31 जनवरी 2026,

शनिवार

Patrika Logo
Switch to English
home_icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

गाय बचाने के लिए क्या समर्थन मूल्य पर बैल खरीदेगी योगी सरकार

गाय बचाने के लिए क्या समर्थन मूल्य पर बैल खरीदेगी योगी सरकार

3 min read
Google source verification

लखनऊ

image

Ruchi Sharma

Dec 21, 2018

cm yogi

गाय बचाने के लिए समर्थन मूल्य पर बैल खरीदेगी योगी सरकार !

पत्रिका इन्डेप्थ स्टोरी

लखनऊ. भाजपा की सरकार बनने के बाद उत्तर प्रदेश में गाय और गोवंश का मुद्दा प्राथमिकता पर है। गायों को लेकर इंसान तक मारे जा चुके हैं। लेकिन उप्र में गायों के संरक्षण और गोवंश प्रबंधन को लेकर कोई सुविचारित नीति नहीं है। जब आवारा गायों और गोवंश की बात आती है तो हंगामा करने वाले गायब नजर आते हैं। इस बीच उच्च न्यायालय ने गोवंश को लेकर बड़ा फैसला सुनाया है। हाईकोर्ट ने प्रति हजार आबादी पर एक गोशाला खोलने का निर्देश सरकार को दिया है। साथ ही बेकार हो चुके मवेशियों की व्यवस्था के लिए पर्याप्त मात्रा में स्लाटर हाउस खोलने और गाय के संरक्षण व प्रबंधन के लिए स्पष्ट नीति बनाने की बात कही है। कोर्ट ने कहा है कि मांस कारोबार से सरकार को बड़ी मात्रा में विदेशी मुद्रा मिलती है। इसलिए इसे पूरी तरह बंद नहीं किया जा सकता। इसी के साथ ही अवारा और बेकार पशुओं को खरीदने के लिए कोर्ट ने समर्थन मूल्य पर बैल खरीदने का निर्देश दिया है। हाईकोर्ट के इस फैसले के बाद योगी सरकार की मुश्किलें बढ़ गयी हैं। सवाल यह है कि गाय के संरक्षण के लिए क्या समर्थन मूल्य पर बैल सरकार खरीदेगी।

योगी सरकार के गठन के बाद से उप्र की राजनीति गौवंश के इर्द-गिर्द घूमती रही है। गोमांस के चक्कर में दादरी में अखलाक की हत्या, बुलंदशहर में गौकशी को लेकर हुए तांडव में पुलिस अफसर की मौत को लेकर सियासत गर्म है। अभिनेता नसीरुद्दीन शाह ने भी गाय पर बयान देकर सियासी सरगर्मी बढ़ा दी है। इस बीच इलाहाबाद हाईकोर्ट की लखनऊ बेंच ने गाय के सरंक्षण के लिए कठोर कदम उठाने का निर्देश दिया है। कोर्ट ने कहा है कि गोमाता के सरंक्षण के लिए सरकार को ज्यादा से ज्यादा गौशालाओं का निर्माण कराना चाहिए। इसलिए स्थानीय नगरीय निकाय प्रति एक हजार जनसंख्या पर एक गौशाला का निर्माण कराएं।

यह कहा कोर्ट ने

-प्रत्येक हजार की आबादी पर बनाएं एक गौशाला
-प्रत्येक परिवार एक गाय गोद ले गोद
-समर्थन मूल्य पर बैल खरीदे सरकार
-अनुपयोगी मवेशियों के लिए भी मूल्य निर्धारित करे
-गाय का महत्व उसके दूध की वजह से हैं जो मां के दूध के बाद सबसे उपयोगी है
-गाय का गोबर उर्वरक है और गाय से ही जन्मे बैलों पर खेती सदियों से निर्भर है

* गोवंश के लिए अब तक क्या किया है सरकार ने

गोवंश पर सख्त सीएम योगी

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ गोवंश के संरक्षण के प्रति बहुत सख्त हैं। उनका साफ निर्देश है कि सूबे में गोवंश के साथ क्रूरता से पेश आने वालों की जगह जेल में होगी। उनकी सरकार बनते ही राज्य में अवैध बूचडख़ानों को पूरी तरह से बंद कराया गया। गौ-तस्करी पर पूर्ण प्रतिबंध लगाया गया। राज्य में गौचर भूमि को चिह्नित करने के लिए भू माफिया रोधी कार्यदल गठित किया गया है।

हर जिले में हों एक हजार गौ सेवक

मुख्यमंत्री ने हर जिले में एक हजार गौ सेवकों को तैयार करने का लक्ष्य निर्धारित किया है। इस तरह पूरे प्रदेश में 75000 गौ रक्षकों की फौज होगी। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ चाहते हैं कि उत्तर प्रदेश के प्रत्येक परिवार को कम से कम एक गाय के पालन पोषण की जिम्मेदारी उठानी चाहिए।

हर जिले में गौ-सदन

योगी सरकार हर जनपद में एक बड़ी गौशाला गौ-सदन का निर्माण करने जा रही है, जिसमें 5000 से 10000 गोवंश रखे जा सकेंगे। इन गो-सदनों के संचालन के लिए सरकार पैसा देगी, इंफ्रास्ट्रक्चर खड़ा कर केयरटेकर के रूप में कर्मचारियों की नियुक्तियां करेगी। प्रदेश सरकार ने प्रदेश की पंजीकृत गौशाला में पशुओं की भरण पोषण राशि बढ़ा दी है। बड़े जानवर पर 50 रुपये प्रतिदिन जो पहले 30 रुपये थी, दी जा रही है।

एंटीलैंड ग्रैबिंग सेल की योजना

योगी सरकार गौशाला से निकलने वाले गोबर के लिए एंंटीलैंड ग्रैबिंग सेल की योजना बना रही है। इसके लिए 43,000 हेक्टेयर लैंड तलाश ली गई है।

टैक्स छूट का प्रस्ताव

राज्य सरकार गौ सेवा करने वालों के लिए टैक्स में छूट देने का प्रस्ताव लाने जा रही है। इस आशय का प्रस्ताव केंद्र को भेजा जाएगा ताकि प्राइवेट कंपनियां, व्यक्तिगत या संगठन गायों की सेवा के लिए जो दान करते हैं उन्हें टैक्ट छूट मिले।

साढ़े पांच व्यक्ति पर सिर्फ एक गोवंश

उप्र की आबादी 23 करोड़ है। और गोवंश की संख्या सिर्फ 04 करोड़ है। यानी साढ़े 5 लोगों पर एक गोवंश। यदि गोवंश बढ़ेगा तो खेत भी उर्वर होंगे। सिर्फ एक गाय से 30 एकड़ खेत उर्वरा बन सकेगा।

राज्यों का अधिकार

हिंदू धर्म में गाय का वध एक वर्जित विषय है। गाय को पारंपरिक रूप से पवित्र माना जाता है। गाय का वध भारत के अधिकांश राज्यों में प्रतिबंधित है उसके मांस के सेवन की भी मनाही है लेकिन यह राज्य सूची का विषय है और पशुधन पर नियम-कानून बनाने का अधिकार राज्यों के पास है। केरल, पश्चिम बंगाल, अरुणाचल प्रदेश, मिजोरम, मेघालय, नगालैंड, त्रिपुरा और सिक्किम जैसे राज्यों में गौहत्या पर कोई प्रतिबंध नहीं है। हालांकि संविधान के अनुच्छेद 48 में राज्य के नीति निर्देशक सिद्धांतों के तहत गौहत्या को निषेध कहा गया है।

Story Loader