प्रो. बुद्धिराजा के मुताबिक टावर को आईआईटी मद्रास व समीर ने विकसित किया है, कोर नेटवर्क को आईआईटी बांबे ने तैयार किया है। इसी तरह, आईआईटी दिल्ली, आईआईटी हैदराबाद, आईआईएससी बेंगलुरु, समीर चेन्नई ने भी दी गई अपनी जिम्मेदारी को पूरा कर लिया है। एक सप्ताह पहले सभी तकनीक को इंटीग्रेड किया गया।