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महंगी होगी पेप्सी कोला, गर्मी से पहले बढ़ जाएंगे 14 फीसद दाम

नए वित्तीय वर्ष से पेप्सी, कोला समेत कई चीजें महंगी हो जाएंगी

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महंगी होंगे पेप्सी कोला, गर्मी से पहले बढ़ जाएंगे 14 फीसद दाम

महंगी होंगे पेप्सी कोला, गर्मी से पहले बढ़ जाएंगे 14 फीसद दाम

लखनऊ. गर्मियां शुरू हो चुकी हैं। मार्च के बाद गर्मी और बढ़ जाएगी। ऐसे में कोल्ड ड्रिंक्स, चिप्स, आइसक्रीम जैसी खान पान की चीजों की डिमांड अधिक रहती है। स्कूल से आए बच्चे हों, ऑफिस से घर आया व्यक्ति हो या कहीं पार्टी हो, गर्मी के सीजन में अक्सर लोग एसी रूम में बैठे पेप्सी (Pepsi Price), कोला, आइसक्रीम का सेवन करना पसंद करते हैं। लेकिन नए वित्तीय वर्ष से पसंद महंगी हो सकती है। नए वित्तीय वर्ष से कई चीजें 6 से 14 प्रतिशत से महंगी हो जाएंगी।

आइसक्रीम और फ्रोजन मिठाई

गर्मी को मौसम में आइसक्रीम को मौसम परवान चढ़ता है। इस दौरान आइसक्रीम की डिमांड काफी ज्यादा रहती है। लेकिन इस बार ये शौक महंगा हो सकता है। वर्तमान में दूध की आपूर्ति घट गई है और मिल्क पाउडर की सप्लाई बढ़ गई है। आइसक्रीम बनाने के लिए मिल्क पाउडर का इस्तेमाल किया जाता है। लिहाजा अमूल, वाडिलाल जैसी कंपनियों ने आइसक्रीम के दाम बढ़ा दिए हैं।

पेय पदार्थ

पेय पदार्थ और कोल्डड्रिंक्स की कीमत में 6 से 14 प्रतिशत का इजाफा हो सकता है। इसमें मुख्य रूप से पेप्सी को, कोका कोला ड्रिंक्स शामिल हैं। माउंटेन डीयू 14 से 40 रुपये तक महंगी हो सकती है। दो लीटर कैपेसिटी वाली बॉटल पर पांच रुपए बढ़ सकते हैं। वर्तमान में इसकी कीमत 85 रुपए है जो बढ़कर 90 रुपए हो सकती है। 1.25 लीटर की बॉटल के लिए 8.3 प्रतिशत कीमत बढ़ सकती है।

एसी एयरकंडीशनर

भारत के एसी बाजारों का मुख्य सप्लायर चीन है और वर्तमान में चीन में फैले कोरोना वायरस का असर व्यापार पर पड़ रहा है। गर्मी बढ़ने के साथ ही एसी की डिमांड भी बढ़ जाएगी। लेकिन इस बार बाजारों में इसकी बिक्री जरा महंगी होगी क्योंकि एयर कंडीशनर कंप्रेशर पर पांच प्रतिशत कस्टम ड्यूटी बढ़ दी गई है।

वाहन भी होंगे महंगे

नए वित्तीय वर्ष से ऑटोमोबाइल सेक्टर में बीएस-4 मानक वाले इंजन की जगह बीएस-6 मानक वाले इजनों की बिक्री होगी। सुप्रीम कोर्ट के निर्देश पर वाहन निर्माता कंपनियां अब केवल बीएस-6 इंजन वाले वाहनों की बिक्री और रजिस्ट्रेशन करवा सकेंगी। जानकारों का मानना है कि बीएस-4 वाले वाहन मानक के अनुरूप नहीं हैं। इस प्रकार के ईंधन से चलने वाले वाहनों से प्रदूषण अपेक्षा से ज्यादा बढ़ता है। ऐसे में 1 अप्रैल के बाद इन वाहनों की बिक्री पर रोक लगाई जाएगी। यानी कि बीएस-4 वाले वाहनों की बिक्री 31 मार्च तक ही की जा सकेगी।

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