
केरल से आये वरिष्ठ पुजारी ब्रह्मश्री केशवन नम्बूदरी की उपस्थिति में शुक्रवार को महा गणपति हवन, उषा पूजा, श्रीभूतबली पूजा, महादीप आराधना की गई। उसके बाद केरल से आया मानव आकृति वाला खास धर्म ध्वज का अवरोहण किया गया। भव्य समारोह के समापन पर भक्तों को चूड़ा, खील, गुड़, घी, अनार, नारियल और मिश्री से तैयार खास प्रसाद का वितरण किया गया।

मुख्य आयोजन गुरुवार हुआ। उस दिन भद्र काली मंदिर में 9 कलश, हनुमान मंदिर में एक कलश, नवग्रह मंदिर में 9 कलश और भगवान अयप्पा मंदिर में 108 कलशों का पूजन किया गया। इस अवसर पर विधिविधान से अभिषेक अनुष्ठान किया गया।

महादीप आराधना के बाद दोपहर में भंडारा हुआ। शाम को श्रीभूतबली की पूजा के बाद दीप आराधना, भगवती सेवा, भद्रकाली पूजा की गई। खासतौर से गुरुथी पूजन के माध्यम से बुरी आत्माओं से मुक्ति के लिए विशेष प्रार्थना की गई।

शाम को भूतबली पूजन के बाद देवी पूजन किया गया। सांस्कृतिक कार्यक्रम में ऐश्वर्या, कलानिधि काव्या, आर.कृष्णन, वैशाली जायसवाल, स्वाति सोनवानी, नायसा, स्निग्धा मालवीय, ने गणपति वंदना, गणपति स्तुति, सेमी क्लासिकल डांस, शिवाष्टम, देवी स्तुति, दुर्गा पदम, शिव स्तुति, दुर्गा स्तुति पेश की।