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जीसीआरजी ने दी सफाई, कहा- पहले ही रद्द हो चुके हैं मेडिकल स्टूडेंट्स के एडमिशन

संस्थान के प्रबंधन ने कहा है कि वर्तमान सत्र में संस्थान में एमबीबीएस का कोई भी विद्यार्थी अध्ययनरत नहीं है।
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लखनऊ

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Laxmi Narayan

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Nov 24, 2017

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लखनऊ. जीसीआरजी इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज लखनऊ के एमबीबीएस स्टूडेंट्स के एडमिशन रद्द किये जाने के सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर संस्थान के प्रबंधन ने कहा है कि वर्तमान सत्र में संस्थान में एमबीबीएस का कोई भी विद्यार्थी अध्ययनरत नहीं है। इंस्टीट्यूट के एडमिनिस्ट्रेटिव ऑफिसर आसिफ अताउल्लाह खान ने बताया कि सुप्रीम कोर्ट के निर्णय की प्रति अभी उन्हें प्राप्त नहीं हुई है इसलिए निर्णय पर कोई प्रतिक्रिया दे पाना सम्भव नहीं है। उन्होंने आगे कहा कि सुप्रीम कोर्ट का जो भी फैसला है, वह मान्य है।

वर्ष 2016 में लिए गए थे 96 प्रवेश

मेडिकल स्टूडेंट्स के भविष्य को लेकर उठे सवाल पर इंस्टीट्यूट प्रबंधन ने कहा कि वर्ष 2016 में 96 विद्यार्थियों का प्रवेश लिया गया है जो वर्तमान सत्र में पढ़ रहे हैं और उनकी परीक्षा चल रही है। साल 2017 में जो प्रवेश लिए गए वे पूर्व में ही रद्द हो चुके हैं। वर्तमान में सत्र 2017 के विद्यार्थी हमारे संस्थान में अध्ययनरत नहीं हैं। प्रवेश रद्द होने के साथ ही उनकी फीस भी वापस कर दी गई थी। प्रवेश प्रक्रिया डायरेक्टर जनरल मेडिकल एजुकेशन ने संपन्न कराई थी और प्रवेश रद्द सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर हुए थे।

वर्तमान सत्र में विद्यार्थी न होने का दावा

संस्थान प्रबंधन ने बताया कि सुप्रीम कोर्ट ने 6 अक्टूबर 2017 को प्रवेश रद्द करने का आदेश दिया था, जिसके बाद सभी प्रवेश निरस्त करते हुए स्टूडेंट्स की फीस वापस कर दी गई थी। प्रवेश प्रक्रिया हाईकोर्ट के निर्देश पर हुई थी लेकिन एमसीआई ने इस प्रवेश प्रक्रिया के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में पिटीशन दाखिल की थी, जिसके बाद सुप्रीम कोर्ट ने प्रवेश रद्द कर दिए थे। कॉलेज प्रबंधन ने कहा कि वर्तमान में 2017 का बैच ही शुरू नहीं हुआ है।

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