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Lucknow Metro में लगेगा यह खास सिस्टम नहीं होने देगा टक्कर

लखनऊ मेट्रो में कम्युनिकेशन बेस्ड ट्रेन कंट्रोल सिस्टम का इस्तेमाल होगा

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Oct 09, 2015

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लखनऊ.
एलएमआरसी लखनऊ मेट्रो को आधुनिक व सुविधा युक्त बनाने में कोई कसर नहीं छोड़ रही है। इसी के चलते लखनऊ मेट्रो में कम्युनिकेशन बेस्ड ट्रेन कंट्रोल (communication based train control) सिस्टम का इस्तेमाल होगा। मेट्रो को सीबीटीसी से संचालित करने से ट्रेनों के समय का निर्धारण किया जा सकेगा, वहीं ड्राईवर की लापरवाही से ट्रेनों के टकराने का खतरा भी नहीं रहेगा। सीबीटीसी के तहत मेट्रो ट्रेनों के इंजनों व स्टेशनों को सेंसरो से जोड़ दिया जाता है। जिससे सेंसरो के संपर्क में आने से ट्रेने अपने आप रिएक्ट करने लगती है। ये सुविधा का प्रयोग लखनऊ मेंट्रों में किया जा रहा है। जिससे लखनऊ मेंट्रों ऑटोमेटिक काम करेगी और ड्राईवर की आवश्यकता नाममात्र की होगी। इस सुविधा को लागू करने के लिए फ्रांस की कंपनी आल्सटॉम को रेल के इन्जन व कोच बनाने का ठेका दिया गया है। जो सेंसर युक्तत इन्जन व कोच बनाएगी जिसेस सीबीटीसी सुविधा से लखनऊ मेंट्रों को स्मार्ट बनाया जाएगा।


CBTC के तहत ऐसे होता है काम

CBTC के तहत ट्रेनों में सेंसर लगाए जाते है, जो दूसरी ट्रेनों व प्लेटफार्म पर लगे सेंसरो को रीड कर सकते है। ये सेंसर आपस में कम्युनिकेट करते है और डायरेक्शन देते है। इसी के आधार पर ट्रेने रिएक्ट करती है। इस सुविधा से ट्रेनों के समय को निर्धारित किया जा सकता है। प्लेटफार्म पर लगे सेंसर में टाइम की सेटिंग कर दिया जाता है, जिसे ये सेंसर ट्रेन को मैसेज भेजता है। इसके तहत ट्रेन में लगा सेंसर समझ के रिएक्ट करता है। जिससे ट्रेन समय से प्लेटफार्म से छूटती व पहुंचती है। ट्रेनों के बीच में कम्युनिकेशन बनाने के लिए ट्रेनों से सेंसर लगाए जाते है। इसके आधार पर निर्धारित दूरी के बाद ट्रेनों के संपर्क में आने से ट्रेन एक दूरसे को संदेश भेजती है। इसके चलते ट्रेने दुर्घटना से बचा जा सकता है।

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