गन्ने की होली जलाई।प्रदेश भर से आये किसानों ने गन्ना जलाकर अपना विरोध प्रदर्शित किया। किसानों ने सरकार के खिलाफ नारेबाजी की और प्रदर्शन किया। गन्ना जलाने के बाद किसानों ने सड़क पर बैठकर प्रदर्शन किया।

गन्ने की कीमत 450 रूपये प्रति क्विंटल करने की मांग

किसानों का कहना है कि सरकार ने गन्ने का जो समर्थन मूल्य तय किया है, वह बेहद कम है। किसानों ने आरोप लगाया कि चीनी मिल मालिकों को फायदा पहुंचाने के मकसद से सरकार ने किसानों के साथ भेदभाव किया है। मांग की गई कि गन्ने का न्यूनतम समर्थन मूल्य 450 रुपए प्रति कुतंल, धान का न्यूनतम समर्थन मूल्य 2500 रुपए प्रति कुतंल और आलू का न्यूनतम समर्थन मूल्य एक हजार रुपए घोषित किया जाए।किसानों ने ताजा बढ़ोत्तरी को भीख करार दिया है। भारतीय किसान यूनियन के लखनऊ मंडल के अध्यक्ष हरिनाम सिंह वर्मा ने कहा कि गन्ने पर प्रति कुतंल 10 रुपए की बढ़ोत्तरी कर सरकार ने किसानों के साथ मजाक किया है।उन्होंने कहा कि गन्ना कीमत में बढ़ोत्तरी महंगाई दर की तुलना में काफी कम है।

सरकार से निर्णय से असहमत हैं किसान

यूपी सरकार ने पिछले दिनों गन्ने के न्यूनतम समर्थन मूल्य को 10 रुपए प्रति क्विंटल बढ़ा दिया है।गन्ना किसानों से अब गन्ना 305 रुपए प्रति क्विंतल की जगह 315 रुपए प्रति क्विंटल पर खरीद की जाएगी। गन्ना किसान लम्बे समय से कीमतें बढाए जाने की मांग कर रहे थे लेकिन मूल्य में ताजा बढ़ोत्तरी से फिलहाल किसान असहमत हैं और आने वाले में गन्ना किसानों का विरोध बढ़ता दिख सकता है।

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