
Jobs of thousands of corona warriors in danger
लखनऊ. उत्तर प्रदेश में कार्यरत एक हजार से अधिक एम्बुलेंस कर्मियों का भविष्य अधर में फंस गया है। आठ वर्षों से एम्बुलेंस की सेवा में लगे कोरोना योद्धाओं की नौकरी जाने की नौबत आ गई है। यह स्थिति तब उत्पन्न हुई, जब यूपी में इसकी ठेकेदार कं. बदल गई है और उसने नई भर्ती के लिए विज्ञापन भी निकाला है। नौकरी बचाने के लिए गुहार लगाते हुए एम्बुलेंस कर्मचारियों ने मुख्यमंत्री को ज्ञापन सौंपा है।
संघ के महामंत्री बृजेश कुमार ने बताया कि एडवांस लाईफ सपोर्ट एम्बुलेंस में लोग सन् 2012 से अपनी सेवाएं दे रहे हैं। एम्बुलेंस कर्मियों ने कोरोना काल में जी जान से सेवा की है, तब जाकर उन्हें कोरोना योद्धा की श्रेणी में रखा गया है। अभी तक कर्मचारी जीवन दायिनी एएलएस एम्बुलेंस में सेवाएं दे रहे हैं। जून 2021 से इस सेवा का दायित्व चिकित्सा हेल्थ केयर के जिम्मे होने जा रहा है।
एम्बुलेंस कर्मचारियों को बेरोजगार नहीं होने देगी सरकार
अब इस कं. द्वारा नई भर्ती करने के लिए आवेदन आमंत्रित किए जा रहे हैं। एम्बुलेंस संघ ने मुख्यमंत्री से सहानुभूति पूर्वक विचार करते हुए एम्बुलेंस कर्मियों की सेवाएं बरकरार रखने की मांग की है। बृजेश कुमार ने कहा है कि सरकार इन एम्बुलेंस कर्मचारियों को बेरोजगार नहीं होने देगी। क्योंकि यह कोरोना योद्धाओं का अपमान होगा।
Published on:
19 Jun 2021 08:57 am

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