12 फ़रवरी 2026,

गुरुवार

Patrika Logo
Switch to English
home_icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

LPG सिलेंडर के दाम बढ़े: दिल्ली, मुंबई में एक गैस सिलेंडर की कीमत 2355 रु पहुंची

भारत के लगभग हर राज्य में आज एक मई से सिलेन्डर के दाम बढ़ा दिया गए हैं। जिसमे घरेलू और कमर्शियल दोनों ही शामिल हैं।

2 min read
Google source verification

लखनऊ

image

Dinesh Mishra

May 01, 2022

File Photo of Cylender rate

File Photo of Cylender rate

देश भर में मई महीने के पहले दिन यानी 1 मई को 19 किलो वाले कॉमर्शियल LPG सिलेंडर की कीमत 102 रुपए महंगी हो गई है। जिसका असर हर वर्ग पर तेजी से पड़ेगा। वहीं राजधानी दिल्ली में अब नए सिलेंडर की कीमत 2355 रुपए होगी। हालांकि, घरेलू सिलेंडरों की कीमतों में कोई इजाफा नहीं हुआ है। इससे पहले कॉमर्शियल सिलेंडरों के दाम 1 अप्रैल को बढ़े थे। तक इसकी कीमत में 250 रुपए का इजाफा किया गया था। लेकिन अब बढ़ती महंगाई पर एक और वार से जनता बेहाल होने जा रही है।

Indian Oil Cylender Rate

19 किग्रा कॉमर्शियल गैस सिलेंडर की नई कीमतें इंडियन ऑयल कॉरपोरेशन (IOC) के अनुसार 19 किलोग्राम का एलपीजी सिलेंडर आज राजधानी दिल्ली खरीदने पर आपको 2355.50 रुपए देने होंगे। 30 अप्रैल तक इसकी कीमत 2253 रुपए थी। वहीं, कोलकाता में पहले 2351 रुपए में मिल रहा था अब 2455 रुपए खर्च करने पड़ेंगे। मुंबई में 2205 रुपए की जगह आज से 2307 रुपए देने होंगे। वहीं तमिलनाडु के चेन्नई में कॉमर्शियल सिलेंडर की कीमतें 2406 रुपए से बढ़कर अब 2508 रुपए हो गई है।

Date Delhi Mumbai Kolkata Chennai

1 मई 2022 2355 2307 2455 2508

1 अप्रैल 2022 2253 2205 2351 2406

22 मार्च 2022 2003 1954.5 2087 2137.5

1 मार्च 2022 2012 1963 2095 2145.5

1 फरवरी 2022 1907 1857 1987 2040

1 जनवरी 2022 1998.5 1948.5 2076 2131

1 दिसंबर 2021 2101 2051 2177 2234.5

1 नवंबर 2021 2005.5 1950 2073.5 2133

1 अक्टूबर 2021 1736.5 1685 1805.5 1867.5

भारत में अब तक की सबसे बड़ी महंगाई 2014 से लेकर शुरू

भारत को साल 1947 में आजादी मिली थी और उस वक्त 50 के दशक में महंगाई की दर करीब 2 पर्सेंट थी. लेकिन 1950 से 60 के बीच में महंगाई दर में उतरा चढ़ाव रहा और 1956-57 के बीच औद्योगीकरण के उपायों के कारण यह 13.8 प्रतिशत हो गई थी. लेकिन इस दशके अंत में यह दर फिर से 3-7 फीसदी तक आ गई. जबकि अब तक की सबसे बड़ी गिरावट और महंगाई को 2014 के बाड़े से नोट किया गया है। नवंबर 2018 के बाद जिस तरह से नोट बंदी लागू की गई उससे व्यापारी वर्ग ज्यादा परेशान हुआ है।

यह भी पढे: मई में बैंक के छुट्टियों की लिस्ट जारी: जल्दी से निकाल लो पैसा, 11 दिन तक Bank बंद रहेंगे, स्कूलों पर बड़ा असर