
पत्रिका न्यूज नेटवर्क
लखनऊ. jila Panchayat block pramukh Election soon उत्तर प्रदेश में पंचायत चुनाव के बाद अब सबकी निगाहें जिला पंचायत अध्यक्ष और ब्लाक प्रमुख के चुनाव पर हैं। उत्तर प्रदेश में जिला पंचायत अध्यक्षों के 75 पद हैं। जबकि, 826 ब्लॉक प्रमुखों के पद पर चुनाव होना है। खास बात यह है कि यह चुनाव न तो ईवीएम पर होता है और न ही बैलट पेपर पर होता है। हर जिले में जिला प्रशासन की तरफ से उम्मीदवारों के नाम का पर्चा छपवाया जाता है। वोटर को एक विशेष पेन दी जाती है जिससे वो टिक करता है। इसी के आधार पर उम्मीदवार की जीत हार का फैसला होता है।
कैसे होता है जिला पंचायत का गठन
जिला पंचायत के निर्वाचित सदस्य, जिले में समस्त क्षेत्र पंचायतों के प्रमुख, लोक सभा और राज्य सभा के ऐसे सदस्य जिनके क्षेत्र में विकास खंड पूर्ण रूप से आता है, राज्य सभा और विधान परिषद के सदस्य जो विकास खंड के अन्दर मतदाता के रूप में पंजीकृत हैं वे जिला पंचायत अध्यक्ष के चुनाव में वोटर होते हैं। जबकि, जिला पंचायत सदस्यों का चुनाव लगभग 50 हजार की आबादी के निर्वाचन क्षेत्रों विभाजित आम जनता के द्वारा प्रत्यक्ष निर्वाचन के द्वारा किया जाता है । जिला पंचायत सदस्य बननें के लिए उम्मीदवार की आयु 21 वर्ष से कम नहीं होनी चाहिए, इसके साथ ही प्रत्याशी का नाम उस निर्वाचन जिले की मतदाता सूची मे होना चाहिए।
ब्लाक प्रमुख का चुनाव
प्रत्येक पांच वर्ष में ग्राम प्रधान और क्षेत्र पंचायत सदस्य का चुनाव कराया जाता है। इनका निर्वाचन गावं की जनता द्वारा किया जाता है, इसके बाद निर्वाचित हुए क्षेत्र पंचायत सदस्यों में से किसी एक का मतदान के द्वारा ब्लॉक प्रमुख के पद पर चयन किया जाता है, ब्लॉक प्रमुख के चुनाव में केवल क्षेत्र पंचायत सदस्य ही मतदान कर सकते है।
826 ब्लॉक प्रमुखों के पद
उत्तर प्रदेश में 75 जिला पंचायत अध्यक्षों के पद हैं। जबकि, 826 ब्लॉक प्रमुखों के पद पर चुनाव होना है। जिला पंचायत अध्यक्ष के चुनाव की प्रक्रिया में लगभग 20-22 दिन का समय लगता हैं और ब्लॉक प्रमुख के चुनाव की प्रक्रिया में 8 से 10 दिन का समय लगता है।
12 जुलाई तक होगा मतदान
कोरोना वायरस संक्रमण की वजह से जिला पंचायत अध्यक्ष और ब्लॉक प्रमुख के पदों का चुनाव मई में टाल दिया गया था। लेकिन अब माना जा रहा है कि रिक्त पड़े पंचायत चुनावों के परिणाम आने के बाद अब पंचायत अध्यक्षों का चुनाव होगा। यह चुनाव इसलिए भी जरूरी है कि 12 जुलाई से पहले जिला पंचायत अध्यक्षों का चुनाव हो जाना है। क्योंकि प्रशासकों को जो अधिकार जिला पंचायतों के मिले हैं वह 12 जुलाई को खत्म हो रहे हैं। ऐसे में 20 जून के बाद जिला पंचायत अध्यक्ष के चुनाव के लिए अधिसूचना जारी हो सकती है।
रिक्त पड़े पंचायत पदों के लिए 12 जून को वोटिंग
उत्तर प्रदेश राज्य निर्वाचन आयोग ने प्रदेश में 1,41,700 से ज्यादा पंचायत में रिक्त पड़े पदों पर चुनाव के लिए अधिसूचना जारी कर दी है। जिसमें जिला पंचायत सदस्य के 2 पद, क्षेत्र पंचायत सदस्य के 54 पद, ग्राम प्रधान के 28 पद और सबसे ज्यादा पद ग्राम पंचायत सदस्य यानी पंच के हैं, जिनकी संख्या लगभग 1 लाख 41 हज़ार 712 है। जिसमें नामांकन की तारीख 6 जून जबकि 12 जून को वोट डाले जाएंगे और 14 जून को वोटों की गिनती होगी।
भाजपा के लिए प्रतिष्ठापूर्ण हैं चुनाव
2022 के विधानसभा चुनाव से पहले यह चुनाव काफी महत्वपूर्ण है ऐसे में सत्ताधारी बीजेपी जिसे पंचायत चुनाव में सफलता हाथ नहीं लगी अब उसकी तैयारी है कि 75 में से ज्यादा से ज्यादा जिला पंचायत अध्यक्ष की सीट पर कब्जा किया जाए। जबकि नाम घोषित करने में समाजवादी पार्टी सबसे आगे है। बीजेपी फिलहाल उम्मीदवारों की तलाश में जुटी है। आप और कांग्रेस ने भी कई जिलों में अपने उम्मीदवार की घोषणा कर चुके हैं। बसपा हर जिले में भितरघात की समस्या से जूझ रही है।
Published on:
05 Jun 2021 12:54 pm

बड़ी खबरें
View Allलखनऊ
उत्तर प्रदेश
ट्रेंडिंग
