
मौन रहकर करें मौनी अमावस्या पर स्नान, दान का मिलेगा 16 गुना फल
लखनऊ. इस बार मौनी अमावस्या 24 जनवरी को है। अमावस्या तिथि का प्रारंभ 24 जनवरी 2020 को देर रात 2.18 बजे से लेकर 25 जनवरी 2020 को देर रात 3.12 बजे तक रहेगा। इस बार मौनी अमावस्या ब्रह्म मुहूर्त यानी रात के आखिरी पहर में शुरू हो रही है इसलिए यह स्नान का सबसे शुभ समय है। मौनी अमावस्या पर पूरी तरह से मौन रहने से अच्छी सेहत और ज्ञान मिलता है। मौनी अमावस्या के बारे में एक कथा प्रचालित है कि इस दिन मनु ऋषि का जन्म हुआ था और मनु शब्द से ही मौनी की उत्पत्ति हुई है। इसलिए इस अमावस्या को मौनी अमावस्या कहते हैं।
लखनऊ के मशहूर ज्योतिषाचार्य अजय श्रीवास्तव बताते हैं कि मौनी अमावस्या के व्रत में मौन धारण का विशेष महत्व है। शास्त्रों में लिखा है कि होंठों से ईश्वर का जाप करने से जितना पुण्य मिलता है, उससे कई गुणा अधिक पुण्य मौन रहकर जाप करने से मिलता है। अगर दान से पहले सवा घंटे तक मौन रख लिया जाए तो दान का फल 16 गुना अधिक मिलता है।
ज्योतिषाचार्य अजय श्रीवास्तव बताते हैं कि मौनी अमावस्या पर कैसे करें स्नान :-
सुबह या शाम को स्नान पूर्व संकल्प लें
जल को पहले सिर पर लगाएं, प्रणाम करें फिर स्नान करें
साफ कपड़े पहनें
जल में काले तिल डालकर सूर्य को अर्घ्य दें
फिर मंत्र जाप करें
सामर्थ्य के अनुसार दान करें
जल और फल ग्रहण करके उपवास रख सकते हैं
किस चीज का दान करें :- मौनी अमावस्या के दिन तेल, तिल, सूखी लकड़ी, कंबल, गरम वस्त्र, काले कपड़े, जूते दान करने का विशेष महत्व है। दूध, चावल, खीर, मिश्री, बताशा दान करने में विशेष फल की प्राप्ति होगी।
क्या न करें :-
क्रोध न करें
किसी को अपशब्द न बोलें
मौनी अमावस्या का शुभ मुहूर्त :-
अमावस्या तिथि प्रारम्भ- सुबह 2 बजकर 17 मिनट से (24 जनवरी 2020)
अमावस्या तिथि समाप्त- अगले दिन सुबह 3 बजकर 11 मिनट तक (25 जनवरी 2020)
Published on:
23 Jan 2020 06:17 pm

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