
केदारनाथ उप चुनाव में भाजपा नेता कुलदीप के तेवरों से बीजेपी की टेंशन बढ़ गई है
by-election 2024:विधान सभा उप चुनाव से ठीक पहले भाजपा नेतृत्व असमंजस में पड़ गया है। उत्तराखंड की केदारनाथ सीट से दो बार निर्दलीय उम्मीदवार के तौर पर चुनाव हार चुके कुलदीप सिंह रावत के तेवरों से बीजेपी में बेचैनी बढ़ गई है। लोस चुनाव के दौरान बीजेपी में शामिल हो चुके कुलदीप उपचुनाव में टिकट न मिलने पर बड़ा कदम उठाने के संकेत दे चुके हैं। सोशल मीडिया पर चल रहा उनका एक इंटरव्यू यही संकेत दे रहा है। फिलहाल वह खुलकर कहने से बच रहे हैं। बावजूद इसके उनकी इस बात ने भाजपा की चिंता बढ़ा दी है। कुलदीप अपने समर्थकों के हिसाब से निर्णय लेंगे। बीजेपी नेतृत्व उन्हें मनाने में जुट गया है। बताया जा रहा है कि उनका केदारनाथ विस सीट पर अच्छा खासा प्रभाव है। निर्दलीय चुनाव लड़ने के बावजूद वह काफी अच्छे वोट बंटोर चुके हैं।
उप चुनाव में टिकट न मिलने पर आगे की रणनीति तैयार करने में जुटे कुलदीप ने बीजेपी की टेंशन बढ़ाकर रख दी है। पार्टी नेतृत्व उन्हें मनाने की कोशिशों में जुट गया है। कुलदीप भी सोशल मीडिया पर कह रहे हैं कि उनसे पार्टी नेताओं ने बात की है। कुलदीप के मुताबिक उन्हें राज्यमंत्री और मंत्री स्तर के पद की पेशकश तक की गई है। भाजपा ने प्रत्याशी चयन के लिए केंद्रीय संसदीय बोर्ड को जो छह नाम भेजे हैं, उनमें कुलदीप सिंह रावत का नाम भी शामिल है।
उपचुनाव में भाजपा फूंक-फूंक कर कदम बढ़ा रही है। दरअसल, कुछ माह पूर्व ही बदरीनाथ में हुए उप चुनाव में भाजपा को पार्टी की नर्सरी से बाहर के नेता को टिकट देने से बड़ा नुकसान उठाना पड़ा था। कुछ समय पूर्व ही भाजपा में शामिल हुए कांग्रेस विधायक को टिकट देकर पार्टी को बदरीनाथ सीट गंवानी पड़ी थी। अब बदरीनाथ चुनाव से सबक लेकर बीजेपी की नर्सरी से बाहर के चेहरे पर दांव लगाने का जोखिम नहीं उठाना चाहेगी। माना जा रहा कि बीजेपी ऐसे चेहरे पर दांव लगाएगी, जिसके लिए पार्टी कैडर का भरपूर समर्थन हो। बीजेपी की इस रणनीति से कुलदीप समर्थक आशंकित हैं।
Updated on:
23 Oct 2024, 11:16 AM IST
Published on:
23 Oct 2024, 11:16 AM IST
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