
अमरमणि की रिहाई के बाद बेटे अमनमणि ने मीडिया से बात की।
Amarmani Tripathi Release Update: कवियत्री मधुमिता हत्याकांड के मुख्य आरोपी अमरमणि त्रिपाठी और उनकी पत्नी मधुमणि त्रिपाठी शुक्रवार शाम 6:55 पर रिहा हो गई है। उनकी रिहाई का परवाना पहले जेल पहुंचा। फिर उसे लेकर जेलर खुद बीआरडी मेडिकल कॉलेज गए। जहां से दोनों को 25-25 लाख के मुचलके पर रिहा कर दिया गया। हालांकि रिहाई के बाद भी अभी पति-पत्नी अस्पताल में ही रहेंगे।
इससे पहले शुक्रवार सुबह सुप्रीम कोर्ट ने उनकी रिहाई पर रोक लगाने से इनकार कर दिया था। हालांकि, कोर्ट ने UP सरकार को नोटिस जारी कर 8 हफ्ते में जवाब मांगा है। वहीं, सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद ही परिसर में मधुमिता की बहन निधि शुक्ला फूट-फूटकर रोने लगीं। मधुमिता के घर के बाहर पुलिसकर्मी भी तैनात कर दिया गया।
दूसरी तरफ, अमरमणि त्रिपाठी की कर्मभूमि महाराजगंज के नौतनवा विधानसभा कार्यालय पर लोगों ने जमकर खुशी मनाई। इस दौरान एक-दूसरे को मिठाई खिलाने के साथ ही आतिशबाजी भी की गई। कार्यकर्ताओं ने कहा, ''पूर्वांचल का शेर आ रहा है। अब एक बार फिर राजनीतिक सरगर्मियां तेज हो जाएंगी।''
कोर्ट परिसर में निधि रोने लगीं तो आसपास के लोगों ने उनको दिलासा देने की कोशिश की। इस पर निधि ने रोते हुए कहा, "20 साल से दौड़ रहे हैं। सीबीआई, सीबीसीआईडी, सेशन कोर्ट, हाईकोर्ट, सुप्रीम कोर्ट सब कुछ हो गया। आज तक न्याय नहीं मिला। कोर्ट ने उम्रकैद की सजा दी, लेकिन सरकार कभी भी अमरमणि को जेल ही नहीं भेज पाई।"
उन्होंने कहा, "आरटीआई से जो मेरे पास कागज थे। दो महीने से सबको भेज रही हूं। चाहे मुख्यमंत्री हों, गवर्नर साहब हों, राष्ट्रपति हों। सबसे कहा कि यह आरटीआई के सरकारी कागज हैं। अमरमणि आपसे झूठ बोलता है। भ्रमित कर रहा है।"
उन्होंने कहा, "वो कह रहा है कि मेरी सजा माफ कर दी जाए। जब वह जेल ही नहीं गया तो सजा माफी की बात कहां से आ गई? अभी 15 अगस्त को हमने फिर सबको लेटर भेजे। 24 अगस्त की रात में अचानक रिहाई का आदेश आ जाता है कि अमरमणि को रिहा किया जाता है। आपके पास तो सारे कागज हैं। फिर आप झूठ क्यों बोलते हैं। अब हम सुप्रीम कोर्ट चले आए। अब इन्हीं से उम्मीद है कि कम से कम रिहाई पर रोक लगा दो। मेरे पास जो कागज हैं, वह साबित करते हैं कि अमरमणि का चाल-चलन अच्छा नहीं हैं। मेरी गुजारिश है कि जब तक सुप्रीम कोर्ट का फैसला न आ जाए तब तक अमरमणि को रिहा न किया जाए।"
कांग्रेस अध्यक्ष ने कहा-इनकी रिहाई नहीं होनी चाहिए
कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष अजय राय ने अमरमणि त्रिपाठी के रिहाई वाले आदेश पर कहा कि इस क्राइम में शामिल लोगों को जेल से बाहर नहीं आना चाहिए। इससे समाज में गलत संदेश जाएगा। बीजेपी सिर्फ बेटी बचाओ का नारा देती है। असल में ये सब गुनहगार हैं। ऐसे लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई होनी चाहिए। ताकि ऐसी घटनाएं न हो।
चलिए, पूरे मामले को सिलसिलेवार तरीके से बताते हैं। सबसे पहले रिहाई का आदेश...
