
High court CM yogi
लखनऊ. उत्तर प्रदेश के सरकारी विश्वविद्यालय में बढ़ती गुंडागर्दी का हाईकोर्ट की लखनऊ बेंच ने स्वतः संज्ञान लेते हुए यूपी सरकार को जरूर निर्देश जारी किए हैं। हाईकोर्ट ने यूपी सरकार को सरकारी विश्वविद्यालयों, कॉलेजों व अन्य संस्थाओं में कुछ सख्त कानून बनाने के निर्देश दिए हैं। दरअसल उच्च शिक्षा प्रदान करने वाले सरकारी संस्थाओं में कुछ छात्रों की गुंडागर्दी से पूरा माहौल खराब हो जाता है। बीते वर्ष लखनऊ विश्वविद्यालय में 4 जुलाई को हुई गुंडागर्दी इसकी बानगी है। लखनऊ खंडपीठ ने इसी मामले का संज्ञान लेते हुए उच्च शिक्षण संस्थानों की गरिमा को बचाने व वहां पढ़ाई का माहौल दुरुस्त करने के आदेश दिए हैं।
यूपी सरकार को 6 महीने का समय-
जस्टिस विक्रम नाथ व जस्टिस राजेश सिंह चौहान की बेंच ने इस संबध में यूपी सरकार को 6 महीने में जरूरी कानून बनाने के निर्देश दिए हैं। कोर्ट ने यह भी कहा कि कानून बनाते समय लखनऊ विश्वविद्यालय के कुलपति की ओर से आए सुझावों का भी ध्यान रखे। साथ ही जब तक इस दिशा में कोई कानून नहीं बनता है, तब तक उन्हीं सुझावों पर अमल किया जाए।
कोर्ट ने जताई चिंता-
कोर्ट ने सुनवाई में कहा कि सरकार हमेशा उच्च शिक्षा के लिए अच्छा खासा बजट आवंटित करती है, लेकिन उच्च शैक्षिक संस्थानों में गुंडागर्दी के कारण माहौल ऐसा हो जाता है कि मेरिटोरियस छात्र इन संस्थानों में जाने से बचते हैं।कोर्ट ने चिंता जताते हुए कहा कि इस संस्थानों में पढ़ाई का माहौल बने। ऐसा न हो कि कही ये मात्र कुछ छात्रों की राजनीतिक महत्वाकांक्षाओं का अड्डा बनकर रह जाएं। इससे एक बात तो स्पष्ट है
Updated on:
01 Mar 2019 04:20 pm
Published on:
01 Mar 2019 04:19 pm

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