CBTC के तहत ट्रेनों में सेंसर लगाए जाते है, जो दूसरी ट्रेनों व प्लेटफार्म पर लगे सेंसरो को रीड कर सकते है। ये सेंसर आपस में कम्युनिकेट करते है और डायरेक्शन देते है। इसी के आधार पर ट्रेने रिएक्ट करती है। इस सुविधा से ट्रेनों के समय को निर्धारित किया जा सकता है। प्लेटफार्म पर लगे सेंसर में टाइम की सेटिंग कर दिया जाता है, जिसे ये सेंसर ट्रेन को मैसेज भेजता है। इसके तहत ट्रेन में लगा सेंसर समझ के रिएक्ट करता है। जिससे ट्रेन समय से प्लेटफार्म से छूटती व पहुंचती है। ट्रेनों के बीच में कम्युनिकेशन बनाने के लिए ट्रेनों से सेंसर लगाए जाते है। इसके आधार पर निर्धारित दूरी के बाद ट्रेनों के संपर्क में आने से ट्रेन एक दूरसे को संदेश भेजती है। इसके चलते ट्रेने दुर्घटना से बचा जा सकता है।