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Gangrape:हाथ-पैर बांधकर 15 साल की किशोरी से गैंगरेप, बदहवास हुई पीड़िता

Gangrape:हाथ-पैर बांधकर और मुंह में कपड़ा ठूंसकर एक किशोरी से गैंगरेप का मामला सामने आने से खलबली मची हुई है। पीड़िता को बदहवास हालत में एक बगीचे से बरामद किया गया है। पीड़िता के पिता की तहरीर पर पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया है।

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लखनऊ

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Naveen Bhatt

Oct 15, 2024

A teenage girl was gang-raped in Haldwani, Uttarakhand

उत्तराखंड के हल्द्वानी में किशोरी से गैंगरेप का मामला सामने आया है

Gangrape:हाथ-पैर बांधकर और मुंह में कपड़ा ठूंसकर उत्तराखंड के नैनीताल जिले के हल्द्वानी के मुखानी थाना क्षेत्र में 15 साल की एक किशोरी से गैंगरेप का मामला सामने आया है। किशोरी की मां ने पुलिस को बताया कि बीते सात अक्तूबर को इलाके में धार्मिक आयोजन चल रहा था। बेटी भी उस आयोजन में गई थी। वह देर रात तक वापस नहीं लौटी, तब उसकी खोजबीन शुरू की। आयोजन स्थल के पास ही बेटी बदहवास मिली। परिजन उसे घर लाए। जब किशोरी ने परिजनों को आपबीती सुनाई तो उनके पैरों तले जमीन खिसक गई। किशोरी ने परिजनों को बताया कि कार्यक्रम से लौटते वक्त इलाके के ही आशीष और हिमांशु उसे जबरन पास के बगीचे में खींचकर ले गए। यहां उसके हाथ-पैर बांधे और मुंह में कपड़ा ठूंस दिया। इसके बाद दोनों ने उससे दुष्कर्म किया।

जांच में रेप की पुष्टि हुई

किशोरी से हुई हैवानियत का पता लगने पर परिजन स्तब्ध रह गए। रविवार को परिजन काफी देर बेटी को समझाने के बाद आरोपियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराने तहरीर लेकर मुखानी थाने पहुंचे। मुखानी के एसओ विजय मेहता ने बताया कि मेडिकल जांच में दुष्कर्म की पुष्टि हुई है। एसओ ने बताया कि आरोपी हिमांशु को गिरफ्तार कर कोर्ट के आदेश पर जेल भेजा दिया गया है। दूसरे आरोपी की तलाश की जा रही है।

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रात के अंधेरे में पुलिस गश्त गायब

नैनीताल एसएसपी खुद कई बार अधीनस्थ पुलिस अधिकारियों को रात्रि गश्त और चेकिंग को सख्ती से करने के निर्देश दे चुके हैं। इसके बाद भी शहर में हत्या और सामूहिक दुष्कर्म की वारदातों का होना पुलिस की सक्रियता और सतर्कता पर सवाल खड़े कर रहा है। रात्रि गश्त का बढ़ना तो दूर कई क्षेत्रों से रात की गश्त नदारद है। लोगों का कहना है कि अगर रात्रि गश्त और चेकिंग के साथ धार्मिक आयोजन स्थल को लेकर पुलिस सक्रिय होती तो शायद ये वारदातें नहीं होतीं।

धार्मिक आयोजन स्थल पर नहीं थे सुरक्षाकर्मी

हल्द्वानी में सात अक्तूबर की रात अधिवक्ता की गोली मारकर हत्या के दौरान रामलीला स्थल के गेट पर पुलिसकर्मियों की ड्यूटी थी। अब मामला सामूहिक दुष्कर्म का सामने आया है। ऐसे में यह सवाल खड़ा हो रहा है कि करीब सात दिन पहले रामलीला स्थल पर हत्या की वारदात के बाद भी धार्मिक आयोजन के दौरान सुरक्षा के लिहाज से ड्यूटी क्यों नहीं लगाई गई। लोग पुलिस की कार्य प्रणाली को सवालों के घेरे में खड़ा कर रहे हैं।