अमरमणि और उनकी पत्नी की समय से पहले रिहाई होगी। रिहाई का शासनादेश उनके अच्छे आचरण को देखते हुए सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर जारी किया है। दरअसल, 18 अगस्त को सुप्रीम कोर्ट ने रिहाई का आदेश पारित किया। इसमें लिखा है कि उनकी उम्र 66 साल होने, करीब 20 साल तक जेल में रहने और अच्छे आचरण को देखते हुए किसी अन्य वाद में शामिल न हो तो रिहाई कर दी जाए।
जिला मजिस्ट्रेट गोरखपुर की तरफ से आदेश जारी हुआ कि दो जमानतें और उतनी ही धनराशि का एक निजी मुचलका देने पर उन्हें जेल से रिहा कर दिया जाए। इसके बाद अब शासन की ओर से अमरमणि की रिहाई का आदेश जारी हो गया था।
सुप्रीम कोर्ट में दायर की थी याचिका
सुप्रीम कोर्ट ने पिछले दिनों जेल में अच्छा आचरण करने वाले कैदियों की रिहाई पर विचार करने को राज्य सरकार को सलाह दी थी। इसके बाद अमरमणि ने अपनी रिहाई के लिए सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर की थी। सुप्रीम कोर्ट ने उनकी याचिका पर सरकार को 10 फरवरी 2023 को रिहाई का आदेश दिया था। आदेश का पालन नहीं होने पर फिर अमरमणि की ओर से अवमानना याचिका दायर की गई।
ज्यादातर वक्त मेडिकल कॉलेज में भर्ती रहे अमरमणि
अमरमणि और उनकी पत्नी कहने को तो जेल में रहे, लेकिन सूत्र बताते हैं कि उनका ज्यादातर वक्त गोरखपुर के बीआरडी मेडिकल कॉलेज में बीता। जब से सजा हुई दोनों अधिकतर वक्त तक बीमार रहे और इलाज के लिए मेडिकल कॉलेज में भर्ती रहे। बीआरडी मेडिकल कॉलेज के प्राइवेट वार्ड की दूसरी मंजिल पर 32 कमरे हैं। इसमें ऊपरी हिस्से के 16 नंबर कमरे में अमरमणि त्रिपाठी और उनकी पत्नी मधुमणि त्रिपाठी एडमिट रहे हैं। वार्ड के सभी कमरों के ऊपर नंबर लिखा हुआ है। लेकिन कमरा नंबर 15 के बाद सीधे 17 नंबर का कमरा आ जाता है।
जिस कमरे में अमरमणि रहे हैं। उस पर 16 नंबर नहीं लिखा। यह कमरा सीढ़ियों से सटा है। कमरे के बाहर पुलिसकर्मी तैनात रहते हैं। इसके साथ ही अमरमणि के अपने आदमी भी रहते हैं, जो किसी भी आने-जाने वाले पर निगाह रखते हैं। वहीं, अमरमणि त्रिपाठी के मामले में जेल प्रशासन से लेकर बीआरडी मेडिकल कॉलेज प्रशासन कुछ बोलने को तैयार नहीं होते। सवाल करने पर कहा जाता है कि बिना ऊपर से आदेश के हम कोई जानकारी नहीं दे सकते हैं।
हालांकि, अब यह देखना है कि क्या इस रिहाई के साथ उनकी बीमारी भी ठीक होगी या फिर वे अभी भी बीआरडी मेडिकल कॉलेज में भर्ती होकर इलाज कराएंगे?
निधि ने कहा-SC में सुनवाई, तब तक रिहाई पर रोक लगाएं
अमरमणि के रिहाई के आदेश के बाद मधुमिता की बहन निधि शुक्ला का बयान सामने आया है। इसमें वह कह रही हैं, "राज्यपाल के आदेश पर मुझे बहुत हैरानी हुई। क्योंकि उत्तर प्रदेश सरकार और राज्यपाल को 15 दिन से बराबर हम सूचना दे रहे हैं कि सुप्रीम कोर्ट में हमारी याचिका स्वीकार हो चुकी है। 25 तारीख को 11 बजे सुनवाई है। मुझे लगता है कि राज्यपाल को भ्रमित कराकर रिहाई का आदेश करवाया गया है। मेरी प्रार्थना है कि हमारी याचिका पर सुप्रीम कोर्ट का आदेश जब तक नहीं आता, तब तक रिहाई पर रोक लगा देनी चाहिए।"
अमरमणि की रिहाई के बाद मधुमिता शुक्ला की बहन ने तुरंत यह नोट मीडिया में जारी किया था। इसमें सुप्रीम कोर्ट में आज केस की सुनवाई होने का जिक्र है।
बता दें कि कवियत्री मधुमिता शुक्ला हत्याकांड में दोषी करार दिए जाने के बाद उम्रकैद की सजा काट रहे पूर्व मंत्री अमरमणि त्रिपाठी और उनकी पत्नी मधुमिता त्रिपाठी को शासन ने रिहा करने का आदेश जारी कर दिया है। यह खबर सुनकर उनके समर्थकों में खुशी की लहर दौड़ पड़ी है।
खबर की जानकारी मिलते ही नौतनवां कस्बे में पूर्व मंत्री के आवास पर समर्थकों की भीड़ लग गई है। सभी अपने हिसाब से खुशी का इजहार कर रहे हैं।
Updated on:
25 Aug 2023 08:36 pm
Published on:
25 Aug 2023 08:05 pm
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