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लखनऊ की स्मार्टनेस का फैन हुआ यूरोपियन शहर, डेढ़ साल में एक दूजे से सीखेंगे कई गुण

यूरोप भी लखनऊ से काफी कुछ सीखेगा।

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लखनऊ

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Dikshant Sharma

Mar 26, 2018

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लखनऊ. राजधानी यूं ही नहीं विश्व भर में जाना जाता है। पश्चिमी देश भी लखनऊ के विकास की ओर बढ़ते कदमों पर अपनी निगाहें गड़ाए बैठे हैं। यही कारण है कि यूरोपीय देश रीगा ने भारत के छह अन्य शहरों के मुकाबले लखनऊ का चयन किया। यूरोपीय संघ ने एशिया और अमेरिका के शहरों के बीच स्थाई शहरी विकास पर सहयोग को बढ़ावा देने के लिए इंटरनेशनल अर्बन कारपोरेशन (आई यू सी ) की ओर से कार्यक्रम का आयोजन किया है। इसके तहत भारत और यूरोप के 12 शहरों के बीच एमओयू साइन किया जाना है। विकास के पथ पर बढ़ते हुए शहरों को दोनों देश एक दूसरे के सहयोग से आगे बढ़ेंगे। इस कार्यक्रम की पहल खुद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की ओर से की गई है।

इसी क्रम में सोमवार को राजधानी लखनऊ और यूरोपियन शहर रीगा के बीच एमओयू साइन किया गया। लखनऊ की ओर से मेयर संयुक्ता भाटिया ने तो रीगा की ओर से ग्लोबल कन्वेनन्ट ऑफ़ मेयरस के प्रोजेक्ट कोर्डिनेटर पीर रोबेर्टो रेमिटि ने एमओयू पर हस्ताक्षर किए।

लखनऊ से सीखेगा रीगा
खास बात यह है कि यूरोप भी लखनऊ से काफी कुछ सीखेगा। दरअसल जिस तरह लखनऊ स्मार्ट सिटी की ओर आगे बढ़ रहा है वो रीगा के अधिकारियों को भाया है। रीगा क्षेत्र में लखनऊ से काफी छोटा है लेकिन उस क्षेत्र की जनसंख्या अधिक है। लखनऊ किस तरह भारी संख्या के बीच अपना डेवलपमेंट का कार्य तेजी से कर रहा है और स्मार्ट सिटी में विभिन्न तकनीकों पर काम कर रहा है इससे रीगा प्रभावित हुआ है। इसके चलते रीगा की ओर से देश के अन्य 6 शहरों के मुकाबले लखनऊ का चयन किया गया है।


रोबेर्टो ने बताया कि दोनों ही शहर विरासत के धनी हैं। इसलिए दोनों एक साथ आगे बढ़ सकते हैं। एमओयू के मुताबिक लखनऊ और रीगा उच्च शिक्षा, आईटी,आईसीटी, मोबिलिटी और विरासत के रखरखाव पर मंथन कर नई तकनीकों पर काम करेंगे।

अर्बन इंफ्रास्ट्रक्चर के कंसलटेंट आशीष वर्मा ने कहा कि रीगा की विरासत को देखने के लिए पर्यटक आते हैं। इनकी संख्या काफी अधिक है। राजधानी भी इस मामले में रीगा जैसा ही है। लेकिन अभी यहां पर आने वाले पर्यटकों को यह समझ में नहीं आता कि आखिर वे कहां जाएं, कैसे जाएं और कब जाएं जैसी जानकारी नहीं मिल पाती। इन सबको आईसीटी टेक्नोलॉजी से कैसे जोड़ा जाए इसमें रीगा शहर मदद करेगा।

पांच लोगों की समिति जाएगी रीगा
एमओयू के मुताबिक यह अग्रीमेंट जून 2019 तक रहेगा। नवंबर 2019 तक जमीनी तौर पर इसका बदलाव भी देखा जा सकेगा। जून के अंत में राजधानी से पांच लोगों की समिति भी रीगा शहर जाएगी और फिर वहां के लोग राजधानी आएंगे। इस पूरे क्रम का व्यय भी निगम को नहीं झेलना पड़ेगा। स्मार्ट सिटी के साथ अमृत योजना में किन तकनीकों का इस्तेमाल हो सकता है इसपर भी मंथन होगा।

मेयर संयुक्ता भाटिया ने कहा कि वे रीगा का आभार व्यक्त करती हैं। उन्हें उम्मीद है दोनों ही शहरों में दोस्ती बढ़ेगी और विकास में एक दूसरे की मदद होगी।

नगर आयुक्त उदयराज सिंह ने बताया कि तेजी से विकसित हो रहे शहर में ज़रूरी है कि देश भर की सबसे किफायती तकनीक का इस्तेमाल हो। इस एमओयू से हमे मदद मिलेगी।

ग्लोबल कन्वेनन्ट ऑफ़ मेयरस के प्रोजेक्ट कोर्डिनेटर पीर रोबेर्टो ने कहा कि दोनों शहर काफी मायनो में एक हैं। एमओयू से तकनीक के साथ पर्यावरण संरक्षण जैसे मुद्दों के लिए इस्तेमाल होने वाले तरीकों का आदान प्रदान हो सकेगा। साथ ही दोनों देश एक दूसरे से काफी कुछ सीखेंगे।

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