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कमल की आकृति का हो सकता है अटल बिहारी चिकित्सा विश्वविद्यालय!

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी बुधवार को अटल बिहारी वाजपेयी की जयंती पर कमल के फूल की आकृति के अटल बिहारी चिकित्सा विश्वविद्यालय का शिलान्यास करेंगे।

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Atal Bihari Medical University

कमल की आकृति हो सकता है अटल बिहारी चिकित्सा विश्वविद्यालय!

लखनऊ. उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में 25 दिसम्बर का दिन योगी सरकार, भाजपा कार्यकर्ताओं के लिए बेहद गर्मजोशी वाला होगा। और लखनऊ की जनता को क्रिसमस का तोहफा मिलेगा। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी बुधवार को भारत रत्न पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी की जयंती पर कमल के फूल की आकृति के अटल बिहारी चिकित्सा विश्वविद्यालय का शिलान्यास करेंगे। इस विश्वविद्यालय के बनने से लखनऊ की जनता को इलाज में सहूलियत का एक बड़ा संस्थान मिलेगा। अटल बिहारी चिकित्सा विश्वविद्यालय भवन बनाने में करीब 200 करोड़ रुपए खर्च किए जाएंगे। इसके वर्ष 2020 तक बनने उम्मीद है।

अटल बिहारी वाजपेयी 1991 से 2009 तक लखनऊ से पांच बार सासंद रहे हैं। 25 दिसम्बर को पूर्व पीएम अटल बिहारी की 95वीं जयंती है। अटल बिहारी चिकित्सा विश्वविद्यालय चकगंजरिया की सीजी सिटी बनाया जाएगा। इसका संबद्धीकरण मेडिकल कॉलेज से रहेगा। 200 करोड़ रुपए बनने वाले इस विश्वविद्यालय के खर्च को वित्त विभाग की आय व्यय समिति ने मंजूरी दे दी है। प्रधानमंत्री मोदी से शिलान्यास होने के एक महीने के अन्दर चिकित्सा विश्वविद्यालय का निर्माण शुरू हो जाएगा।

चार मंजिला बनने वाले इस चिकित्सा विश्वविद्यालय के प्रशासनिक भवन का निर्माण अब लोक निर्माण विभाग करेगा। इस से पहले यह जिम्मेदारी राजकीय निर्माण निगम के पास थी। विश्वविद्यालय में पूर्व प्रधानमंत्री स्वर्गीय अटल बिहारी वाजपेयी की प्रतिमा लगेगी। ऐसी उम्मीद है कि विश्वविद्यालय का स्वरुप कमल के फूल के आकार का होगा। ऐसा एक प्रास्तावित नक्शे के आधार पर कहा जा रहा है।

विश्वविद्यालय के लिए लखनऊ विकास प्रधिकरण ने 50 एकड़ जमीन चिकित्सा शिक्षा विभाग को दे दी है। यह जमीन पहले सुपर स्पेशलिटी कैंसर अस्पताल को दी गई थी। हालांकि, चिकित्सा शिक्षा विभाग ने लोक निर्माण विभाग से लागत का अनुमान लगवाकर 200 करोड़ 69 लाख रुपए का प्रस्ताव वित्त विभाग को भेजा था। वित्त विभाग की आय-व्यय समिति ने 52 लाख रुपए की कटौती कर 200 करोड़ 17 लाख रुपए की मंजूरी दी है।

विश्वविद्यालय में निजी व सरकारी मेडिकल कालेजों व पैरा मेडिकल संस्थानों के संचालन के साथ ही मेडिकल सांइस में दिन प्रतिदिन होने वाली नई शोधों के बारे में काम होगा।विश्वविद्यालय में दो हजार लोगों के बैठने का सभागार बनेगा। इस सभागार में चिकित्सा व दंत विज्ञान पर परिचर्चा की जाएगी।

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