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अब हर पुलिसथाने में पुलिसकर्मियों के लिए बनेगा आवास, महिला पुलिसकर्मियों के लिए होगी अलग शौचालय की व्यवस्था

- महिला पुलिसकर्मियों के लिए होगी अलग टॉयलेट की व्यवस्था - पुलिस कर्मियों को मिलेगा अलग आवास भी  

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लखनऊ. राज्य के कुछ जिलों में पुलिसकर्मियों के लिए साप्ताहिक बंदी की प्रणाली को दोबारा शुरू करने के बाद यूपी सरकार ने एक और फैसला किया है। अब पुलिस कर्मियों को थाना परिसर में जहां भी तैनात किया जाएगा, उन्हें वहां आवास की सुविधा दी जाएगा। साथ ही महिला पुलिस कर्मियों के लिए अलग से शौचालय भी बनवाया जाएगा। अतिरिक्त मुख्य सचिव (गृह) अवनीश अवस्थी (Awanish Awasthi) ने कहा कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ (UP CM Yogi Adityanath) ने गृह विभाग से सभी पुलिस कर्मियों के लिए आवास और शौचालय की योजना तैयार करने के निर्देश दिए हैं।

स्वच्छता को ध्यान में रखकर लिया गया फैसला

लगभग 1,480 पुलिस स्टेशनों और 4,14,492 पुलिस कर्मियों की स्वीकृत शक्ति के साथ, यूपी में दुनिया का सबसे बड़ा पुलिस बल है। थानों में एक ही शौचालय का इस्तेमाल सभी के करने से इंफेक्शन का खतरा रहता है। अवनीश अवस्थी ने कहा कि यह कदम स्वच्छता को ध्यान में रखकर लिया गया है। उन्होंने कहा कि पहले चरण में पुलिस थानों में आवास और शौचालय की समस्या का समाधान होगा। वहीं, दूसरे चरण में हथियारों के आधुनिकीकरण और प्रशिक्षण जैसे मुद्दों पर ध्यान दिया जाएगा

पुलिसकर्मियों की पेरशानी

गृह विभाग के प्रमुख का कार्यभार संभालने के बाद अवनीश अवस्थी ने पुलिस कर्मियों के कामकाज का अध्ययन करने और उनके वर्क लोड को जानने के लिए कई पुलिस स्टेशनों और जेलों का निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने पाया कि किसी भी पुलिस स्टेशन में महिलाओं के लिए अलग से शौचालय नहीं है। इसके अलावा पुलिस कर्मियों के आवास की परेशानी भी अलग समस्या है। उन्होंने देखा कि आवासीय सुविधाओं की कमी के कारण बड़ी संख्या में पुलिस कर्मी, जिनमें से इंस्पेक्टर रैंक के लोग भी शामिल हैं, वे किराए के घरों में रह रहे हैं।

पुलिस कर्मियों की इस परेशानी को जानने के बाद अवनीश अवस्थी ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को स्थिति से अवगत कराया। पुलिस कर्मियों की परेशानी को जानने के बाद मुख्यमंत्री ने थानों के बाहर तैनात लोगों के लिए पुलिस थानों और सरकारी घरों के भीतर आवासीय सुविधाएं सुनिश्चित करने के लिए कहा। आवास योजना तैयार होते ही बजट जारी किया जाएगा।

शौचालय और आवास सबसे बड़ी समस्या

हर पुलिस थाने में दो महिलाकर्मी तैनात की जाती हैं। लेकिन दफ्तरों में शौचालय और रहने के लिए आवास इनकी सबसे बड़ी परेशानी है। राजधानी लखनऊ में 43 पुलिस थानों समेत पुलिस के छोटे बड़े कई दफ्तर ऐसे हैं, जहां महिला पुलिसकर्मी के लिए अलग से शौचालय नहीं है। जाहिर है घंटों ड्यूटी करने वाली महिला पुलिसकर्मियों को इस वजह से हाईजीन संबंधित कई परेशानियों का सामना करना पड़ता होगा।

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