
नए सत्र से मोबाइल ऐप पर पढ़ेंगे यूपी के मदरसा बोर्ड के छात्र
लखनऊ. CM Yogi gift UP madrasa board student यूपी के मदरसों की तस्वीर धीरे-धीरे बदल रही है। मदरसे में पढ़ाने वाले सभी छात्र चार साल में जमीन की जगह अब कुर्सी मेज पर बैठ कर पढ़ाई कर रहे हैं। बेहतर शिक्षा के लिए एनसीईआरटी सिलेबस लागू किया गया। कम्प्यूटर को छात्रों और शिक्षकों के लिए फ्रेंडली बनाया गया है। मदरसों को यूपी सरकार का एक और तोहफा है। आने वाले नए सत्र से मदरसा बोर्ड के छात्र मोबाइल ऐप से पढ़ाई करेंगे।
ढाई लाख छात्र करते हैं पढ़ाई :- यूपी के मदरसों में करीब ढाई लाख छात्र पढ़ाई करते हैं। प्रदेश में 558 अनुदानित मदरसे और करीब 17 हजार निजी मदरसे संचालित हो रहे हैं। यूपी मदरसा बोर्ड के सदस्य जिरगामुददीन ने बताया कि, मोबाइल ऐप तैयार करने का प्रस्ताव बोर्ड को भेज दिया गया है। बोर्ड परीक्षाफल घोषित होने के बाद मोबाइल ऐप तैयार कराने का काम करेगा।
मदरसों में ऑनलाइन शिक्षा :- जिरगामुददीन ने बताया कि, इस सत्र में मदरसों में ऑनलाइन शिक्षा दिए जाने का काम शुरू किया गया है। मदरसा शिक्षकों को ऑनलाइन ही मदरसा बोर्ड की निगरानी में प्रशिक्षित कराया जा रहा है। मोबाइल ऐप को बनवाकर इसी सत्र से बच्चों की पढ़ाई करानी थी पर कोविड संक्रमण की वजह से अब छात्र नए सत्र से मोबाइल ऐप पर पढ़ाई कर सकेंगे।
शेष शिक्षकों को ट्रेनिंग शीघ्र :- यूपी राज्य भाषा समिति सदस्य दानिश आजाद बताते हैं कि, ऑनलाइन पढ़ाई कैसे कराई जाए, इसके लिए एक हजार से अधिक मदरसा शिक्षकों को आईआईटी, आईआईएम व विभिन्न विश्वविद्यालय के शिक्षकों से ट्रेनिंग दिलवाई गई। दूसरे चरण मे शेष शिक्षकों को ट्रेनिंग देने का कार्य होगा।
मदरसों का बजट बढ़ा :- मदरसों के आधुनिकीकरण के लिए इस वित्तीय बजट में 479 करोड़ रुपए का प्रस्ताव रखा गया है। दानिश आजाद बताते हैं कि मदरसा छात्रों का राहत देने के लिए उनका सिलेबस कम किया गया। अब सिर्फ सात-आठ किताबों से काम चल जाता है।
Published on:
25 Jun 2021 12:02 pm
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