
लखनऊ. राजधानी स्थित किंग जॉर्ज मेडिकल यूनिवर्सिटी में प्रदेश का पहला ह्यूमन मिल्क बैंक खुलेगा। इस बैंक में डिब्बे के दूध के बजाए मां का दूध नवजात शिशुओं के लिए मिलेगा। इस बात की जानकारी केजीएमयू के वाइस चांसलर डॉ.एमएलबी भट्ट और डॉक्टर माला कुमारी ने दी। इसे जनवरी के अंत में सेंटर ऑफ एक्सीलेंस के तौर पर स्थापित किया जाएगा। ये यूपी का पहले ह्यूमन मिल्क बैंक होगा।
नवजात बच्चों के लिए होगा फायदेमंद
डॉ. माला कुमारी ने बताया कि प्री-मैच्योर (जिनका जन्म पहले हो जाता है) बच्चों को मां का दूध नहीं मिल पाता है। या कई बार मां की बीमारी के कारण नवजात शिशु मां का दूध नहीं पाते तो उनके लिए ये ह्यूमन मिल्क बैंक से दूध लिया जा सकेगा। डॉक्टर माला के मुताबिक डिब्बे वाले दूध में एंटी-बॉडीज़ नहीं होते हैं इसलिए बच्चों के लिए मां का दूध मिलना आवश्यक होता है। ह्यूमन मिल्क सेंटर में डीप फ्रीजर होंगे जिनमें तीन महीने तक दूध स्टोर किया जा सकेगा। इसके अलावा महिलाओं को दूध डोनेट करने के लिए काउंसलिंग भी की जाएगी।
इस बैंक को खोलने के लिए सरकार की ओर से 95 लाख रुपए दिया गया है। डॉ. माला ने बताया कि देश में 50 से ज्यादा ह्यूमन मिल्क बैंक हैं लेकिन अभी तक यूपी में नहीं है। इसी को ध्यान में रखते हुए केजीएमयू में इसे खोला जा रहा है। जिन महिलाओं से मिल्क डोनेट कराया जाएगा उनकी पहले जांच की जाएगी। बीमारी से जूझ रही किसी महिला का दूध नहीं लिया जाएगा।
कुंभ में सेवा देंगे केजीएमयू के डॉक्टर
प्रयागराज में होने वाले कुंभ में केजीएमयू के डॉक्टर भी सेवा देंगे। इस बात की जानकारी वीसी प्रो. एमएलबी भट्ट ने दी। उन्होंने बताया कि कुंभ में प्रतिदिन 8-10 केजीएमयू के डाॅक्टर रहेंगे। इसके अलावा इलाहाबाद मेडिकल काॅलेज, बीएचयू मेडिकल कॉलेज से भी समन्वय होगा। वहीं केजीएमयू में टेलीमेडिसिन सेंटर भी शुरू किया जा रहा है जिसके जरिए इलाजा किया जाएगी। डॉ. संदीप तिवारी ने बताया कि कुंभ के दौरान ऑपरेशन थियेटर भी रहेगा जिसमें मोतियाबिंद के आॅपरेशन की सुविधा रहेगी। इसके अलावा निशुल्क दवाइयों का वितरण किया जाएगा। वहीं विभिन्न संस्थाओं की मदद से एक लाख चश्में बांटे जाएंगे।
डॉ.संदीप तिवारी ने बताया कि कुंभ के दौरान -केजीएमयू का डिजास्टर वाॅर्ड लगा रहेगा। इसमें दस बेड रहेंगे। 100 से ज्यादा चिकित्सकों की अलग-अलग दिन ड्यूटी लगेगी। रोजाना 8-10 डॉक्टर वहां मौजूद रहेंगे। वहीं वीसी प्रो.एमएलबी भट्ट ने बताया कि मेडिकल कॉलेज में अभी 200 चिकित्सकों के पद खाली हैं। उन्हें उम्मीद है कि जल्द भरे जाएंगे। उन्होंने कहा कि हमारी कोशिश रहती है कि हर मरीज का सही इलाज हो। भविष्य की योजनाओं के बारे में उन्होंने बताया कि लखनऊ में ही मेडिकल कॉलेज का 'बी' कैंपस खोलने की कोशिश चल रही है। उन्होंने सरकार से ग्रांट मांगी है।
Published on:
31 Dec 2018 04:13 pm
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