
शिक्षा मित्र भी कराएंगे 12460 सहायक अध्यापक भर्ती की काउंसलिंग, हाईकोर्ट का बड़ा आदेश
लखनऊ. उत्तर प्रदेश के शिक्षामित्रों को हाईकोर्ट से बहुत बड़ी राहत मिली है। शिक्षामित्रों की याचिका पर हाईकोर्ट ने फैसला सुनाते हुए उन्हें ये बड़ी राहत दी है। हाईकोर्ट के इस आदेश से उन तमाम शिक्षामित्रों को फायदा मिलेगा जो सहायक अध्यापक बनने के लिए जरूरी योग्यता रखते हैं।
हाईकोर्ट से बड़ी राहत
हाईकोर्ट में शिक्षामित्रों को बड़ी राहत देते हुए बेसिक शिक्षा परिषद के स्कूलों में चल रही 12460 सहायक अध्यापक भर्ती की काउंसलिंग में शामिल करने का आदेश दिया है। नियुक्ति प्रक्रिया में ऐसे शिक्षामित्र शामिल हो सकेंगे जो उस पद के लिए जरूरी योग्यता रखते हैं और इस भर्ती के लिए पहले आवेदन भी कर चुके हैं। लेकिन उस समय सहायक अध्यापक पद पर समायोजित होने की वजह से उनको 12460 की काउंसलिंग में मौका नहीं दिया गया था।
शिक्षामित्रों को मिले मौका
हाईकोर्ट ने इस संबंध में सभी बेसिक शिक्षा अधिकारियों को निर्देश दिया है कि इस समय चल रही 12460 सहायक अध्यापक की नियुक्ति प्रक्रिया में योग्य शिक्षामित्रों को खाली पदों पर उनकी मेरिट के हिसाब से नियमानुसार मौके दिए जाएं। काउंसिलिंग के बाद जो भी शिक्षामित्र मेरिट लिस्ट में चुने जाएं उन्हें नियुक्ति पत्र दिए जाएं। शिक्षामित्रों की याचिकाओं पर न्यायमूर्ति अश्वनी कुमार मिश्र ने सुनवाई करते हुए ये आदेश दिया है।
शिक्षामित्रों के पक्ष को बताया सही
हाईकोर्ट ने दोनों पक्षों को सुनने के बाद न्यायमूर्ति अश्वनी कुमार ने शिक्षामित्रों के वकील सीमांत सिंह की दलील स्वीकार करते हुए सही बताया। उन्होंने कहा कि जो शिक्षामित्र सहायक अध्यापक पद के लिए जरूरी योग्यता रखते हैं और समायोजन के कारण यदि उनको पहले की काउंसलिंग में शामिल नहीं किया गया था। लेकिन अब स्थिति बदल गई है। सुप्रीम कोर्ट ने भी शिक्षामित्रों को वेटेज देने का निर्देश दिया है। इसलिए शिक्षामित्रों को बचे हुए पदों में उनकी मेरिट के हिसाब से मौका दिया जाए।
सुप्रीम कोर्ट ने समायोजन किया था रद्द
आपको बता दें कि 25 जुलाई 2017 को सुप्रीम कोर्ट ने यूपी के प्राइमरी स्कूलों में 1.70 लाख शिक्षामित्रों का सहायक अध्यापक पद पर समायोजन को गलत बताया था। सुप्रीम कोर्ट ने इलाहाबाद हाईकोर्ट के 12 सितंबर 2015 के फैसले को सही ठहराते हुए इन सभी शिक्षामित्रों का समायोजन रद्द कर दिया था। सुप्रीम कोर्ट ने आदेश दिया था कि शिक्षामित्रों को शिक्षक के तौर पर नियमित नहीं किया जा सकता।
Published on:
04 May 2018 11:26 am
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