31 जनवरी 2026,

शनिवार

Patrika Logo
Switch to English
home_icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

लुप्त हो रही नदियों को बचाएगा सिचाई विभाग

उत्तर प्रदेश में विलुप्त हो रही नदियों को पुनर्जीवित करने के लिए सिचाई विभाग पहल करने जा रहा है।

2 min read
Google source verification

लखनऊ

image

Laxmi Narayan

Dec 30, 2017

pahuj river

लखनऊ. उत्तर प्रदेश में विलुप्त हो रही नदियों को पुनर्जीवित करने के लिए सिचाई विभाग पहल करने जा रहा है। उत्तर प्रदेश के सभी 75 जिलों में सिचाई विभाग उन नदियों को पुनर्जीवित करेगा जो विलुप्त करने की कगार पर है। इसके लिए पहले चरण में गोमती, तमसा सहित कई अन्य नदियों को पुनर्जीवित करने का काम शुरू होगा। इन नदियों को बचाने का काम मनरेगा के तहत किया जाएगा जिसमें सामाजिक संस्थानों की भी मदद ली जाएगी। प्रदेश के सिचाई मंत्री धर्मपाल सिंह ने बताया कि पूरे प्रदेश में विलुप्त हो रही नदियों को बचाने के लिए क्रमवार रूप से काम शुरू होगा।

33 हज़ार नलकूपों पर ड्रिप स्प्रिंकलर

सिचाई मंत्री ने पत्रकारों से बातचीत में सिचाई विभाग की योजनाओं और उपलब्धियों के बारे में जानकारी दी। उन्होंने बताया कि उत्तर प्रदेश में कृषि को बढ़ावा देना, सिचाई व्यवस्था को बेहतर करना और गांव तक बिजली पहुँचाना सरकार की प्राथमिकता है। किसानों की आमदनी दोगुनी करने के लिए उत्तर प्रदेश में 33 हज़ार राजकीय नलकूपों पर ड्रिप स्प्रिंकलर लगाने का निर्णय सरकार ने लिया है। मॉडल के रूप में इसके साथ प्रत्येक नलकूप पर एक हेक्टेयर जमीन की सिचाई की जाएगी। प्रदेश में 250 लिफ्ट कैनाल पर ड्रिप इरिगेशन का प्रबंध किया जाएगा।

ड्रोन कैमरे से होगी सिल्ट सफाई की निगरानी

सिचाई मंत्री ने कहा कि विभिन्न जांचों में दोषी पाए गए अभियंताओं को दण्डित किया गया है जबकि बेहतर कार्य करने वालों को सम्मान दिया गया है। नहरों की सिल्ट सफाई वर्ष में एक ही बार कराये जाने तथा नहरों की सिल्ट सफाई के कार्यों की निगरानी ड्रोन कैमरे से कराये जाने के निर्देश दिए गए हैं। साथ ही सिल्ट सफाई के कामों में नहरों की उचित ड्रेसिंग और डीएम की रिपोर्ट के बाद ही सिल्ट सफाई के कार्यों का भुगतान करने के निर्देश दिए गए हैं।

जल समितियों का कराया जाएगा चुनाव

सिचाई मंत्री ने कहा कि पंजीकृत दागी फार्मों और आपराधिक प्रवृत्ति के ठेकेदारों का रजिस्ट्रेशन खत्म कर साफ़-सुथरी छवि की संस्थाओं को मौक़ा दिया जा रहा है और विभागीय कामों में ई-टेंडरिंग प्रक्रिया के पालन करने के निर्देश दिए गए हैं। केन बेतवा नदी जोड़ो परियोजना का कार्य प्राथमिकता पर पूर्ण करने का निर्णय लिया गया है। प्रदेश के हर खेत में पानी पहुंचाने के लिए 20000 करोड़ रूपये के सिचाई फंड की स्थापना का काम चल रहा है। सिचाई विभाग के अफसरों को शनिवार को भी कार्यालय कोहलणे के निर्देश दिए गए हैं। सिचाई मंत्री ने बताया कि प्रदेश में सहभागी सिचाई प्रबंधन अधिनियम के अंतर्गत जल उपभोक्ता समितियों का चुनाव कराया जाएगा। कुलाबा समिति, अल्पिका समिति और रजवाहा समिति का चुनाव कराया जाएगा जिसके लिए मतदाता सूची 28 फरवरी तक तैयार हो जाएगी।

Story Loader