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शिक्षक भर्ती फर्जीवाड़े का खुलासा करने वाले इस आईपीएस का हुआ ट्रांसफर, नहीं मिली कहीं पोस्टिंग

उत्तर प्रदेश सरकार ने सोमवार देर रात जिन 14 आईपीएस अधिकारियों (IPS Officers Transfer List) का तबादला किया उनमें प्रयागराज के एसएसपी सत्यार्थ अनिरुद्ध पंकज (IPS Satyarth Anirudh Pankaj) का नाम भी शामिल है।

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लखनऊ

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Nitin Srivastva

Jun 16, 2020

शिक्षक भर्ती फर्जीवाड़े का खुलासा करने वाले इस आईपीएस का हुआ तबादला, नहीं मिली कहीं पोस्टिंग

शिक्षक भर्ती फर्जीवाड़े का खुलासा करने वाले इस आईपीएस का हुआ तबादला, नहीं मिली कहीं पोस्टिंग

लखनऊ. उत्तर प्रदेश सरकार ने सोमवार देर रात जिन 14 आईपीएस अधिकारियों का तबादला किया उनमें प्रयागराज के एसएसपी सत्यार्थ अनिरुद्ध पंकज (IPS Satyarth Anirudh Pankaj) का नाम भी शामिल है। यह वही सत्यार्थ अनिरुद्ध पंकज हैं जिन्होंने अपनी टीम के साथ मिलकर 69 हजार सहायक शिक्षक भर्ती में बड़े फर्जीवाड़े का खुलासा किया था। अब इस मामले में कई गिरफ्तारी भी हो चुकी हैं। साथ ही मामले की जांच एसटीएफ कर रही है। प्रयागराज के एसएसपी पद से हटाने के बाद सत्यार्थ अनिरुद्ध को अभी कोई नई तैनाती नहीं दी गई और उन्हें प्रतीक्षारत सूची में रखा गया है। जिसके अब तमाम मायने निकाले जा रहे हैं। वहीं एसपी पीलीभीत अभिषेक दीक्षित को अब प्रयागराज एसएसपी पद की कमान सौंपी गई है।

एसएसपी ने किया था खुलासा

69000 सहायक शिक्षक भर्ती मामले में अभ्यर्थी डॉ. कृष्ण लाल पटेल के खिलाफ फर्जीवाड़ा करने के तमाम लोग आरोप तो लगा रहे थे, लेकिन किसी की तरफ से कोई तहरीर नहीं आई, जिसके चलते मुकदमा दर्ज नहीं हो पाया था। वहीं जिन अभ्यर्थियों से इस गैंग के सदस्यों ने लाखों रुपए वसूले, वह भी डर के मारे सामने नहीं आ रहे थे। लेकिन 4 जून को जब प्रतापगढ़ के एक अभ्यर्थी राहुल सिंह ने एसएसपी से संपर्क साधा तो उसके बाद मामले में तत्काल कार्रवाई शुरू हो गई। एसएसपी सत्यार्थ अनिरुद्ध पंकज (IPS Satyarth Anirudh Pankaj) ने राहुल की तहरीर पर सोरांव थाने में मुकदमा दर्ज कराया और मामले की जांच ने तेजी पकड़ी।

एसटीएफ के पास जांच

एसएसपी ने इस मामले की जांच में एएसपी अशोक वेंकटेश और अनिल यादव को लगाया। कुछ ही घंटों में पुलिस ने एक कार से जा रहे छह संदिग्धों को साढे सात लाख रुपए के साथ हिरासत में ले लिया। पुलिस अफसरों ने गैंग में शामिल डॉ. कृष्ण लाल पटेल, स्कूल संचालक ललित त्रिपाठी और लेखपाल संतोष बिंदु को हिरासत में लेकर कड़ाई से पूछताछ की और 22 लाख से ज्यादा कैश बरामद कर लिया। जिसके बाद इस फर्जीवाड़े की परतें खुलने लगीं। अब इस मामले की जांच एसटीएफ कर रही है और फर्जीवाड़े के मुख्य आरोपी चंद्रमा यादव की गिरफ्तारी के लिए दबिश दी जा रही है। लेकिन ऐसे में प्रयागराज के एसएसपी सत्यार्थ अनिरुद्ध पंकज को यहां से हटाकर प्रतीक्षासूची में डालना, मामले में कई सवाल खड़े कर रहा है।

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