
Vikas Dubey
पत्रिका न्यूज ब्यूरो.
कानपुर. कानपुर (Kanpur) में हिस्ट्रीशीटर (historysheeter) विकास दुबे (Vikas Dubey) को पकड़ने गयी पुलिस टीम पर शातिर अपराधियों ने गुरुवार रात ताबड़तोड़ गोलियां बरसाईं। घात लगाकर किए गए इस हमले में एक डीएसपी (DSP) रैंक के अधिकारी, 3 सब इंस्पेक्टर सहित 4 सिपाही शहीद हो गए। जबकि, 4 गंभीर रूप से घायल हैं। जिनका इलाज चल रहा है। पुलिस ने अपराधी के मामा और एक अन्य साथी को मुठभेड़ में मारने का दावा किया है। कुख्यात अपराधी फरार है। उसकी तलाश के लिए पुलिस विभाग ने टीम बना दी है। सीमाएं सील कर दी गयी हैं। पूरे इलाके में छापेमारी की जा रही है। मुख्यमंत्री (CM Yogi) ने घटना पर दुख जताया है। और कहा है पुलिसकर्मियों की शहादत व्यर्थ नहीं जाएगी। मुख्यमंत्री ने कानपुर पुलिस लाइन पहुंचकर शहीदों को गार्ड आफ ऑनर (Guard of honour) दिया। साथ ही एनकाउंटर में घायल हुए पुलिस कर्मियों से रीजेंसी अस्पताल में मुलाकात की। डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य (Keshav Prasad Maurya) भी उनके साथ मौजूद रहे।
ऐसे हुई हमला-
घटना कानपुर के डिकरु गांव में हुई। यहां तीन थानों की टीमें कुख्यात अपराधी विकास दूबे को गिरफ्तार करने के लिए गुरुवार की रात 12 बजे के बाद पहुंची थी। विकास पर 60 आपराधिक मुकदमे दर्ज हैं। इसने हाल ही में एक मर्डर किया था, इसी केस के सिलसिले में टीम उसे पकड़ने के लिए दबिश देने पहुंची थी। बताया जाता है अपराधी को पहले से ही इसकी जानकारी मिल गयी। इसलिए वह सर्तक था। जैसे ही गांव में पुलिस पहुंची मकान की छत से तीन तरफ से पुलिस बल पर फायरिंग होने लगी। गोले भी फेकें गए। अचानक हुए इस हमले में आठ पुलिसकर्मी शहीद हो गए। जबकि 4 गंभीर रूप से घायल हुए हैं। घायलों का कानपुर के अस्पताल में इलाज चल रहा है। अंधेरे का फायदा उठाते अपराधी भाग निकले। मुख्य आरोपी विकास दुबे भी फरार है। उसकी गिरफ्तारी के लिए छापेमारी जारी हैं। सीएम ने आपेरशन दुबे खत्म घटनास्थल पर ही कैंप करने का निर्देश दिया है।
उप्र के पुलिस महानिदेशक एचसी अवस्थी ने बताया कि अपराधियों ने गांव की तरफ जाने वाले रास्ते बंद कर दिए थे। पुलिस टीम उसे हटाकर गांव तक पहुंची। लेकिन गांव में दाखिल होते ही अपराधियों ने छतों से अंधाधुंध गोलीबारी शुरू कर दी। घटना में शामिल एक सिपाही के मुताबिक टीम पर तीन तरफ से गोलीबारी हुई। बाद में पुलिस ने अपराधी के मामा और उसके एक साथी को बिकरू के पास हुई मुठभेड़ में मारने का दावा किया है।
दो दिन पहले दर्ज मामले गिरफ्तार करने पहुंची थी टीम
विकास का लंबा आपराधिक रिकॉर्ड रहा है। यह 2001 में बीजेपी नेता के कथित हत्याकांड में भी शामिल था। इस मामले में उसे बरी कर दिया गया था। इसके अलावा उस पर 60 से अधिक मुकदमे दर्ज हैं। पुलिस इस पर 25 हजार का इनाम भी घोषित कर रखा है। दो दिन पहले कानपुर के ही राहुल तिवारी ने इसके खिलाफ एक मामला दर्ज कराया था। यह मामला अपहरण तथा हत्या के प्रयास का था। इस केस के दर्ज होने के 24 घंटे बाद ही पुलिस की टीम ने विकास दुबे पर शिकंजा कसने की तैयारी कर ली। और तीन थानों की पुलिस टीम के साथ गांव में दबिश देने पहुंची थी।
विकास दुबे का पोस्टर आया सामने-
इस बीच एक पुराना पोस्टर वायरल हआ है, जिसमें कुख्यात हिस्ट्रीशीटर विकास दुबे का समाजवादी पार्टी कनेक्शन दिख रहा है। पोस्टर में विकास की पत्नी जिला पंचायत चुनाव में प्रत्याशी के रूप में दिख रही हैं। विकास दुबे तो पोस्टर में हैं ही। साथ ही समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव व पूर्व मुख्यमंत्री मुलायम सिंह यादव भी पोस्टर में नजर रहे हैं। समाजवादी प्रवक्ता सुनील यादव ने इसके बचाव में कहा है कि यह पोस्टर वर्षों पुराना है। अगर विकास दुबे का राजनीतिक कनेक्शन ढूंढना है तो ठीक से उनकी फाइल खोली जाए, पता चल जाएगा कि कौन सी पार्टी का उसे संरक्षण प्राप्त था। वह आगे कहते हैं कि यूपी में सपा की सरकार में कभी ऐसा नहीं हुआ कि किसी मुठभेड़ में हमारे इतने पुलिस जवान शहीद हुए हों। यह केवल भाजपा की योगी सरकार में हुआ है।
शहीद पुलिसकर्मी-
1-देवेंद्र कुमार मिश्र, सीओ बिल्हौर
2-महेश यादव, एसओ शिवराजपुर
3-अनूप कुमार, चौकी इंचार्ज मंधना
4-नेबूलाल, सब इंस्पेक्टर शिवराजपुर
5-सुल्तान सिंह, कांस्टेबल थाना चौबेपुर
6-राहुल, कांस्टेबल बिठूर
7-जितेंद्र, कांस्टेबल बिठूर
8-बबलू, कांस्टेबल बिठूर
Published on:
03 Jul 2020 04:49 pm
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