
गैस पर सिकी हुई रोटियां
हम सब के खाने का सबसे प्रमुख हिस्सा रोटी होता है। लगभग हर घर में बिना रोटी के खाना पूरा नहीं होता। हम सब के घर पर रोटी को बनाने के लिए कुछ देर तक उसे तवे पर सेंकते है उसके बाद चिमटे की मदद से उसे चूल्हे की आंच पर पकाया जाता है। लेकिन हाल ही में एक रिसर्च में बताया गया कि तेज आंच पर खाना पकाने से हेट्रोसाइक्लिक अमाइन्स (HCAs) और पॉलीसाइक्लिक अरोमैटिक हाइड्रोकार्बन्स (PAHs) का उत्पादन होता है। ये एक तरह से कार्सिनोजन्स होते है।
क्या है रिसर्च
पर्यावरण विज्ञान और प्रौद्योगिकी जर्नल में प्रकाशित हुई इस नई रिसर्च और WHO के अनुसार नैचुरल गैस चूल्हा और गैस स्टोव्ज से निकलने वाली कार्बन मोनोऑक्साइड, नाइट्रोजन डाइऑक्साइड और सूक्ष्म कण पदार्थ को सेहत के लिए सही नहीं होती है। सिर्फ इतना ही नहीं, न्यूट्रीशन एंड कैंसर जर्नल में प्रकाशित हुई एक दूसरी स्टडी बताती है कि तेज आंच पर खाना पकाने से कार्सीनोजन्स प्रोड्यूस होते हैं।
गैस पर बानी रोटी पर रिसर्च
फूड स्टैन्डर्ड्स ऑस्ट्रेलिया और न्यूजीलैंड के चीफ वैज्ञानिक, डॉ. पॉल ब्रेंट की रिपोर्ट के अनुसार, जब ब्रेड गैस की आंच के संपर्क में आती है, तो इससे एक्रिलामाइड नामक एक रसायन का उत्पादन होता है, जो खाना पकाने की प्रक्रिया के दौरान चीनी और कुछ अमीनो एसिड्स को एक साथ गर्म करने पर उत्पन्न होता है। हालांकि, यह रिपोर्ट जले हुए टोस्ट पर आधारित थी, लेकिन गेंहू के आटे में भी प्राकृतिक चीनी और प्रोटीन का कुछ स्तर होता है, जो गर्म होने पर कार्सीनोजेनिक केमिकल का उत्पादन करता है, जिसका सेवन करना सेहत के लिए सुरक्षित नहीं है।
रोटी गैस पर बनाए या नहीं
हम अगर रिसर्च के हिसाब से बात करें तो रोटी को सीधे आंच पर सेक कर खाना सही नहीं है। अगर इससे होने वाले ज्यादा खतरें की बात करें तो और और स्टडीज और रिसर्च की जरूरत है।
Published on:
01 Apr 2023 10:39 am

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