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पेट्रोल-डीजल कार है तो 2 स्टेप में लगवाएँ इलेक्ट्रिक किट, नहीं तो सरकार कैंसिल करने जा रही रजिस्ट्रेशन

Diesel Petrol Car डीजल पेट्रोल कारों में इलेक्ट्रिक किट लगाने के लिए 'नई इलेक्ट्रिक वाहन कनवर्ज़न नीति' लागू की जा रही है. जिसमें पेट्रोल, डीज़ल कार को इलेक्ट्रिक कार में बादल दिया जाएगा।

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लखनऊ

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Dinesh Mishra

Feb 11, 2022

Symbolic Photo of Electric Car during charging  in india

Symbolic Photo of Electric Car during charging in india

Electric Car in India देश भर में डीजल पेट्रोल पर निर्भरता और प्रदूषण को कम करने के लिए भारत सरकार लगातार काम कर रही है। जिसमें इलेक्ट्रिक कारों को बढ़ावा दिया जाना शामिल हैं। वहीं डीजल पेट्रोल इस्तेमाल कर रहे पुरानी कारों को भी अब इलेक्ट्रिक किट लगाकर ही चलाया जा सकता है। अथवा आपकी गाड़ी कबाड़ी ही ले जाएगा। क्योंकि सरकार ने ऐसी पुरानी गाड़ियों का रजिस्ट्रेशन कैंसिल करने का मूड बना लिया है। पत्रिका आपको बताने जा रहा है ऐसी ही अच्छी और सरल बातें जिन नियमों को जानकार आप आसानी से अपनी कार में डीजल पेट्रोल हटाकर इलेक्ट्रिक किट लगा सकते हैं।

दिल्ली में पेट्रोल डीजल कार को इलेक्ट्रिक किट लगाने का नियम लागू

डीजल पेट्रोल कारों में इलेक्ट्रिक किट लगाने के लिए 'नई इलेक्ट्रिक वाहन कनवर्ज़न नीति' लागू की जा रही है. जिसमें पेट्रोल, डीज़ल कार को इलेक्ट्रिक कार में बादल दिया जाएगा। इसमें शुरुआती में ऐसी कारों को प्रमुखता से शामिल किया गया है जिनकी कार को प्रदूषण की वजह से दिल्ली से बाहर करने की योजना है। इसका सबसे बड़ा फायदा उन लोगों को होगा। जिनके पास 10 साल पुरानी डीज़ल कार या 15 साल पुरानी पेट्रोल कार है. कारों को इलेक्ट्रिक में किया जाएगा कन्वर्ट दिल्ली में इन कारों के रजिस्ट्रेशन सरकार ने कैंसिल कर दिए हैं. अब इन कारों को कामयाब बनाने के लिए दिल्ली सरकार के परिवहन विभाग ने पेट्रोल-डीजल व्हीकल को इलेक्ट्रिक में कन्वर्ट करने वाले सेंटर्स के लिए रजिस्ट्रेशन प्रोसेस शुरू कर दिया है.

कहाँ लगाएंगे इलेक्ट्रिक किट, कितना होगा खर्चा

पुराने पेट्रोल और डीजल वाले वाहनों की इलेक्ट्रिक किट रेट्रो-फिटिंग केवल सरकार के मान्यता प्राप्त सेंटर्स पर की जाएगी. पेट्रोल-डीजल कारों को इलेक्ट्रिक कारों में बदलने के लिए 10 इलेक्ट्रिक किट निर्माताओं को पैनल में शामिल किया गया है. एक कार को इलेक्ट्रिक कार में बदलने का खर्च करीब 4 लाख रुपए होगा.

नहीं लगवाया तो कबाड़ी ले जाएगा आपकी कार

अभी तक लोगों के पास पुरानी कारों को दूसरे राज्य में या स्क्रैप में बेच देने का विकल्प ही मौजूद है. साथ ही फिलहाल एक नई इलेक्ट्रिक कार खरीदना महंगा सौदा है और इलेक्ट्रिक सेगमेंट में सस्ती कारों के विकल्प भी बेहद कम हैं. ऐसे में पुरानी कार को इलेक्ट्रिक कार में बदलकर चलाना ज्यादा फायदे का सौदा है.

कौन कौन लगवा सकता है अपनी पेट्रोल या डीजल कार में इलेक्ट्रिक किट

किसी भी पुरानी पेट्रोल या डीजल कार में इलेक्ट्रिक किट लगाने के लिए सरकार ने नियम बनाए हैं। इन नियमो में कार में इलेक्ट्रिक किट लगाने वाले मैकेनिक अथवा इंस्टॉलर को इलेक्ट्रिक किट मैन्युफैक्चर या सप्लायर से ही खरीदनी होगी. मैकेनिक अथवा इंस्टॉलर की जिम्मेदारी केवल सर्टिफाइड किट को कार में फिट करने तक सीमित होगी. इसके साथ ही यह तय करना भी इंस्टॉलर का काम होगा कि क्या किसी वाहन में इलेक्ट्रिक किट लगेगी अथवा नहीं? कार के पास फिटनेस सर्टिफिकेट है या नहीं? उनका साल में एक बार फिटनेस टेस्ट करवाना भी ज़रुरी होगा. पेट्रोल-डीज़ल कार को इलेक्ट्रिक कार में कन्वर्ट करने का सबसे बड़ा फायदा होगा कि इसका खर्च 50% हो जाएगा।

केंद्रीय मंत्री पेट्रोल डीजल कारों को बंद करने का दे चुके हैं संदेश

देश भर में अब डीजल पेट्रोल से चलने वाली गाड़ियों पर लगातार सरकार सख्त होती जा रही है। वहीं कार कंपनियों से ज्यादा से ज्यादा इलेक्ट्रिक कारों पर फोकस करने के लिए केंद्र सरकार ने कह दिया है। इसको लेकर काफी सख्त लहजे में केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी कई बार साफ संदेश दे चुके हैं कि अब वो डीजल और पेट्रोल कारों पर टैक्स बढ़ाने वाले हैं। या यूं कहें कि इलेक्ट्रिक कारों के लिए वो पेट्रोल और डीजल कारों को प्रतिबंधित भी करने पर विचार कर रहे हैं। इसको लेकर इसे पूरी तरह से लागू करने में अभी 2024 तक का समय उन्होने कार कंपनियन को दिया है।