
शार्प शूटर हनुमान पांडेय एनकाउंटर पर उठे सवाल, सीबीआई जांच के लिए सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर
लखनऊ. भाजपा विधायक कृष्णानंद राय हत्याकांड में शामिल ईनामी बदमाश राकेश पांडेय उर्फ हनुमान पांडेय को पुलिस ने लखनऊ में रविवार को ढेर कर दिया। एनकाउंटर को लेकर हनुमान पांडेय के पिता आर्मी से सेवानिवृत्त बालदत्त पांडेय ने यूपी एसटीएफ पर सवाल उठाए हैं। मामले में अधिवक्ता विशाल तिवारी ने राकेश पांडेय एनकाउंटर की स्वतंत्र व निष्पक्ष जांच के लिए सीबीआई से जांच कराने की जनहित याचिका सुप्रीम कोर्ट में दायर की है। अधिवक्ता ने जनहित याचिका में मुठभेड़ करने वाले पुलिस अधिकारियों के खिलाफ हत्या, साक्ष्य नष्ट करना, आपराधिक षड्यंत्र और भारतीय दंड संहिता (आईपीसी) के अन्य धाराओं के तहत एफआईआर दर्ज करने का निर्देश देने की मांग की है। साथ ही याचिकाकर्ता ने सुप्रीम कोर्ट के पूर्व न्यायाधीश की अध्यक्षता में तीन सदस्यीय जांच आयोग गठित करने की मांग है। बीते दिनों बहुचर्चित विकास दुबे एनकाउंटर पर मामले में मानवाधिकार को लेकर सवाल उठे, जिसके बाद कुछ लोगों ने सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया। सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले में गंभीरता दिखाते हुए तीन सदस्यीय जांच कमेटी गठित की जो मामले की जांच कर रही है। विपक्षी दल भी सरकार पर ब्राह्मणों के खिलाफ कार्रवाई के आरोप लगाते रहे हैं।
एसटीएफ आइजी अमिताभ यश ने बताया कि हनुमान पाण्डेय लखनऊ के सरोजनीनगर में अपने पांच साथियों के साथ किसी बड़ी वारदात को अंजाम देने आया था। एक न्यूज चैनल की स्टीकर लगी इनोवा से भाग रहे बदमाशों को सैनिक स्कूल के पास एसटीएफ ने घेर लिया। पुलिस एनकाउंटर में उसके साथ मौजूद चार बदमाश भागने में कामयाब हो गए। पुलिस की गोली से घायल हनुमान पांडेय को लोहिया अस्पताल ले जाया गया, जहां उसे मृत घोषित कर दिया गया। एनकाउंटर को लेकर हनुमान पांडेय के पिता आर्मी से सेवानिवृत्त बालदत्त पांडेय ने यूपी एसटीएफ पर सवाल उठाते हुए कहा कि यूपी एसटीएफ को वह कोर्ट में ले जाएंगे। उन्होंने कहा कि एसटीएफ की कहानी फर्जी है। बलदेव के मुताबिक राकेश की मां बीमार है। उसका इलाज लखनऊ के पीजीआई में चल रहा था। दो दिन पहले उन्हें अस्पताल से डिस्चार्ज किया गया। अपनी मां की देखरेख के लिए राकेश लखनऊ में रुका हुआ था। वह अकेला था।
पिता ने कहा- घर से उठा ले गई पुलिस
एनकाउंटर में मारे गये शार्प शूटर के पिता का कहना है कि शनिवार की रात तीन बजे यूपी एसटीएफ उनके बेटे को घर से उठाकर ले गई और एनकाउंटर कर दिया। उन्होंने बताया कि राकेश कई वर्षों से वह आपराधिक गतिविधियों से दूर था। उस पर दर्ज सारे मुकदमे खत्म हो चुके हैं। कोई ईनाम भी घोषित नहीं था। बलदत्त ने कहा कि निजी दुश्मनी के तहत अचानक 50 हजार रुपये का इनाम घोषित कर उसकी हत्या कर दी गई।
गाड़ी पेड़ से टकराई, लेकिन डेंट तक नहीं आया
एसटीएफ का दावा है कि पीछा करने के दौरान बदमाशों की इनोवा गाड़ी पेड़ से टकराकर रुक गई, जिसके बाद बदमाशों ने उतरते ही पुलिस पर फायरिंग शुरू कर दी। जो इनोवा पेड़ से टकराई उसमें डेंट तक नहीं आया। उसकी नंबर प्लेट आगे और पीछे दोनों एक ही स्थान से टूटी मिली है। इसे लेकर सोशल मीडिया पर भी सवाल उठाए जा रहे हैं। इसके अलावा प्रयागराज के औद्योगिक क्षेत्र थाने में दर्ज जिस एफआईआर के आधार पर राकेश पांडेय पर ईनाम घोषित करने की बात की जा रही है, उसमें उसका नाम ही नहीं है।
हर एनकाउंटर सवालों के घेरे में क्यों?: जितिन प्रसाद
पूर्व केंद्रीय मंत्री व यूपी कांग्रेस के युवा नेता जितिन प्रसाद ने पुलिस एनकाउंटर में मारे गये हनुमान पांडेय के पिता का वीडियो ट्वीट करते हुए लिखा है कि अपराधियों पर कार्यवाही हो इससे मैं भी सहमत हूं। लेकिन हमारे प्रदेश में जो कार्यवाही हो रही है उस पर हर बार सवाल क्यों खड़े हो जाते हैं? इस पर भी विचार करना पड़ेगा। जैसा इस प्रकरण में भी सुनाई पड़ रहा है। वहीं, पूर्व प्रदेश प्रवक्ता व कांग्रेस नेता अंशू अवस्थी ने ट्वीट करते हुए लिखा है कि ब्राह्मण हो तो बच के रहना सरकार संविधान और कानून से नहीं। सीधे हत्या कराएगी। घर से उठाया और हत्या करा दी। वाह!
भाजपा सरकार में ब्राह्मण उत्पीड़न : मायावती
बसपा सुप्रीमो मायावती ने कि कानपुर विकास दुबे कांड की आड़ में पूरे प्रदेश में ब्राह्मण समाज का शोषण किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि बसपा का मानना है कि किसी गलत व्यक्ति के अपराध की सजा के तौर पर उसके पूरे समाज को प्रताड़ित व कटघरे में नहीं खड़ा करना चाहिए। एक और ट्वीट में मायावती ने कहा कि सरकार ऐसा कोई काम नहीं करे जिससे अब ब्राह्मण समाज भी यहां अपने आपको भयभीत, आतंकित व असुरक्षित महसूस करे।
Updated on:
10 Aug 2020 04:16 pm
Published on:
10 Aug 2020 04:10 pm
बड़ी खबरें
View Allलखनऊ
उत्तर प्रदेश
ट्रेंडिंग
