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लखनऊ मेट्रो देगी हर यात्री को 4 लाख का इन्शुरन्स

कंपनी की ओर से एक साल में या एक हादसे में अधिकतम 1 करोड़ का भुगतान ही किया जाएगा।

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लखनऊ

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Dikshant Sharma

Sep 12, 2017

Lucknow Metro

Lucknow Metro

लखनऊ। लखनऊ मेट्रो रेल कॉरपोरेशन ने यात्रियों में मेट्रो सेवा के प्रति विश्वास बढ़ाने के साथ साथ उन्हें सुरक्षित सफर मुहैया कराने से लेकर शारीरिक क्षति पर उचित मुआवजा देने की नीति भी लागू की गई है। इसके लिए यात्रियों का टोकन लेते ही या मेट्रो परिसर में घुसते ही अपने आप इन्शुरन्स हो जाएगा। इसके लिए लखनऊ मेट्रो और यूनाइटेड इंडिया इन्शुरन्स कंपनी के बीच करार हुआ है।

सभी यात्री जो मेट्रो ट्रेन में सफर करते हैं या परिसर में मौजूद हैं और उनके साथ कोई अप्रिय घटना होती है जैसे मौत, हादसे में विकलांग होना, किसी एक अंग से विकलांग होने पर हर यात्री को अधिकतम 4 लाख का इन्शुरन्स मिलेगा। कंपनी की ओर से एक साल में या एक हादसे में अधिकतम 1 करोड़ का भुगतान ही किया जाएगा। इसके अलावा आम जनता जो लखनऊ मेट्रो के कसी भी अन्य परिसर में मौजूद हो और किसी अप्रिय घटना की शिकार होती है तो ऐसे में कंपनी की ओर से एक एक्सीडेंट में अधिकतम 10 लाख और एक साल में अधिकतम 20 लाख दिया जाएगा।

बस 18 महीनों का इंतज़ार और
ट्रांसपोर्ट नगर से चारबाग तक मेट्रो रेल सेवा शुरू हो चुकी है। अब चारबाग से आगे हतरतगंज और मुंशीपुलिया तक मेट्रो रेल सेवा का हर किसी को इंतजार है। 18 महीने बाद यह इंतजार भी समाप्त हो जाएगा। अप्रैल 2019 से मुंशीपुलिया तक मेट्रो दौडऩे लगेगी। चारबाग से हजरतगंज तक तीन भूमिगत व केडी सिंह से मुंशीपुलिया तक एलिवेटड रूट पर 7 स्टेशन दिसंबर 2018 तक तैयार हो जाएंगे।
चारबाग से केडी सिंह बाबू स्टेडियम तक साढ़े तीन किमी भूमिगत मेट्रो रूट में तीन स्टेशन बनेंगे। स्टेशन रोड पर हुसैनगंज, सचिवालय व हजरतगंज में भूमिगत स्टेशन टॉप-डाउन के आधार पर कट एवं कवर विधि से बनाए जाएंगे। तीन स्टेशनों की डिजायन अन्य स्टेशनों की तुलना में अलग होगी। बापू भवन से हजरतगंज तक अप व डाउन लाइन में टनल बनकर तैयार हो चुकी है। एलएमआरसी में निदेशक इन्फ्रास्ट्रक्चर एंड वक्र्स दलजीत सिंह ने बताया कि अब सचिवालय भूमिगत स्टेशन से चारबाग की ओर टनल बनाने का काम शुरू होगा। 21 सितंबर को पहली टीबीएम लांच कर दी जाएगी। जबकि दूसरी टीबीएम चार सप्ताह बाद भी टनलिंग शुरू कर देगी। दोनों टीबीएम एक ही लाइन में सुरंग बनाएंगी। 3.440 किमी के अंडरग्राउंड रूट को मार्च 2019 तक बनाने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है।


हुसैनगंज से सचिवालय स्टेशन तक पहुंचने के लिए हैदर कैनाल के नीचे टनल से होकर मेट्रो गुजरेगी। यही पर मेट्रो का पहला भूमिगत स्टेशन भी बनेगा। स्टेशन रोड पर हैदर कैनाल के नीचे टनल बनाई जाएगी। 16 मीटर गहराई में टनल बनेगी जबकि 14 मीटर की गहराई पर मेट्रो रेल गुजरेगी। वहीं टनल के ऊपर नाला बहता रहेगा। यहीं पर पहला स्टेशन भी बनाया जाना है। इसके लिए 1559.60 वर्ग मीटर भूमि नगर निगम से ली है।

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