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Karthik month की खासियत साथ ही जाने व्रत,पूजा पाठ व ख़ास मंत्र

इस मंत्र से मिलेगी ताकत,धन और सम्मान

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लखनऊ

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Ritesh Singh

Oct 14, 2019

Karthik month की खासियत साथ ही जाने व्रत,पूजा पाठ व ख़ास मंत्र

Karthik month की खासियत साथ ही जाने व्रत,पूजा पाठ व ख़ास मंत्र

लखनऊ , हिन्दू धर्म के अनुसार Karthik Month का महीना आज से शुरू हो गया हैं की अपनी एक खास बात होती हैं। पंडित शक्ति मिश्रा ने बतायाकि कार्तिक के महीने में भगवान् विष्णु को याद किया जाता हैं यह महीना भगवान् विष्णु के लिए खास होता हैं। इस महीने में लोग तुलसी का पौधा घर में लगाते हैं। और पुरे महीने तुलसी की पूजा अर्चना की जाती हैं। उन्होंने बताया कि 13 अक्टूबर से 12 नवम्बर तक कार्तिक मास है ।

Karthik Month में वर्जित

पंडित शक्ति मिश्रा ने बतायाकि ब्रह्माजी ने नारदजी को कहा कार्तिक मास में चावल, दालें, गाजर, बैंगन, लौकी और बासी अन्न नहीं खाना चाहिए। जिन फलों में बहुत सारे बीज हों उनका भी त्याग करना चाहिए और संसार -व्यवहार न करें।

Karthik Month में विशेष पुण्यदायी

उन्होंने कहाकि जल्दी सुबह : स्नान, दान, जप, व्रत, मौन, देव - दर्शन, गुरु -दर्शन, पूजन का अमिट पुण्य होता है। सवेरे तुलसी का दर्शन भी समस्त पापनाशक है। भूमि पर शयन, ब्रह्मचर्य का पालन, दीपदान,तुलसीबन अथवा तुलसी के पौधे लगाना हितकारी है। कहाकि भगवदगीता का पाठ करना तथा उसके अर्थ में अपने मन को लगाना चाहिए। ब्रह्माजी नारदजी को कहते हैं कि ‘ऐसे व्यक्ति के पुण्यों का वर्णन महिनों तक भी नहीं किया जा सकता।

Karthik Month में इस मंत्र का करें जप

पंडित शक्ति मिश्रा ने बतायाकि श्रीविष्णुसहस्त्रनाम का पाठ करना भी विशेष लाभदायी है। ॐ नमो नारायणाय। इस महामंत्र का जो जितना अधिक जप करें, उसका उतना अधिक मंगल होता है। कम से कम 108 बार तो जप करना ही चाहिए। प्रात: उठकर करदर्शन करें | ‘पुरुषार्थ से लक्ष्मी, यश, सफलता तो मिलती है पर परम पुरुषार्थ मेरे नारायण की प्राप्ति में सहायक हो। इस भावना से हाथ देखें तो Karthik Month में विशेष पुण्यदायी होता है।

Karthik Month में सूर्योदय के पहले स्नान अवश्य करें

पंडित शक्ति मिश्रा ने कहाकि जो व्यक्ति Karthik Month में सूर्योदय के बाद स्नान करता है वह अपने पुण्य क्षय करता है और जो सूर्योदय के पहले स्नान करता है वह अपने रोग और पापों को नष्ट करनेवाला हो जाता है। पूरे kartik maas के स्नान से पापशमन होता है तथा प्रभुप्रीति और सुख - दुःख व अनुकूलता ,प्रतिकूलता में सम रहने के सदगुण विकसित होते हैं। उन्होने ने कहाकि हम छोटे थे तब की बात है। हमारी माँ kartik maas में सुबह स्नान करती, बहनें भी करतीं, फिर आस - पडोस की माताओं - बहनों के साथ मिल के भजन गातीं | सूर्योदय से पहले स्नान करने से पुण्यदायी ऊर्जा बनती है, पापनाशिनी मति आती है। kartik maas का आप लोग भी फायदा उठाना।

सिर्फ 3 दिन में पूरे kartik maas के पुण्यों की प्राप्ति

kartik maas के सभी दिन अगर कोई सुबह जल्दी स्नान नहीं कर पाये तो उसे kartik maas के अंतिम 3 दिन त्रयोदशी, चतुर्दशी और पूर्णिमा को 'ॐकार' का जप करते हुए। सुबह सूर्योदय से थोड़ा पहले स्नान कर लेने से महिने भर के kartik maas के स्नान के पुण्यों की प्राप्ति हो जाती हैं ऐसा भी माना जाता है।